इस साल की शुरुआत में जब यह खबरें सामने आईं कि केन्याई-मैक्सिकन अभिनेत्री लुपिता न्योंगो क्रिस्टोफर नोलन की आने वाली हॉलीवुड फिल्म 'द ओडिसी' में हेलेन की भूमिका निभा सकती हैं, तो इंटरनेट पर एक बहस छिड़ गई। मई में जब इस कास्टिंग की पुष्टि हुई, तो विरोध और बढ़ गया। एक यूट्यूबर ने तो यह तक सुझाव दे दिया कि यूनान को नोलन पर मुकदमा करना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 'हेलेन ऑफ ट्रॉय' ट्रेंड करने लगा और प्लेटफॉर्म के मालिक ने नोलन पर अपनी अखंडता खोने और ऑस्कर पाने के लिए 'द ओडिसी' को खराब करने का आरोप लगाया। पौराणिक कथाओं और इतिहास का उपयोग कर कुछ लोग खुद को 'पश्चिमी संस्कृति' के रक्षक बता रहे हैं, जो अक्सर @RomanHelmetGuy जैसे नाम वाले कंटेंट क्रिएटर्स होते हैं।
एमिली विल्सन का अनुभव
क्लासिकल स्टडीज की विशेषज्ञ एमिली विल्सन इस तरह के विवादों से भली-भांति परिचित हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया में विभाग की अध्यक्ष एमिली विल्सन ने होमर के महाकाव्यों 'द इलियड' और 'द ओडिसी' का आधुनिक अनुवाद किया है, जिसे लेकर खूब बवाल हुआ। जब उनसे 'कल्चर वॉर' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ऊबते हुए इसे महज एक उबाऊ विषय बताया। 2017 में प्रकाशित उनके अनुवाद में ओडिसियस के लिए 'कॉम्प्लिकेटेड' शब्द का इस्तेमाल हुआ, जिसने ऑनलाइन आलोचकों को भड़का दिया। उन्हें 'वोके' और 'फेमिनिस्ट लेफ्टार्ड' जैसे नामों से पुकारा गया, जबकि एमिली विल्सन का कहना है कि 'कॉम्प्लिकेटेड' कोई अपमानजनक शब्द नहीं है।
अनुवाद और आलोचना
एमिली विल्सन का अनुवाद इसलिए अलग है क्योंकि उन्होंने पूर्ववर्ती अनुवादकों की तरह पीड़ित महिलाओं को दोष देने के बजाय उन्हें गरिमा दी। उन्होंने स्लेव्स और दासी महिलाओं की हत्याओं का वर्णन करते समय पीड़ित को दोषी ठहराने वाली भाषा से परहेज किया। हालांकि, केप टाउन यूनिवर्सिटी के रिचर्ड व्हिटेकर ने उनके काम की आलोचना की। रिचर्ड व्हिटेकर का तर्क है कि एक अकादमिक अनुवादक को मूल पाठ के मूल्यों के प्रति वफादार रहना चाहिए। उन्होंने एमिली विल्सन पर अपनी आधुनिक और व्यक्तिगत मान्यताओं को प्राचीन पाठ पर थोपने का आरोप लगाया।
तथ्यों और पूर्वाग्रहों की लड़ाई
अपनी ओर से एमिली विल्सन का कहना है कि उन्होंने 12,109 पंक्तियों के मूल पाठ के लय और छंद का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने होमर के डैक्टिलिक हेक्सामीटर को शेक्सपियर के नाटकों में प्रयुक्त आयम्बिक पेंटामीटर में रूपांतरित करने के लिए कड़ी मेहनत की है। एमिली विल्सन अपनी आने वाली निबंधों की किताब 'क्रॉसिंग द वाइन-डार्क सी' में यह लिखती हैं कि आधुनिक मूल्यों को प्राचीन ग्रंथों पर अनजाने में थोपना एक स्वाभाविक मानवीय भूल हो सकती है। उनका मानना है कि 'पश्चिमी सभ्यता' का विचार 19वीं सदी की एक ऐतिहासिक रचना है, जिसका इस्तेमाल उपनिवेशवाद और नस्लवाद को सही ठहराने के लिए किया गया, न कि यह प्राचीन यूनान से कोई निरंतर जुड़ाव है।
निष्कर्ष
इंटरनेट की इस जहरीली दुनिया से दूर एमिली विल्सन अब अपने छात्रों और होमर के प्रति उत्साही पाठकों के साथ काम करने में रुचि रखती हैं। उन्होंने 2024 में X अकाउंट भी हटा दिया था। अब वह 'द ओडिसी' के एक विस्तारित अनुवाद पर काम कर रही हैं। यहाँ तक कि क्रिस्टोफर नोलन ने भी उनका अनुवाद पढ़ा है। अंततः, होमर के ये महाकाव्य आज भी जीवित हैं क्योंकि वे किसी एक संकीर्ण विचारधारा के मोहताज नहीं हैं।













