भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के पीछे अफवाह की साजिश, मुकेश ने भीड़ भड़काने के लिए रचा था झूठी फायरिंग का खेलत्योहारी सीजन में दिल्ली के बाजारों को 10 हजार करोड़ के नुकसान का डर, राहुल गांधी से रैली टालने की मांगमूलांक 2 राशिफल 24 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में न करें फैसले, इन बातों का रखें विशेष ध्यानमूलांक 3 राशिफल 24 अक्टूबर 2026: काम और घर के बीच कैसे संभालें संतुलनखराब दूध से घर पर बनाएं स्वादिष्ट और स्पंजी इडली, जानिए आसान रेसिपीमूलांक 4 राशिफल 24 अक्टूबर 2026: मुनाफे के योग के बीच लालच से बचने की सलाहकरवा चौथ 2026: अस्त शुक्र के बीच सुहाग सामग्री की खरीदारी करना शुभ है या अशुभमूलांक 5 दैनिक राशिफल 24 अक्टूबर 2026: अनपेक्षित घटनाओं के बीच धैर्य से लें फैसला, बुध की बुद्धि दिलाएगी सफलताफिरोजाबाद की तनिषा ने कोरोना संकट के दिनों में स्केचिंग से बदली किस्मत, आज लाखों कमाकर बन रही हैं प्रेरणाकर्नाटक के तटीय और दक्षिणी भीतरी हिस्सों में आंधी-तूफान की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मेदिनीनगर का लता मंगेशकर चौक: जहां ट्रैफिक नहीं, सुरों की गूंज थाम लेती है राहगीरों के कदमकल्चर
14 जून 2026, 8:09 am (132 दिन पहले)· 2

मेदिनीनगर का लता मंगेशकर चौक: जहां ट्रैफिक नहीं, सुरों की गूंज थाम लेती है राहगीरों के कदम

झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में बना लता मंगेशकर चौक अब सिर्फ एक यातायात केंद्र नहीं, बल्कि संगीत, संस्कृति और सुकून का नया ठिकाना बन गया है, जहां आधुनिक स्पीकरों से दिनभर स्वर कोकिला के गीत गूंजते हैं।

5जी और रफ्तार के इस दौर में भी बीते जमाने के सुरों का जादू दिलों से कम नहीं हुआ है। स्वर कोकिला स्वर्गीय लता मंगेशकर की मखमली आवाज आज भी सुनने वालों को भावुक कर देती है। इसी एहसास को एक स्थायी पहचान देने के लिए झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में एक ऐसा चौराहा गढ़ा गया है, जहां से गुजरने वाले लोग महज अपना रास्ता तय नहीं करते, बल्कि कुछ पल के लिए गीतों की दुनिया में डूब जाते हैं। यहां बजते मधुर गीत भागदौड़ भरी दिनचर्या से थका देने वाले राहगीरों को भीतर तक सुकून दे जाते हैं।

एक चौराहा, जो स्वर कोकिला के नाम

यह तोहफा शहरवासियों को मेदिनीनगर नगर निगम की ओर से मिला है। भारत रत्न और महान गायिका के सम्मान में इस चौक को नाम दिया गया है — "लता मंगेशकर चौक"। इसके ठीक बीचोबीच एक विशाल वीणा की प्रतिकृति खड़ी की गई है, जो संगीत और भारतीय सांस्कृतिक विरासत दोनों का प्रतीक है। निगम ने जान-बूझकर आसपास के इलाके को भी आकर्षक रूप दिया, ताकि यह जगह केवल वाहनों के गुजरने का बिंदु न रहकर शहर की सांस्कृतिक पहचान बन सके।

ये भी पढ़ें

दीवारों पर सजी भारतीय कला

चौक और उससे जुड़े ग्रीन जोन में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को उकेरती कई कलाकृतियां लगाई गई हैं। दीवारों पर कथक नृत्य की अलग-अलग मुद्राओं को दर्शाती कलात्मक प्रतिकृतियां सजाई गई हैं, जो भारतीय शास्त्रीय कला की झलक पेश करती हैं। यही वजह है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति आधुनिकता के साथ-साथ अपनी परंपराओं से भी जुड़ाव महसूस करता है।

68 लाख की लागत, पूरे इलाके का कायाकल्प

इस पूरी परियोजना को आकार तत्कालीन नगर आयुक्त जावेद हुसैन के कार्यकाल में दिया गया और इस पर करीब 68 लाख रुपये खर्च हुए। यूनियन चर्च के सामने चर्च रोड से लेकर सद्दीक मंजिल चौक तक के हिस्से में पाथवे, फेबर ब्लॉक, आकर्षक लाइटिंग, हरियाली और पौधारोपण के जरिए पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया गया है। ग्रीन जोन को महिला कॉलेज, केजी स्कूल और गर्ल्स हॉस्टल तक फैलाया गया है। यहां लगाए गए आधुनिक स्पीकरों से दिनभर मीठे गीत बजते रहते हैं, जो माहौल में एक अलग ही रस घोल देते हैं।

लोगों की जुबानी, चौक की कहानी

स्थानीय निवासी मनोज कुमार घोष ने TrendKia को बताया कि शाम ढलते ही यहां का माहौल बेहद मनमोहक हो जाता है और लोग परिवार तथा दोस्तों के साथ वक्त बिताने पहुंचते हैं। शंभू कुमार का कहना है कि यह मेदिनीनगर का सबसे खास और शांत ठिकाना बन चुका है, जहां लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में बजते गीत मन को मानसिक शांति देते हैं। हालांकि स्थानीय लोग और राहगीर यहां शेड और पेयजल जैसी कुछ अतिरिक्त सुविधाओं की मांग भी कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी और बरसात के दिनों में उन्हें राहत आसानी से मिल सके। कुल मिलाकर, लता मंगेशकर चौक आज मेदिनीनगर में संगीत, संस्कृति और सुकून के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp