क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सप्ताह के शुरुआती दिनों में देखने को मिले सीमित कंसोलिडेशन के बाद एक बार फिर सकारात्मक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के बीच शीर्ष डिजिटल संपत्तियों ने निचले स्तरों से शानदार वापसी की है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने दोबारा 84,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक दायरे को अपने नियंत्रण में लिया और यह 84,600 डॉलर के पार निकल गया। इसी सकारात्मक माहौल का फायदा उठाते हुए इथेरियम और एक्सआरपी ने भी अपने निकटतम तकनीकी स्तरों पर मजबूत पकड़ बना ली है, जिससे अल्पावधि में तेजी जारी रहने की संभावना को बल मिल रहा है।
बिटकॉइन के चार्ट पर क्या कह रहे हैं तकनीकी संकेतक
बिटकॉइन की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद आया यह उछाल खरीदारों के मजबूत नियंत्रण को दर्शाता है। दैनिक चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अर्थात आरएसआई 65 के स्तर पर बना हुआ है, जो स्पष्ट करता है कि बाजार में बढ़त की रफ्तार तो मजबूत है लेकिन यह अभी ओवरबॉट या अत्यधिक खरीदारी वाले जोखिम भरे क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। इसके अलावा मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी भी पॉजिटिव जोन में ट्रेड कर रहा है और इसकी सिग्नल लाइन शून्य के ऊपर टिकी हुई है। यह ढांचा बताता है कि हालिया तेजी के बाद भी खरीदारी का रुझान संरचनात्मक रूप से बना हुआ है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, बिटकॉइन 84,261 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है और इसका पिछले सत्र का बंद भाव 84,383 डॉलर दर्ज किया गया था। इसका 52 हफ्तों का निचला दायरा 57,748 डॉलर और उच्चतम दायरा 95,802 डॉलर रहा है। वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20 दिनों के औसत वॉल्यूम का 1.21 गुना चल रहा है, जो निवेशकों की सक्रिय भागीदारी की पुष्टि करता है। चार्ट पर 20-डे ईएमए 80,358 डॉलर, 50-डे ईएमए 76,111 डॉलर और 200-डे ईएमए 74,687 डॉलर पर स्थित हैं। पचास दिनों का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज दो सौ दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो तकनीकी रूप से बुलिश गोल्डन क्रॉस पैटर्न को कायम रखे हुए है।
बिटकॉइन के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस जोन
ऊपरी स्तरों पर नजर डालें तो बिटकॉइन के लिए फौरी रुकावट 84,699 डॉलर से 85,000 डॉलर के क्षैतिज दायरे में मौजूद है, जिसके बाद अगला रेजिस्टेंस 85,136 डॉलर के आसपास माना जा रहा है। यदि यह संपत्ति 85,000 डॉलर के अवरोध को निर्णायक रूप से पार करने में सफल रहती है, तो यह 87,364 डॉलर के हालिया हाई की ओर तेजी दिखा सकती है। अल्पावधि ट्रेंड चैनल से संकेत मिलता है कि निवेशक लगातार ऊंची कीमतों पर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे नए उच्चतम स्तरों की राह खुल सकती है।
दूसरी ओर, यदि कीमतों में मुनाफावसूली या गिरावट का दबाव बनता है, तो पहला तात्कालिक सपोर्ट 83,936 डॉलर और 83,612 डॉलर पर स्थित है। अधिक व्यापक करेक्शन की स्थिति में 50-डे ईएमए 76,474 डॉलर (लाइव गणना में 76,111 डॉलर) पर खरीदारों का मजबूत आधार प्रदान कर सकता है। इसके अलावा 200-डे ईएमए 73,956 डॉलर और 100-डे ईएमए 73,309 डॉलर के स्तर पर मिलकर एक मजबूत डिमांड जोन तैयार करते हैं। यदि बाजार में बहुत तेज बिकवाली होती है, तो निचले स्तरों पर 66,500 डॉलर और 62,300 डॉलर के सपोर्ट स्तर मौजूद रहेंगे, जहां खरीदार दोबारा स्थिति को संभालने का प्रयास कर सकते हैं। मध्यम अवधि के दृष्टिकोण से बिटकॉइन ने गिरावट वाले ट्रेंड चैनल की ऊपरी सीमा को तोड़ दिया है, जिससे आगे और मजबूती की उम्मीद बंधी है।
इथेरियम में सुधार की चाल और अगला लक्ष्य
स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्लेटफॉर्म का प्रमुख टोकन इथेरियम भी सकारात्मक रुझान के साथ 2,688 डॉलर के स्तर को दोबारा हासिल करने में कामयाब रहा है। तकनीकी संरचना को देखें तो यह एसेट अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से काफी ऊपर मजबूती से टिका हुआ है, जो इसके निकट-अवधि के बुलिश बायस को रेखांकित करता है। चार्ट पर 2,500.00 डॉलर का क्षैतिज दायरा अब नजदीकी सपोर्ट के रूप में बदल चुका है, जो गिरावट पर सुरक्षा कवच का काम करेगा।
गति के पैमानों की बात करें तो इथेरियम का आरएसआई 60 के दायरे में मजबूती दिखा रहा है, जबकि एमएसीडी इंडिकेटर सकारात्मक इलाके में हल्का ऊपर बना हुआ है। यह स्थिति संकेत देती है कि हालिया कंसोलिडेशन के बावजूद खरीदारों का दबाव लगातार बना हुआ है। ऊपरी दिशा में इथेरियम के लिए सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बाधा 3,000 डॉलर के स्तर पर स्थित है। एक नई तेजी की लहर की शुरुआत के लिए खरीदारों को इस 3,000 डॉलर के बैरियर को पार करना जरूरी होगा।
नीचे की ओर, यदि बाजार में बिकवाली आती है तो 2,500 डॉलर का स्तर पहला बचाव बिंदु होगा। इसके बाद 50-डे ईएमए 2,393 डॉलर पर सपोर्ट प्रदान करेगा, जबकि 100-डे ईएमए 2,239 डॉलर और 200-डे ईएमए 2,246 डॉलर (लगभग 2,240 डॉलर का क्लस्टर) पर संरचनात्मक निचला स्तर बनाते हैं। यदि गिरावट ज्यादा गहरी होती है, तो ऐतिहासिक क्षैतिज स्तर 2,000 डॉलर और 1,385 डॉलर पर नजर रखनी होगी, हालांकि वर्तमान ट्रेंड को देखते हुए ईएमए क्लस्टर के ऊपर ही मांग लौटने की पूरी संभावना है।
एक्सआरपी की वापसी और आगामी तकनीकी लेवल्स
तीसरी प्रमुख संपत्ति एक्सआरपी में भी गुरुवार को दर्ज 2.25% की बढ़त के बाद सकारात्मक मोमेंटम बना हुआ है और यह शुक्रवार को 1.539 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है। चार्ट पर कीमत 1.290 डॉलर से 1.360 डॉलर के बीच स्थित मूविंग एवरेज के क्लस्टर से ऊपर बनी हुई है, जो यह स्पष्ट करती है कि लंबी अवधि का अपट्रेंड बरकरार है। एक्सआरपी का आरएसआई 62 पर स्थित है, जो ओवरबॉट स्थिति में पहुंचे बिना ठोस मजबूती का संकेत दे रहा है। वहीं शून्य से ऊपर स्थिर एमएसीडी संकेत दे रहा है कि तेजी का दबाव लगातार हावी है।
ऊपरी स्तरों पर एक्सआरपी के लिए प्राथमिक रेजिस्टेंस 1.900 डॉलर के क्षैतिज बैरियर पर देखा जा रहा है, जहां तेजी जारी रहने पर सेलर्स की ओर से बिकवाली का दबाव सामने आ सकता है। वहीं गिरावट की स्थिति में फौरी सहारा 200-डे ईएमए 1.363 डॉलर और 50-डे ईएमए 1.341 डॉलर के स्तरों पर मिलेगा। इसके नीचे 1.300 डॉलर का क्षैतिज स्तर और 100-डे ईएमए 1.290 डॉलर अतिरिक्त मांग प्रदान करेंगे। यदि अत्यधिक बिकवाली का दौर आता है, तो 1.000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर मुख्य संरचनात्मक बेस का काम करेगा।
क्रिप्टो बाजार की दिशा तय करने वाले बुनियादी कारक
तकनीकी संकेतकों के साथ-साथ कई आधारभूत कारक डिजिटल परिसंपत्तियों के मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाते हैं। नए टोकन लॉन्च बाजार के प्रतिभागियों के बीच अपनाव और मांग को सीधे प्रभावित करते हैं। जब कोई एसेट प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों पर लिस्ट होता है, तो इससे उसकी लिक्विडिटी में विस्तार होता है और नए निवेशक नेटवर्क से जुड़ते हैं, जिसे आमतौर पर कीमतों के लिए सकारात्मक माना जाता है।
इसके विपरीत, सुरक्षा से जुड़ी खामियां और हैक बाजार के लिए गंभीर जोखिम पैदा करते हैं। ऐसी घटनाओं में जब कोई हैकर किसी डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस ब्रिज या एक्सचेंज के हॉट वॉलेट की कमजोरियों का फायदा उठाकर बड़ी मात्रा में टोकन चुराता है, तो वह उन्हें तुरंत भुनाने या बेचने की कोशिश करता है। इससे निवेशकों में घबराहट फैलती है और संबंधित संपत्ति में भारी बिकवाली शुरू हो जाती है।
व्यापक आर्थिक परिस्थितियां, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले, अमेरिकी डॉलर के जरिए क्रिप्टो बाजार पर गहरा असर डालते हैं। ब्याज दरों में वृद्धि अक्सर बिटकॉइन और अन्य ऑल्टकॉइन्स पर नकारात्मक दबाव डालती है क्योंकि डॉलर मजबूत होता है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने पर जोखिम भरी संपत्तियों के लिए लीवरेज सस्ता हो जाता है, जिससे क्रिप्टो कीमतों को बढ़ावा मिलता है। इसके अतिरिक्त, बिटकॉइन हाल्विंग जैसे आपूर्ति-संबंधित चक्र भी तेजी के बड़े चालक होते हैं, क्योंकि माइनर्स को मिलने वाले ब्लॉक रिवॉर्ड में आधी कटौती से नई आपूर्ति सीमित हो जाती है और स्थिर मांग की स्थिति में कीमतें ऊपर जाती हैं।


















