देशभर में 8 नवंबर 2026 को रविवार के दिन दीपावली का पावन पर्व पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। दीपोत्सव की इस खास रात पूरा घर दीपों की रोशनी से जगमगा उठता है। पूजन के दौरान आमतौर पर 5-7 दीपक शुद्ध देसी घी के जलाए जाते हैं, जिसे मां लक्ष्मी की कृपा पाने का शुभ माध्यम माना जाता है। हालांकि, त्योहारी सीजन में बाजार में मिलने वाले घी में अक्सर मिलावट की संभावना बनी रहती है। ऐसे में बाजार से घी खरीदने के बजाय घर पर ही बेहद आसान तरीकों से खुशबूदार और दानेदार देसी घी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए न तो ज्यादा तामझाम की जरूरत होती है और न ही घंटों तक छाछ मथने की मेहनत करनी पड़ती है। केवल दूध की मलाई का सही इस्तेमाल करके मात्र आधे घंटे में शुद्ध देसी घी निकाला जा सकता है।
सीधे मलाई से आधे घंटे में तैयार करें शुद्ध दानेदार घी
घर में दानेदार देसी घी तैयार करने की सबसे तेज और सरल विधि सीधे मलाई को पकाने की है। इसके लिए रोजाना दूध से निकलने वाली मलाई को छह-सात दिन तक एक बड़े कटोरे में इकट्ठा करके फ्रिज में सुरक्षित रख लें। जब पर्याप्त मात्रा में मलाई जमा हो जाए, तो उसे फ्रिज से बाहर निकालकर सीधे कड़ाही में डाल दें। गैस जलाकर धीमी आंच पर मलाई को पिघलाना शुरू करें। इस दौरान करछी की मदद से मलाई को लगातार चलाते रहना आवश्यक है ताकि वह तले में चिपके नहीं। लगभग 15-20 मिनट तक मलाई को मंद आंच पर ही पकने दें। जैसे-जैसे मलाई पकेगी, उसका कच्चापन पूरी तरह खत्म होने लगेगा और क्रीम से घी अलग होना शुरू हो जाएगा।
इसके बाद गैस की आंच को धीरे-धीरे तेज कर दें और 5-7 मिनट तक तेज आंच पर लगातार चलाते हुए मलाई को पकाते रहें। कुछ ही देर में क्रीम पूरी तरह घी छोड़ देगी और मलाई के बारीक दाने सुनहरे-भूरे रंग में तब्दील हो जाएंगे। साथ ही मलाई से सोंधी और बेहतरीन खुशबू आनी शुरू हो जाएगी। जब दाने पूरी तरह ब्राउन नजर आने लगें, तब गैस बंद कर दें। अब एक साफ छन्नी की सहायता से घी को छानकर किसी बर्तन में निकाल लें और उसे सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। ठंडा होते ही दानेदार शुद्ध देसी घी पूरी तरह तैयार हो जाएगा। यह घी पूरी तरह मिलावट मुक्त होता है, जिसका उपयोग भोजन में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ दीपावली पर पूजा के दीपक जलाने के लिए भी बेझिझक किया जा सकता है।
मक्खन निकालकर घी बनाने का दूसरा आसान पारंपरिक तरीका
मलाई से शुद्ध घी निकालने का एक और सरल व कारगर तरीका भी अपनाया जा सकता है। इसके लिए 5-7 दिनों तक दूध को अच्छी तरह उबालकर उसकी मलाई एक बर्तन में जमा करते रहें। जब मलाई की अच्छी मात्रा इकट्ठी हो जाए, तो पहले उसे धीमी आंच पर हल्का सा पका लें। पकने के बाद जब यह मलाई पूरी तरह ठंडी हो जाए, तो इसे रातभर के लिए फ्रिज में रख दें। अगली सुबह फ्रिज से मलाई निकालें और उसमें थोड़ा सा सादा पानी मिला लें।
इसके बाद मलाई को हाथ से या चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंटना शुरू करें। लगभग 5 मिनट तक लगातार फेंटने पर ही मलाई से सफेद मक्खन पूरी तरह अलग होकर ऊपर तैरने लगेगा। इस मक्खन को निकालकर एक अलग कटोरे में रख लें। अब एक साफ कड़ाही को गैस पर चढ़ाएं और उसमें इस ताजे मक्खन को डाल दें। तेज आंच पर मक्खन को रखें और करछी से लगातार चलाते रहें। तेज आंच पर पकाते हुए करीब 20 मिनट के भीतर मक्खन पिघलकर साफ घी के रूप में अलग हो जाएगा। जब घी पकने लगे और उसमें अच्छी खुशबू बढ़ानी हो, तो पकाते समय उसमें थोड़ी सी दालचीनी मिला दें। यदि घर में दालचीनी उपलब्ध न हो, तो नींबू की तीन-चार हरी पत्तियां भी डाली जा सकती हैं। इससे घी की प्राकृतिक सुगंध काफी बढ़ जाती है और घर में ही बेहतरीन गुणवत्ता का दानेदार घी बनकर तैयार हो जाता है।
















