अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर नीतियों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर वैश्विक बाजारों में सोने की चाल पर पड़ रहा है। बिना किसी ब्याज रिटर्न वाली इस कीमती धातु पर लगातार दबाव बना हुआ है, हालांकि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के चलते इसके दाम में बड़ी गिरावट टल गई है। बाजार में जापानी येन के मजबूत होने से डॉलर पर दबाव बढ़ा है, जिससे निवेशकों का रुख प्रभावित हो रहा है।
तकनीकी स्तर और मौजूदा बाजार स्थिति
चार्ट पर नजर डालें तो सोना 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर टिका हुआ है, लेकिन नकारात्मक एमएसीडी के संकेत बता रहे हैं कि निकट अवधि में मंदी का रुख हावी है। लाइव डेटा के अनुसार, सोना वर्तमान में 4,477 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 4,430 डॉलर से 1.06 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 3,590 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का आरएसआई 55 पर है, जबकि एमएसीडी रीडिंग में मंदी का रुझान बरकरार है।
डॉलर और येन की चाल का असर
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को मापता है, 98.95 के आसपास कारोबार कर रहा है और यह दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब मंडरा रहा है। उधर, यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी 154.50 के आसपास कारोबार कर रही है, जो महीने की शुरुआत से अब तक करीब 3.30 प्रतिशत गिर चुकी है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में अगस्त महीने में नॉनफार्म पेरोल में 162,000 की वृद्धि दर्ज की गई, जो बाजार के 56,000 के अनुमान से काफी अधिक थी, जबकि बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही।
भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार का प्रभाव
सप्ताहांत के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी के पास ईरानी बख्तरबंद जहाजों के हमलों के जवाब में कार्रवाई की। इस संघर्ष का सोने पर सीमित असर देखा जा रहा है क्योंकि बाजार का ध्यान ऊर्जा कीमतों के कारण बढ़ने वाली महंगाई पर है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड ऑयल 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है, जो जुलाई के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब है। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, 15-16 सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना करीब 58 प्रतिशत आंकी जा रही है।
केंद्रीय बैंकों की भूमिका और ऐतिहासिक महत्व
ऐतिहासिक रूप से सोने को हमेशा से मूल्य संचय और विनिमय के एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में देखा गया है। आभूषणों के अलावा, संकट के समय इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी करते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था, जिसका कुल मूल्य लगभग 70 अरब डॉलर था। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते देशों के केंद्रीय बैंक इसमें सबसे आगे रहे हैं।



















