क्रिप्टोकरेंसी बाजार के प्रमुख डिजिटल एसेट बिटकॉइन में तेजी का सिलसिला फिलहाल कड़े अवरोध से टकरा गया है। गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान बिटकॉइन 84,000 डॉलर के स्तर से नीचे सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा, जब एक दिन पहले खरीदार 85,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक बैरियर से ऊपर दैनिक क्लोजिंग हासिल करने में असफल रहे थे। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार बढ़त, डॉलर इंडेक्स में नया उछाल और संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने मिलकर इस डिजिटल टोकन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि व्यापक तकनीकी चार्ट पर लंबी अवधि का रुझान अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
संस्थागत बिकवाली ने तोड़ा लगातार निवेश का क्रम
क्रिप्टो बाजार में पिछले कुछ हफ्तों से बनी तेजी को संस्थागत पूंजी का जोरदार समर्थन मिल रहा था, लेकिन अब इस मांग में सुस्ती के संकेत उभरे हैं। अमेरिकी एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हाजिर बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) से बुधवार को 148.69 मिलियन डॉलर (करीब 14.869 करोड़ डॉलर) की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। सोसोवैल्यू (SoSoValue) के आंकड़ों के मुताबिक, इस बिकवाली ने मध्य सितंबर से लगातार नौ कारोबारी सत्रों से चले आ रहे पूंजी प्रवाह के सिलसिले को पूरी तरह खत्म कर दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि 21 सितंबर के बाद से ही ईटीएफ में नया पैसा आने की रफ्तार धीमी पड़ने लगी थी, जो आखिरकार बुधवार को शुद्ध बिकवाली में तब्दील हो गई। संस्थागत पोर्टफोलियो प्रबंधकों की ओर से खरीद की रफ्तार घटना इस बात का संकेत है कि मौजूदा ऊंचे स्तरों पर नया जोखिम लेने से बचा जा रहा है। यदि फंड्स से यह पूंजी निकासी आगे भी जारी रहती है या इसका दायरा बढ़ता है, तो बिटकॉइन के भाव में नीचे की तरफ एक और तेज सुधारात्मक गिरावट देखने को मिल सकती है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती का दोहरा झटका
मैक्रोइकॉनॉमिक मोर्चे पर पारंपरिक वित्तीय बाजारों से मिल रहे संकेत भी जोखिम वाली संपत्तियों के अनुकूल नहीं रहे। 5 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर मिलने वाला यील्ड बढ़कर 5% के पार निकल गया है, जबकि 10 साल की मैच्योरिटी वाले ट्रेजरी पेपर्स का यील्ड 5.2% से ऊपर बना हुआ है। दोनों ही यील्ड लगभग 19 साल के अपने उच्चतम स्तर पर टिके हुए हैं। जब सरकारी गारंटी वाले बॉन्ड्स पर इतना ऊंचा रिटर्न मिल रहा हो, तो बड़े निवेशक स्वाभाविक रूप से बिटकॉइन जैसी अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाली जोखिम संपत्तियों से पैसा निकालकर फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में लगाना पसंद करते हैं।
इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) ने भी अपनी ताकत दिखाई है। दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर का इंडेक्स गुरुवार को 101.80 के स्तर को पार कर गया, जो जून के बाद से इसका सबसे ऊंचा स्तर है। मजबूत होता डॉलर आमतौर पर कमोडिटीज और क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर बिकवाली का दबाव बढ़ाता है। इसके चलते हालिया पीसीई मुद्रास्फीति में आई नरमी का जो सकारात्मक असर बाजारों को मिल सकता था, वह बॉन्ड यील्ड और डॉलर की तेजी के आगे पूरी तरह दब गया।
ब्याज दरों के अनुमान और आने वाले आर्थिक आंकड़े
फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी मौद्रिक नीति बैठक में उठाए जाने वाले कदमों को लेकर भी बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। सीएमई ग्रुप के फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को बाजार आगामी बैठक में नीतिगत दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की केवल 37.1% संभावना मानकर चल रहा है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को यही संभावना 70.86% आंकी जा रही थी। दरों में बदलाव की उम्मीदों में आए इस भारी बदलाव ने व्यापारियों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर किया है।
बिटकॉइन ने शुरुआत में मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी और इंट्राडे कारोबार के दौरान 85,649 डॉलर के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि मुनाफावसूली हावी होने से यह उछाल टिक नहीं सका और दिन के अंत में यह गिरकर 83,623 डॉलर पर बंद हुआ। अब बाजार सहभागियों की नजरें अमेरिका के आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) और शुक्रवार को जारी होने वाली महत्वपूर्ण नॉनफार्म पेरोल्स (एनएफपी) रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हैं। इसके अतिरिक्त फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) के प्रमुख सदस्यों के बयानों पर भी करीबी नजर रखी जाएगी, जिससे डॉलर की दिशा और क्रिप्टो बाजार की अगली चाल तय होगी।
चार्ट पर समर्थन और प्रतिरोध के प्रमुख तकनीकी स्तर
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो बिटकॉइन को इस सप्ताह दो बार 85,000 डॉलर के स्तर पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, बिटकॉइन का भाव 83,748 डॉलर के आसपास है, जो पिछले बंद स्तर 83,554 डॉलर से मामूली 0.23% अधिक है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस क्रिप्टोकरेंसी का दायरा 57,748 डॉलर से लेकर 91,100 डॉलर के बीच रहा है, जबकि मौजूदा कारोबारी वॉल्यूम इसके 20 दिनों के औसत के मुकाबले 1.16 गुना चल रहा है।
कीमतें अपने महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के ऊपर टिकी हुई हैं, जो तेजी के व्यापक ढांचे को सुरक्षा प्रदान करती हैं। 50-दिवसीय ईएमए 78,013 डॉलर पर स्थित है और अल्पकालिक रुझान को सहारा दे रहा है, जबकि 200-दिवसीय ईएमए 75,244 डॉलर पर और 100-दिवसीय ईएमए 74,490 डॉलर पर व्यापक समर्थन आधार तैयार कर रहे हैं। 50-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए के बीच बना गोल्डन क्रॉस लंबी अवधि के बुलिश ट्रेंड की पुष्टि करता है।
डेली चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 62 के स्तर पर है, जो लगातार जारी खरीद रुचि की ओर इशारा करता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) 1966.92 पर है जो सिग्नल लाइन 2149.63 के नीचे बना हुआ है। इसका हिस्टोग्राम -182.71 पर नकारात्मक क्षेत्र में है, जो संकेत देता है कि ऊपरी स्तरों से हालिया गिरावट के बाद बढ़त की ताकत अभी थोड़ी नाजुक है। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए पिवट पॉइंट 83,748 डॉलर पर है, जिसमें पहला प्रतिरोध R1 84,331 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध R2 84,914 डॉलर पर मौजूद है। गिरावट की स्थिति में पहला सपोर्ट S1 83,165 डॉलर और दूसरा सपोर्ट S2 82,583 डॉलर पर देखा जा रहा है। यदि बाजार में गंभीर बिकवाली आती है, तो 66,500 डॉलर और 62,300 डॉलर के पुराने स्तर अंतिम रक्षा पंक्ति साबित होंगे।
अन्य क्रिप्टोकरेंसीज और नियामक घटनाक्रम
बिटकॉइन में आई सुस्ती का असर पूरे डिजिटल एसेट क्षेत्र में महसूस किया गया। रिपल (XRP) पर बिकवाली का दबाव बना रहा और यह फिसलकर 1.500 डॉलर के नीचे चला गया। दूसरी तरफ स्टेलर (XLM) ने अपनी वापसी का दायरा बढ़ाया और 0.227 डॉलर के करीब कारोबार किया, यद्यपि मिश्रित धारणा के बीच इसे भी ऊपरी स्तरों पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। बॉन्ड यील्ड में तेजी और डेरिवेटिव्स बाजार के मिले-जुले रुझानों ने इन दोनों टोकनों में व्यापारियों के जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर रखा है।
पाई नेटवर्क (PI) में दो दिनों की हल्की रिकवरी के बाद गुरुवार को कमजोरी दिखी और यह 0.0917 डॉलर पर स्थित अपने 50-दिवसीय ईएमए का परीक्षण करता नजर आया। इस बीच पाई कोर टीम ने बुधवार को ओपन स्टैंडर्ड के साथ साझेदारी की घोषणा की, जिसके तहत पाई नेटवर्क के उपयोगकर्ताओं (पायनियर्स) के लिए ओयूएसडी (OUSD) स्थिर मुद्रा आधारित रिवॉर्ड प्रोग्राम और पूरे पाई इकोसिस्टम में इसकी उपयोगिता की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
उद्योग के नियमों पर टिप्पणी करते हुए बिटवाइज़ के सीआईओ मैट हॉगन ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण परिप्रेक्ष्य साझा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट (CLARITY Act) के आगे न बढ़ पाने के बाद से क्रिप्टो बाजार में तेजी आई है, क्योंकि इस कानून के अटकने से नियामकों को उद्योग के नियमों पर अधिक तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिला। हॉगन ने ध्यान दिलाया कि इस मतदान के बाद से बिटकॉइन में 8% और इथेरियम में 7% की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि कई ऑल्टकॉइन्स ने इससे भी बड़े मुनाफे हासिल किए हैं।


















