एशियाई खेलों के 13वें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए मैदान पर स्वर्णिम सफलता की नई इबारत लिख दी। दिन के विभिन्न स्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से 6 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल देश की झोली में डाले। इस जोरदार प्रदर्शन के दम पर भारत के खाते में कुल 16 स्वर्ण पदक दर्ज हो चुके हैं और देश पदक तालिका में पांचवें पायदान पर मजबूती से स्थापित हो गया है। पूरे अभियान के दौरान अब तक भारत 16 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज सहित कुल 76 पदक अपने नाम कर चुका है।
महिला हॉकी में 44 साल बाद स्वर्णिम इतिहास और ओलंपिक टिकट
भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए दिन का सबसे रोमांचक और यादगार पल हॉकी के मैदान से आया। महिला हॉकी प्रतियोगिता के बेहद कड़े और तनावपूर्ण फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 के अंतर से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय महिला टीम ने पूरे 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एशियाई खेलों की हॉकी स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने का करिश्मा किया है। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत का दोहरा फायदा यह रहा कि भारतीय टीम ने वर्ष 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिलिस शहर में आयोजित होने वाले आगामी ओलंपिक खेलों के लिए भी अपना सीधा टिकट पक्का कर लिया।
मैट पर सुजीत कलकल की अविश्वसनीय वापसी
कुश्ती के मैट पर पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल भारवर्ग में भारत के उभरते पहलवान सुजीत कलकल ने ऐसा मुकाबला खेला जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। फाइनल बाउट में ताजिकिस्तान के प्रतिद्वंद्वी पहलवान के खिलाफ सुजीत एक वक्त 2-9 से काफी पीछे चल रहे थे और मुकाबला उनके हाथ से फिसलता नजर आ रहा था। लेकिन भारतीय पहलवान ने अंतिम क्षणों में असाधारण ऊर्जा और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन दर्शनीय टेकडाउन किए। सुजीत ने मुकाबले की बाजी पलटते हुए 10-9 के स्कोर से सनसनीखेज खिताबी जीत हासिल की और भारत को कुश्ती का सुनहरा पदक दिलाया।
मुक्केबाजी रिंग में तीन स्वर्ण पदकों की गूंज
मुक्केबाजी रिंग में भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा साफ नजर आया, जहां से कुल तीन स्वर्ण पदक देश को मिले। महिला वर्ग में अनुभवी बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में अपना श्रेष्ठ खेल दिखाते हुए सोने का तमगा जीता। वहीं 65 किग्रा वर्ग में परवीन ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन कर विरोधी मुक्केबाज को मात दी और शीर्ष स्थान हासिल किया। पुरुषों के मुकाबलों में 80 किग्रा भारवर्ग में अंकुश पंगल ने अपने सटीक मुक्कों और रिंग क्राफ्ट के सहारे प्रतिद्वंद्वी को पछाड़कर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।
तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया पर ऐतिहासिक जीत और दो रजत पदक
तीरंदाजी के मैदान से भी भारत के खाते में अभूतपूर्व उपलब्धि जुड़ी। रिकर्व महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में अंकिता भकत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद की भारतीय तिकड़ी ने तीरंदाजी की महाशक्ति मानी जाने वाली साउथ कोरिया की टीम को बेहद कांटे के मुकाबले में मात देकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। इसके अतिरिक्त, आर्चरी के दिन के अन्य मुकाबलों में पुरुष रिकर्व टीम और मिक्स्ड रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत पदक अपनी झोली में डाले।


















