क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन दबाव देखा गया और बिटकॉइन फिसलकर 84,000 डॉलर के नीचे कारोबार करता नजर आया। इससे पिछले कारोबारी दिन यानी बुधवार को डिजिटल टोकन में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद मुनाफावसूली ने कीमतों को और नीचे धकेल दिया। इस ताजा सुस्ती के बावजूद बाजार के बुनियादी पहलू पूरी तरह कमजोर नहीं पड़े हैं। अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ में लगातार पूंजी प्रवाह और 100 से 1,000 बिटकॉइन रखने वाले प्रमुख वॉलेट्स द्वारा निरंतर की जा रही खरीदारी कीमतों को निचली सतह पर मजबूत सहारा दे सकती है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार बिटकॉइन 83,538 डॉलर के आसपास बना हुआ है, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 84,383 डॉलर था।
संस्थागत पूंजी का भरोसा और स्पॉट ईटीएफ प्रवाह
कीमतों में हालिया गिरावट के बावजूद संस्थागत निवेशकों की मांग काफी मजबूत बनी हुई है। सोसोवैल्यू के आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिकी बाजारों में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में बुधवार को 346.98 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। यह पिछले सप्ताह से शुरू हुए सकारात्मक रुझान के तहत लगातार पांचवां ऐसा दिन रहा जब ईटीएफ में पूंजी आई। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में इस तरह का निवेश पूरे सप्ताह जारी रहता है और रफ्तार पकड़ता है, तो कीमतों में चल रही यह सुस्ती जल्द ही नई तेजी में बदल सकती है। यह संस्थागत प्रवाह स्पष्ट करता है कि पेशेवर फंड मैनेजर मौजूदा गिरावट को खरीदारी के अवसर के तौर पर देख रहे हैं।
स्मार्ट मनी और बड़े व्हेल्स का संचय
बाजार के लिए एक और अहम सकारात्मक संकेत बड़े निजी निवेशकों से आ रहा है। 100 से 1,000 बिटकॉइन रखने वाले वॉलेट समूह ने 15 जुलाई के बाद से अपने पोर्टफोलियो में 113,950 बिटकॉइन जोड़े हैं। इस आक्रामक संचय के चलते इस समूह की कुल हिस्सेदारी 2.22 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5.24 मिलियन बिटकॉइन तक पहुंच गई है। ऑन-चेन डेटा प्रदाता सेंटिमेंट के पांच साल के ऐतिहासिक अध्ययन से पता चलता है कि 100 से 1,000 बिटकॉइन रखने वाले खातों का व्यवहार पूरे क्रिप्टो बाजार की दिशा तय करने में बेहद सटीक साबित हुआ है। इस वर्ग को बाजार का स्मार्ट मनी माना जाता है, जो आमतौर पर कीमतों में तेज उछाल आने से ठीक पहले या उसके शुरुआती दौर में सिक्के जुटाना शुरू करता है।
अगस्त के मध्य से शुरू हुई तेज रिकवरी के साथ-साथ इन बड़े वॉलेट्स का लगातार खरीदारी करना यह दिखाता है कि वर्तमान रैली केवल खुदरा निवेशकों की भावनाओं पर आधारित नहीं है। इसमें अच्छी पूंजी वाले बड़े धारकों की सक्रिय भागीदारी शामिल है। जब खुदरा बाजार में घबराहट और नकारात्मक भावनाएं बढ़ रही हों, तब इस श्रेणी की स्थिर खरीदारी एक मूल्यवान संकेत देती है जो कीमतों को बड़ा सहारा प्रदान करती है।
तकनीकी संकेतक और प्रमुख स्तर
तकनीकी चार्ट पर बिटकॉइन का व्यापक अपट्रेंड अभी भी बरकरार है। दैनिक चार्ट पर 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 62 से 63 के आसपास घूम रहा है, जो स्थिर और संतुलित तेजी का संकेत देता है और यह दर्शाता है कि बाजार अभी ओवरबॉट क्षेत्र में नहीं है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD हिस्टोग्राम 444.48 के साथ सकारात्मक दायरे में बना हुआ है, जहां सिग्नल लाइन 1974.51 के मुकाबले एमएसीडी लाइन 2418.98 पर टिकी है। इसके अलावा 50-दिवसीय ईएमए और 200-दिवसीय ईएमए के बीच बना गोल्डन क्रॉस लंबी अवधि के तेजी के ढांचे को मजबूती दे रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 80,289 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 76,083 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 74,688 डॉलर पर स्थित हैं।
ऊपरी स्तरों पर 84,404 डॉलर और 85,000 डॉलर के आसपास क्षैतिज अवरोध मौजूद है। यदि बिटकॉइन 85,000 डॉलर के स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लेता है, तो आगे चलकर 100,000 डॉलर के ऐतिहासिक मनोवैज्ञानिक आंकड़े की ओर रास्ता खुल सकता है। दूसरी तरफ यदि मुनाफावसूली का दबाव बढ़ता है, तो निकट अवधि में 82,831 डॉलर और 82,125 डॉलर पर पहला सहारा मिलेगा। गहरा सुधार आने की स्थिति में 50-दिवसीय ईएमए 76,096 डॉलर, 200-दिवसीय ईएमए 73,858 डॉलर और 100-दिवसीय ईएमए 73,060 डॉलर पर मजबूत ढांचागत समर्थन पेश करेंगे। यदि भाव 66,500 डॉलर और 62,300 डॉलर के निचले स्तरों की ओर भी फिसलते हैं, तब भी बाजार का दीर्घकालिक बुलिश ढांचा सुरक्षित रहेगा। मल्टी-हॉराइजन तकनीकी विश्लेषण के अनुसार अल्पकालिक नजरिए से 81,000 अंक पर और मध्यम अवधि में 82,000 अंक पर मजबूत आधार उपलब्ध है।
क्रिप्टो बाजार की बुनियादी संरचना
बिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के हिसाब से सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति है, जिसे स्वतंत्र मुद्रा के रूप में डिजाइन किया गया था ताकि किसी केंद्रीय संस्था या बिचौलिए के बिना वित्तीय लेनदेन संभव हो सके। इसके समानांतर अन्य क्रिप्टोकरेंसी जिन्हें ऑल्टकॉइन कहा जाता है, बाजार में व्यापक विविधता लाते हैं। कुछ विश्लेषक एथेरियम को स्वतंत्र दर्जा देते हैं, जबकि लाइटकॉइन को बिटकॉइन प्रोटोकॉल से अलग होकर बना पहला ऑल्टकॉइन माना जाता है।
बाजार की तरलता को सुगम बनाने के लिए स्टेबलकॉइन अहम भूमिका निभाते हैं, जिनका मूल्य अमेरिकी डॉलर जैसी पारंपरिक परिसंपत्तियों से बंधा होता है। इसके अलावा बिटकॉइन डॉमिनेंस यानी कुल बाजार पूंजीकरण में बिटकॉइन का अनुपात निवेशकों के मूड को दर्शाता है। तेजी के चक्र में बिटकॉइन डॉमिनेंस बढ़ता है, जबकि इसके घटने पर अक्सर पूंजी अन्य ऑल्टकॉइन्स की ओर स्थानांतरित होती है, जिससे व्यापक बाजार में तेजी आती है।
अन्य टोकन और विकेंद्रीकृत वित्त का रुख
बिटकॉइन में ठहराव के बीच व्यापक क्रिप्टो बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। रिपल यानी XRP बुधवार को बढ़त के साथ 1.60 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा, जो पिछले छह दिनों से लगातार ऊपर चढ़ रहा है। वहीं एथेरियम 2,700 डॉलर के स्तर से ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। विकेंद्रीकृत वित्त क्षेत्र में नियर प्रोटोकॉल ने ओन्डो के साथ साझेदारी की घोषणा की है, जिसका मकसद टोकनाइज्ड अमेरिकी शेयरों और ईटीएफ को एक सुरक्षित खाते में लाना है। उधर हाइपरलिक्विड पिछले दिन 3 प्रतिशत की तेजी के बाद 98.03 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छूकर थोड़ा नरम हुआ और 97 डॉलर के नीचे आ गया। डेफीलामा के आंकड़ों के अनुसार हाइपरलिक्विड स्टेबलकॉइन को छोड़कर राजस्व के मामले में अग्रणी डेफी प्रोटोकॉल बनकर उभरा है।



















