मीम कॉइन बॉन्क (BONK) सोमवार को कारोबार के दौरान 7% से ज्यादा टूटकर 0.00000318 डॉलर पर आ गया, जो पूरे क्रिप्टो बाजार में दिख रही व्यापक कमजोरी को भी दर्शाता है। ठीक इसी बीच दक्षिण कोरिया के बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज अपबिट ने इस टोकन को अपने प्लेटफॉर्म से पूरी तरह हटाने का ऐलान कर दिया।
अपबिट ने क्यों दिखाया बॉन्क को बाहर का रास्ता
अपबिट के मुताबिक, बॉन्क की समीक्षा में कई गंभीर खामियां सामने आईं जिन्हें समय रहते ठीक नहीं किया जा सका। इनमें टोकन के नेटवर्क पर हुई सुरक्षा सेंधें शामिल हैं, जैसे हैकिंग की घटनाएं, जिनकी अब तक ठीक से वजह नहीं बताई गई है। इसके अलावा टोकन के वॉलेट ढांचे और उसे जारी करने तथा सुरक्षित रखने में इस्तेमाल होने वाली डिस्ट्रिब्यूशन लेजर से जुड़ी दिक्कतें भी अनसुलझी रहीं। यही वजह रही कि अपबिट ने अस्थायी पाबंदी की बजाय सीधे डीलिस्टिंग का रास्ता चुना।
यह फैसला अचानक नहीं आया। अपबिट ने 7 जुलाई को ही बॉन्क को सतर्कता वाला ट्रेडिंग आइटम घोषित कर दिया था, ताकि प्रोजेक्ट को अपनी खामियां सुधारने का मौका मिल सके। लेकिन एक्सचेंज की अपनी नीति के मुताबिक, अगर तय समय में दिक्कतें दूर नहीं होतीं तो टोकन को हटाना तय है, और बॉन्क के मामले में भी यही हुआ।
सोमवार से ट्रेडिंग बंद, 7 अक्टूबर तक निकाल सकेंगे पैसा
सोमवार से अपबिट पर निवेशक बॉन्क को न तो खरीद पाएंगे और न ही बेच पाएंगे। हालांकि एक्सचेंज ने निकासी की सुविधा 7 अक्टूबर तक जारी रखने का फैसला किया है, यानी निवेशकों के पास अपने टोकन एक्सचेंज से बाहर निकालने के लिए करीब एक महीने का समय है। वहीं जमा यानी डिपॉजिट की सुविधा पहले ही रोकी जा चुकी है और आगे भी बंद रहेगी। अपबिट ने साफ चेतावनी दी है कि इस दौरान कोई भी निवेशक एक्सचेंज पर बॉन्क न भेजे, क्योंकि ऐसे फंड जमा नहीं किए जाएंगे।
मैंट्रा पर भी एक्सचेंज की नजर
सिर्फ बॉन्क ही नहीं, अपबिट ने मैंट्रा (MANTRA) और उससे जुड़े ट्रेडिंग पेयर को भी सतर्कता वाली सूची में डाल दिया है। फिलहाल मैंट्रा के लिए जमा और निकासी, दोनों सुविधाएं अस्थायी तौर पर रोक दी गई हैं, जबकि एक्सचेंज इसकी भी समीक्षा कर रहा है। इससे साफ है कि अपबिट फिलहाल सिर्फ बॉन्क को ही निशाना नहीं बना रहा, बल्कि कई टोकन को सख्ती से परख रहा है।
चार्ट पर बॉन्क की तस्वीर मिलीजुली
डीलिस्टिंग की खबर के बावजूद बॉन्क का तकनीकी नजरिया पूरी तरह से नकारात्मक नहीं दिखता। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI फिलहाल 55 पर है और धीरे धीरे 50 के मध्य स्तर की ओर खिसक रहा है, जो बताता है कि बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है और बाजार में मंदड़ियों की पकड़ मजबूत हो रही है।
दूसरी तरफ, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डायवर्जेंस यानी MACD अभी भी अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और हिस्टोग्राम भी पॉजिटिव जोन में है। ये दोनों संकेत बताते हैं कि मौजूदा मोमेंटम अभी गहरी गिरावट की बजाय स्थिर रुख की ओर झुका हुआ है। अगर कीमत 0.00000367 डॉलर के सप्लाई स्तर को पार कर जाती है, तो बॉन्क में 0.00000400 डॉलर से ऊपर के हाई की तरफ बढ़त का रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल हालांकि डीलिस्टिंग की खबर चार्ट के संकेतों पर भारी पड़ रही है। यह टोकन अपने हालिया निचले स्तर बचा पाएगा या नहीं, यह तकनीकी मोमेंटम से ज्यादा इस बात पर निर्भर करेगा कि अपबिट के यूजर्स कितनी तेजी से अपने फंड एक्सचेंज से बाहर निकालते हैं।



















