अमेरिकी श्रम बाजार से आए निराशाजनक आंकड़ों के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल बढ़ गई है, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों में जोरदार लिवाली देखने को मिल रही है। सितंबर महीने में अमेरिकी रोजगार वृद्धि के आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका काफी हद तक ठंडी पड़ गई है। इस बदले हुए वृहद आर्थिक परिदृश्य का सीधा फायदा क्रिप्टोकरेंसी बाजार को मिला है, जहां बिटकॉइन नए रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ाते हुए प्रमुख तकनीकी आपूर्ति क्षेत्र को भेदने की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी निचले स्तरों से सुधार आया है, हालांकि पीली धातु को तकनीकी रूप से अभी भी भारी बिकवाली दबाव और मूविंग एवरेज क्लस्टर का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिकी पेरोल आंकड़ों ने चौंकाया, दर वृद्धि की संभावना घटी
ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था केवल 29,000 नए गैर-कृषि रोजगार सृजित करने में सफल रही। यह आंकड़ा बाजार के विश्लेषकों द्वारा लगाए गए 90,000 नौकरियों के अनुमान से बेहद कमजोर रहा। इसके अतिरिक्त, पिछले महीने के रोजगार आंकड़ों में भी बड़ा संशोधन किया गया; अगस्त के रोजगार सृजन के आंकड़े को 162,000 से घटाकर 133,000 कर दिया गया। इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी श्रम बाजार में अनुमान से कहीं अधिक नरमी आ रही है।
रिपोर्ट के अन्य विवरणों से पता चलता है कि बेरोजगारी की दर मामूली रूप से बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई है। इसी दौरान लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट यानी श्रम बल भागीदारी दर 61.6 प्रतिशत से बढ़कर 61.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। वेतन वृद्धि की बात करें तो एवरेज ऑवरली अर्निंग्स में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो कि अर्थशास्त्रियों के 3.2 प्रतिशत के सर्वसम्मत अनुमान से कम रही। मजदूरी वृद्धि में इस सुस्ती और रोजगार सृजन में आई गिरावट ने केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने की गुंजाइश को काफी सीमित कर दिया है।
इस नीतिगत बदलाव और वृहद आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए एक्सवाईओ के सह-संस्थापक मार्कस लेविन ने ईमेल के जरिए अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा,
“फेड का रुख अब बाधा नहीं बन रहा है, क्योंकि बाजार ने कुछ ही दिनों में अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना को लगभग 70% से घटाकर लगभग 25% कर दिया है।”इसके साथ ही लेविन ने यह भी रेखांकित किया कि निवेशकों को केंद्रीय बैंक के दैनिक दर अनुमानों के फेर में पड़ने के बजाय इस बात पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि यहां से ट्रेजरी प्रतिफल किस दिशा में आगे बढ़ता है।
बिटकॉइन का तेजी चक्र: तकनीकी स्तर और आपूर्ति बाधा
आर्थिक आंकड़ों के अनुकूल रुख अपनाते ही बिटकॉइन तेजी से आगे बढ़ते हुए 86,620 डॉलर के आसपास कारोबार करने लगा। तकनीकी चार्ट पर यह प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) और सक्रिय सुपरट्रेंड लाइन से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका निकट अवधि का रुख स्पष्ट रूप से तेजड़ियों के पक्ष में है। बिटकॉइन वर्तमान में अपने 50-दिवसीय ईएमए (78,419 डॉलर), 100-दिवसीय ईएमए (74,772 डॉलर) और 200-दिवसीय ईएमए (74,970 डॉलर) से काफी ऊपर मजबूती से टिका हुआ है, जो इसके दीर्घकालिक अपट्रेंड के मजबूत आधार की पुष्टि करता है।
ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन 85,446 डॉलर पर देखा गया है, जिसका पिछला बंद 84,853 डॉलर था, जो 0.70 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। इसके 52 हफ्तों का दायरा 57,748 डॉलर से 90,439 डॉलर के बीच रहा है और इसका दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के मुकाबले 1.30 गुना अधिक दर्ज हुआ है। तकनीकी पैमानों पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 66 से 69 के आसपास मंडरा रहा है, जो ओवरबॉट क्षेत्र के बेहद करीब है और संकेत देता है कि हालिया उछाल के बाद कीमतों में थोड़ा ठहराव या समेकन आ सकता है। वहीं एमएसीडी हिस्टोग्राम शून्य से नीचे नकारात्मक स्थिति में है।
चार्ट विश्लेषण के अनुसार, बिटकॉइन के लिए शुरुआती समर्थन 79,041 डॉलर के सुपरट्रेंड स्तर पर स्थित है, जिसे 50-दिवसीय ईएमए का भी सहारा मिल रहा है। यदि बाजार में कोई गहरा सुधार आता है, तो 74,800 डॉलर से 74,970 डॉलर के बीच स्थित 100-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए का दायरा मजबूत मांग क्षेत्र का काम करेगा। वर्तमान दैनिक चार्ट पर निकटवर्ती कोई बड़ी तकनीकी बाधा नहीं है, इसलिए खरीदारों की नजर अब 88,000 डॉलर से 90,000 डॉलर के आपूर्ति दायरे पर टिकी हुई है। यदि सुपरट्रेंड स्तर के नीचे कोई टिकाऊ गिरावट आती है, तभी यह बढ़त एक व्यापक गिरावट में बदल सकती है।
सोने में सुस्ती के बीच तकनीकी सुधार की परीक्षा
दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु यानी सोना शुक्रवार को 4,195 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। खरीदार इसे 4,200 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दो दिनों की रिकवरी के बावजूद सोने का निकट अवधि का तकनीकी परिदृश्य मंदी का बना हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि सोना कई महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के नीचे फंसा हुआ है, जो ऊपर की तरफ आपूर्ति का भारी दबाव बना रहे हैं।
सोने के लिए 4,433 डॉलर पर सुपरट्रेंड लाइन और 4,464 डॉलर के पास नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन का ब्रेक स्तर मजबूत बाधा बने हुए हैं। तकनीकी संकेतकों में एमएसीडी नकारात्मक क्षेत्र में है और आरएसआई 42 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है, जो खरीदारों के कम आत्मविश्वास को दर्शाता है। किसी भी तेजी के लिए पहला रोड़ा 50-दिवसीय ईएमए (4,306 डॉलर) और 200-दिवसीय ईएमए (4,312 डॉलर) हैं। इसके बाद 100-दिवसीय ईएमए 4,339 डॉलर पर स्थित है, और फिर 4,433 डॉलर से 4,464 डॉलर का वह क्षेत्र आता है जहां बिकवाल दोबारा सक्रिय हो सकते हैं। सोने के पास दैनिक चार्ट पर मजबूत ढांचागत समर्थन की कमी है, जिससे 4,100 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर ही अगला मुख्य आधार बना हुआ है।
अल्टकॉइन्स और व्यापक क्रिप्टो बाजार का मिजाज
बिटकॉइन में आई मजबूती का सकारात्मक असर पूरे क्रिप्टो बाजार में महसूस किया गया। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी रिपल मजबूती के साथ शुक्रवार को 1.54 डॉलर के आसपास कारोबार करती नजर आई। इस हफ्ते के निचले स्तर 1.47 डॉलर से यह सुधार निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और सुधरती धारणा को दर्शाता है। उधर डॉगकॉइन में शुक्रवार को 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 0.097 डॉलर के ऊपर टिका रहा, जहां खरीदार इसे 0.10 डॉलर के पार पहुंचाने की जुगत में हैं। डॉगकॉइन फ्यूचर्स का ओपन इंटरेस्ट बीते 24 घंटों में 4 प्रतिशत बढ़ा है, जो नई पूंजी के प्रवेश का संकेत है।
इथेरियम ने भी 2,700 डॉलर के स्तर को पार कर अपनी तेजी की प्रवृत्ति बनाए रखी है, हालांकि 2,800 डॉलर का क्षेत्र तात्कालिक ऊपरी सीमा तय कर रहा है। ऐतिहासिक रूप से, बिटकॉइन ने सितंबर का महीना 6.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ समाप्त किया था, जिसने इस महीने में होने वाली पारंपरिक मौसमी कमजोरी को उलट दिया। पिछले चक्रों का डेटा दर्शाता है कि जब भी सितंबर सकारात्मक रहता है, अक्टूबर महीना बिटकॉइन के लिए विशेष रूप से मजबूत साबित होता है।
क्रिप्टो बाजार की बुनियादी संरचना: डोमिनेंस और स्टेबलकॉइन्स
क्रिप्टो बाजार की आंतरिक गतिशीलता को समझने के लिए बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियों का वर्गीकरण महत्वपूर्ण है। बिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के हिसाब से सबसे बड़ी आभासी मुद्रा है, जिसे बिना किसी केंद्रीय मध्यस्थ के भुगतान साधन के रूप में विकसित किया गया था। बिटकॉइन के अलावा अन्य सभी मुद्राओं को अल्टकॉइन कहा जाता है, हालांकि इथेरियम को कुछ विश्लेषक स्वतंत्र श्रेणी में रखते हैं। इसी प्रकार लिटकॉइन को पहला अल्टकॉइन माना जाता है, जो बिटकॉइन प्रोटोकॉल के फोर्क से अधिक उन्नत संस्करण के रूप में सामने आया था।
वहीं स्टेबलकॉइन्स ऐसी क्रिप्टोकरेंसी हैं जिनका मूल्य अमेरिकी डॉलर जैसी मुद्राओं या परिसंपत्तियों से बंधा रहता है। यह अस्थिरता के समय निवेशकों को पूंजी सुरक्षित रखने और बाजार में प्रवेश तथा निकास का साधन देती हैं। इसके साथ ही बिटकॉइन डोमिनेंस, जो कुल क्रिप्टो बाजार पूंजीकरण में बिटकॉइन की हिस्सेदारी को दर्शाता है, बाजार की दिशा समझने का प्रमुख पैमाना है। बुल रन के दौरान बिटकॉइन डोमिनेंस अक्सर बढ़ता है क्योंकि पूंजी सबसे सुरक्षित बड़ी संपत्ति में लगती है, जबकि इसके घटने पर पूंजी अल्टकॉइन्स की ओर बढ़ती है, जिससे उनमें तेज उछाल देखने को मिलता है।





















