झारखंड के धनबाद जिले में घरेलू हिंसा और पैसों के विवाद से जुड़ी एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है। हरिहरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरवाडीह मोहल्ले में एक व्यक्ति ने नशे की हालत में अपनी ही पत्नी की जीभ दांतों से काटकर अलग कर दी और उसे पास ही स्थित कुएं में फेंक दिया। यह पूरी वारदात मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिली पहली किस्त के पैसों को लेकर हुए झगड़े के बाद हुई। गंभीर रूप से जख्मी महिला को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहीं मामले की सूचना मिलने के बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सरकारी योजना की पहली किस्त बनी विवाद की वजह
प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़िता मधु और आरोपी राजेश गोस्वामी का विवाह लव मैरिज यानी प्रेम विवाह हुआ था। दोनों बरवाडीह मोहल्ले में एक साथ रह रहे थे। हाल ही में मधु के निजी बैंक खाते में सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना की पहली किस्त की राशि हस्तांतरित की गई थी। इस राशि के खाते में आते ही राजेश की नीयत बदल गई और वह लगातार उस रकम को अपने कब्जे में लेने के लिए मधु पर मानसिक और शारीरिक दबाव बनाने लगा था।
घटना वाले दिन यानी सोमवार की शाम को राजेश शराब के अत्यधिक नशे में धुत्त होकर अपने घर पहुंचा। घर आते ही उसने अपनी पत्नी मधु से मांस और मछली खरीदने के बहाने बैंक खाते में आए पैसों की मांग शुरू कर दी। जब मधु ने आवास योजना के पैसों को इस तरह फिजूलखर्च के लिए देने से स्पष्ट इनकार कर दिया, तो राजेश आपे से बाहर हो गया। पैसे देने से मना करने पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने जल्द ही हिंसक मारपीट का रूप ले लिया।
बर्बरता की सारी हदें पार, ससुराल वालों पर भी सहयोग के आरोप
पीड़िता की बड़ी बहन आशा देवी के अनुसार, जब घर के भीतर यह खौफनाक झगड़ा हो रहा था, तब परिवार के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे। आशा देवी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, "सोमवार शाम वह शराब के नशे में घर लौटा और मांस-मछली लेने के बहाने पैसे मांगने लगा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के दौरान बीच-बचाव करने या महिला को बचाने के बजाय ससुराल के लोग भी मारपीट में आरोपी पति का ही साथ दे रहे थे।
विवाद जब चरम पर पहुंच गया, तब अचानक राजेश ने क्रूरता की सीमाएं लांघते हुए मधु पर हमला बोल दिया। उसने अपने दांतों से पत्नी की जीभ को इतनी जोर से काटा कि वह कटकर अलग हो गई। इसके बाद आरोपी ने कटी हुई जीभ को उठाकर घर के समीप बने कुएं में फेंक दिया। पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर एकत्र हुए। उन्होंने लहूलुहान और बेहोश पड़ी मधु को संभाला और आनन-फानन में इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच धनबाद पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा महिला का इलाज जारी है और उसकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। परिजनों ने बताया कि घर में पैसों को लेकर पहले भी विवाद होते रहे थे, लेकिन स्थिति इतनी खौफनाक हो जाएगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी जांच की प्रक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही हरिहरपुर थाना पुलिस सक्रिय हुई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश गोस्वामी को धर दबोचा। पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। हरिहरपुर थाना प्रभारी संतोष महतो ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "प्राथमिक जांच में मामला घरेलू विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन हम ससुराल पक्ष की संलिप्तता की भी गहन जांच कर रहे हैं।"
थाना प्रभारी ने आगे स्पष्ट किया कि पुलिस केवल पति के बयान तक सीमित नहीं है। जांच टीम अस्पताल से मिलने वाली मेडिकल रिपोर्ट, चश्मदीद गवाहों के बयान और पड़ोसियों से मिली जानकारी को एकत्रित कर रही है। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका तय की जाएगी और कानूनी धाराओं को मजबूत किया जाएगा।
ससुराल पक्ष पर सख्त कार्रवाई की मांग और स्थानीय मदद
मामले में पीड़िता के मायके वालों का गुस्सा चरम पर है। आशा देवी और अन्य परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस बर्बर अपराध में केवल राजेश गोस्वामी ही नहीं, बल्कि मारपीट को बढ़ावा देने और मूकदर्शक बने रहने वाले ससुराल के सभी सदस्यों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग इस जघन्य अपराध में शामिल रहे या जिन्होंने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया, वे भी समान रूप से दोषी हैं।
इसी बीच स्थानीय समाजसेवियों और पड़ोसियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए पीड़िता के इलाज और सुरक्षा के लिए जरूरी सहायता जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने भी पीड़िता के परिवार को आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



















