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गाजियाबाद में सांप्रदायिक सौहार्द्र की अनोखी मिसाल, 12 साल की अनिका अहमद ने हिंदू भाई दिविक चौधरी को बांधी राखीकल्चर
27 अग॰ 2026, 3:01 pm (61 दिन पहले)· 4

गाजियाबाद में सांप्रदायिक सौहार्द्र की अनोखी मिसाल, 12 साल की अनिका अहमद ने हिंदू भाई दिविक चौधरी को बांधी राखी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित शास्त्रीनगर में 12 वर्षीय मुस्लिम बच्ची अनिका अहमद पिछले सात वर्षों से अपने हिंदू भाई दिविक चौधरी को रक्षासूत्र बांधकर सामाजिक सौहार्द्र का संदेश दे रही हैं।

त्योहारों का मूल उद्देश्य लोगों को एक-दूसरे के करीब लाना और आपसी प्रेम को बढ़ाना होता है। गाजियाबाद के शास्त्रीनगर स्थित जीवन विहार सोसाइटी से सामाजिक एकता और प्रेम की एक बेहद सुंदर तस्वीर सामने आई है। यहां रहने वाली 12 साल की मुस्लिम छात्रा अनिका अहमद हर साल रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पूरे रीति-रिवाज के साथ अपने हिंदू भाई को राखी बांधती हैं। धार्मिक दीवारों को तोड़कर बना यह रिश्ता न केवल दोनों परिवारों के बीच गहरा संबंध स्थापित कर चुका है, बल्कि पूरी सोसाइटी और आसपास के इलाकों के लिए भाई-बहन के अटूट स्नेह की मिसाल बन गया है।

2019 में ऐसे हुई इस खूबसूरत परंपरा की शुरुआत

इस अनूठी परंपरा की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। अनिका अहमद अपने माता-पिता खुर्शीद अहमद और उज्मा अहमद की इकलौती संतान हैं। घर में कोई भाई न होने के कारण अनिका अक्सर रक्षाबंधन के मौके पर उदास महसूस करती थीं। वर्ष 2019 में त्योहार से ठीक पहले जीवन विहार सोसाइटी में एक सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उज्मा अपनी बेटी के साथ शामिल हुई थीं, जहां उनकी मुलाकात अपनी सहेली निकिता चौधरी से हुई। निकिता उस समय अपने एक साल के बेटे दिविक चौधरी के साथ वहां मौजूद थीं।

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छोटे बच्चे दिविक को देखकर अनिका ने अपनी मां उज्मा से मासूमियत से पूछा कि उनका कोई भाई क्यों नहीं है और वह रक्षाबंधन पर किसे राखी बांधेंगी। बेटी की इस चाहत को देखते हुए उज्मा ने निकिता से पूछा कि क्या अनिका उनके बेटे दिविक को राखी बांध सकती है। निकिता ने तुरंत इसके लिए अपनी सहमति दे दी। जब रक्षाबंधन का दिन आया, तो निकिता खुद अपने एक साल के बेटे दिविक को लेकर उज्मा के घर पहुंचीं और अनिका ने बेहद खुशी के साथ पहली बार अपने छोटे भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा।

हर साल उत्साह और परंपरा के साथ मनाया जाता है त्योहार

साल 2019 में शुरू हुआ यह सिलसिला अब 2025 तक लगातार जारी है। साल 2020 से अनिका खुद पारंपरिक पोशाक या सुंदर सूट पहनकर और हाथों में सजाई हुई पूजा की थाली लेकर दिविक के घर जाती हैं। इस थाली में कुमकुम, अक्षत, मिठाई और राखी सजी होती है। अनिका पूरी विधि-विधान से अपने भाई को टीका लगाती हैं और उसकी कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाती हैं। पिछले साल से निकिता के दूसरे बेटे दक्षित के जन्म के बाद, अनिका अब अपने दोनों छोटे भाइयों दिविक और दक्षित को रक्षासूत्र बांधती हैं।

स्कूल से लेकर बस तक बड़ी बहन का फर्ज

अनिका और दिविक का यह रिश्ता केवल रक्षाबंधन के दिन तक ही सीमित नहीं है। दोनों बच्चे द गुरुकुल स्कूल में पढ़ाई करते हैं। अनिका कक्षा 8 की छात्रा हैं, जबकि छोटा भाई दिविक कक्षा 2 में पढ़ता है। अनिका एक बड़ी बहन की तरह हर मोड़ पर दिविक का ध्यान रखती हैं। स्कूल बस में यात्रा करने से लेकर विद्यालय के परिसर तक, अनिका हमेशा अपने छोटे भाई की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ख्याल रखती हैं। दिविक भी अपनी बड़ी बहन से बहुत प्यार करता है और परिवार का कहना है कि वह बड़ा होकर अपनी बहन की रक्षा का संकल्प निभाएगा।

सोसाइटी और परिवारों के बीच सौहार्द्र का संदेश

जब अनिका पारंपरिक परिधान में सज-धजकर हाथ में थाली लिए दिविक के घर की ओर जाती हैं, तो रास्ते में मिलने वाले पड़ोसी और सोसाइटी के लोग इस दृश्य को देखकर बेहद खुश होते हैं। दिविक के दादा-दादी और पूरा परिवार अनिका का अपनी सगी पोती की तरह स्वागत करता है। उज्मा और निकिता दोनों माताओं ने तय किया है कि जब तक बच्चे बड़े नहीं हो जाते, वे इस खूबसूरत परंपरा को इसी तरह जारी रखेंगी ताकि बच्चों के मन में आपसी प्रेम और सामाजिक सौहार्द्र की भावना हमेशा बनी रहे।

सवाल-जवाब

अनिका अहमद और दिविक चौधरी कौन हैं?
अनिका अहमद गाजियाबाद के जीवन विहार की रहने वाली 12 वर्षीय मुस्लिम छात्रा हैं, जो अपने पड़ोसी हिंदू बालक दिविक चौधरी को पिछले 7-8 सालों से रक्षाबंधन पर राखी बांध रही हैं।
इस परंपरा की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी, जब दिविक केवल 1 वर्ष के थे।
दोनों बच्चे किस स्कूल में पढ़ते हैं?
दोनों बच्चे गाजियाबाद स्थित द गुरुकुल स्कूल में पढ़ाई करते हैं।
क्या अनिका अब दिविक के छोटे भाई को भी राखी बांधती हैं?
हां, पिछले वर्ष से अनिका दिविक के छोटे भाई दक्षित को भी रक्षासूत्र बांधती हैं।
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