ग्लोबल करेंसी मार्केट में अमेरिकी डॉलर की हालिया रिकवरी 99 के स्तर के ठीक ऊपर जाकर थम गई है। पिछले सप्ताह लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हुई बढ़ोतरी से उपजे बिकवाली के दबाव के बाद अब डॉलर इंडेक्स (DXY) 98.5 से 99.0 के एक संकीर्ण दायरे में सीमित होकर कारोबार कर रहा है। अर्थशास्त्री फिलिप वी के अनुसार, अमेरिका से आ रहे कमजोर आर्थिक आंकड़े, सितंबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदें और आगामी PCE मुद्रास्फीति आंकड़े इस समय वैश्विक मुद्रा बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। बॉन्ड मार्केट में नरमी और उपभोक्ता विश्वास में आई गिरावट ने ग्रीनबैक की बढ़त पर अंकुश लगा दिया है।
उपभोक्ता विश्वास में गिरावट और घटती रेट हाइक की उम्मीदें
अमेरिका के हालिया आर्थिक आंकड़े अर्थव्यवस्था की सुस्त पड़ती गति को दर्शा रहे हैं। कांफ्रेंस बोर्ड द्वारा जारी उपभोक्ता विश्वास रिपोर्ट स्पष्ट रूप से कमजोर रही है। अगस्त महीने में हेडलाइन उपभोक्ता विश्वास सूचकांक गिरकर 89.4 के स्तर पर आ गया, जो 90.2 के बाजार पूर्वानुमान (कंसेंसस) से काफी नीचे है। इतना ही नहीं, जुलाई महीने के आंकड़ों को भी पहले के 90.8 से संशोधित करके 90.2 कर दिया गया था। जुलाई में रिटेल बिक्री में आए अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव और गिरावट के बाद अमेरिकी उपभोक्ता अब खर्च को लेकर अधिक सतर्क और सावधान रुख अपना रहे हैं।
इसके अलावा, जुलाई महीने के नकारात्मक नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों के अनुरूप ही उपभोक्ता भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को लेकर कम आश्वस्त नजर आ रहे हैं। श्रम बाजार और उपभोक्ता खर्च में दिख रही इस सुस्ती का सीधा असर केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से जुड़ी उम्मीदों पर पड़ा है। 16 सितंबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दर में वृद्धि की वित्तीय बाजार की संभावना जुलाई के अंत में दर्ज 72% से घटकर अब महज 38% पर आ गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि निवेशक अब नीतिगत दरों में निकट भविष्य में किसी बढ़ोतरी की उम्मीद कम ही लगा रहे हैं।
बॉन्ड यील्ड में नरमी और फेडरल रिजर्व के समक्ष नीतियों का संतुलन
डेट मार्केट में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड ओवरनाइट कारोबार में 5.9 बेसिस प्वाइंट (bps) घटकर 5.165% पर आ गई। इससे पहले सोमवार को भी 30-वर्षीय यील्ड में 4.6 बेसिस प्वाइंट की कमी दर्ज की गई थी। लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में आई इस कमी ने डॉलर पर अतिरिक्त दबाव बनाने का काम किया है।
मौद्रिक नीति के मोर्चे पर केंद्रीय बैंक के शीर्ष नेतृत्व के सामने एक बेहद जटिल और नाजुक संतुलन बनाने की चुनौती बनी हुई है। फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉश को एक तरफ जहां फेड की स्वायत्तता और मूल्य स्थिरता (कम मुद्रास्फीति) के जनादेश की रक्षा करनी है, वहीं दूसरी तरफ बाजार को केंद्रीय बैंक के रिएक्शन फंक्शन पर अधिक स्पष्टता भी प्रदान करनी है। यह पूरी प्रक्रिया इस तरह से की जानी है कि कम फॉरवर्ड गाइडेंस देने की उनकी अपनी प्राथमिकता से समझौता न हो। नीतिगत स्पष्टता और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता के बीच यह संतुलन वित्तीय बाजारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।
प्रमुख विदेशी मुद्रा युग्मों का हाल: GBP/USD और EUR/USD
अमेरिकी डॉलर के इस मिले-जुले रुख का प्रभाव प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। बुधवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र में GBP/USD की जोड़ी 1.3650 के स्तर से नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करती दिखी। इससे पिछले दिन ब्रिटिश पाउंड ने जो मजबूत बढ़त हासिल की थी, उसका कुछ हिस्सा बिकवाली में निकल गया। इसके बावजूद, पाउंड पिछले शुक्रवार को दर्ज अपने छह महीने के उच्चतम स्तर के काफी करीब बना हुआ है। पाउंड निवेशक फ्रेश ट्रिगर के लिए अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, EUR/USD की जोड़ी बुधवार के यूरोपीय सत्र में 1.1650 के निचले स्तर की तरफ दबाव में नजर आई। मुनाफावसूली और मध्य पूर्व में जारी अनिश्चितता के माहौल के बीच अमेरिकी डॉलर को हल्की रिकवरी का सहारा मिला है। यूरो क्षेत्र के निवेशक और व्यापारी अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों के साथ-साथ दूसरी तिमाही (Q2) के अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के संशोधित आंकड़ों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं, जो कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में हलचल बनाए रख सकते हैं।
सोने की कीमतें स्थिर और जैक्सन होल सम्मेलन पर बाजार की निगाहें
कीमती धातुओं के बाजार में सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक $4,650 प्रति औंस के स्तर के नीचे मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। हालांकि, सोने में मंदड़ियों का दबदबा पूरी तरह कायम नहीं हो सका है और यह पिछले दिन के कारोबारी दायरे के भीतर ही अटका हुआ है। अमेरिकी PCE इंडेक्स से पहले डॉलर में आई हल्की मजबूती ने इस कमोडिटी की बढ़त को सीमित किया है।
इसके अतिरिक्त, वित्तीय बाजार के प्रतिभागियों का ध्यान शुक्रवार को आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित जैक्सन होल संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) पर लगा है। इस सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉश के भाषण और टिप्पणियों से भविष्य की ब्याज दर की दिशा के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
मीम कॉइन्स में मुनाफावसूली: DOGE, SHIB और PEPE पर दबाव
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पिछले सप्ताह दोहरे अंकों की शानदार तेजी दर्ज करने वाले प्रमुख मीम कॉइन्स अब अपनी तेजी की गति खोते दिख रहे हैं। डॉगकॉइन (DOGE), शिबा इनु (SHIB) और पेपे (PEPE) में निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली के कारण गिरावट का दबाव देखा जा रहा है। इस डाउनसाइड प्रेशर के बीच DOGE और PEPE में आगे और गिरावट का जोखिम बना हुआ है, जबकि SHIB फिलहाल अपने एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल पर टिका हुआ है।
आगामी जुलाई PCE मुद्रास्फीति आंकड़े
अमेरिकी आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो (Bureau of Economic Analysis) द्वारा बुधवार को GMT समय अनुसार 12:30 बजे जुलाई महीने के लिए पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स आंकड़े जारी किए जाने तय हैं। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि जुलाई के PCE मुद्रास्फीति आंकड़े यह दर्शाएंगे कि अर्थव्यवस्था में मूल्य दबाव अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जो फेडरल रिजर्व के 2% के दीर्घकालिक लक्ष्य से काफी ऊपर है। यह डेटा जारी होने के बाद ही डॉलर और वैश्विक परिसंपत्तियों की आगे की दिशा पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।



















