मेदिनीनगर का लता मंगेशकर चौक: जहां ट्रैफिक नहीं, सुरों की गूंज थाम लेती है राहगीरों के कदमकल्चर
2 घंटे पहले· 0

मेदिनीनगर का लता मंगेशकर चौक: जहां ट्रैफिक नहीं, सुरों की गूंज थाम लेती है राहगीरों के कदम

झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में बना लता मंगेशकर चौक अब सिर्फ एक यातायात केंद्र नहीं, बल्कि संगीत, संस्कृति और सुकून का नया ठिकाना बन गया है, जहां आधुनिक स्पीकरों से दिनभर स्वर कोकिला के गीत गूंजते हैं।

5जी और रफ्तार के इस दौर में भी बीते जमाने के सुरों का जादू दिलों से कम नहीं हुआ है। स्वर कोकिला स्वर्गीय लता मंगेशकर की मखमली आवाज आज भी सुनने वालों को भावुक कर देती है। इसी एहसास को एक स्थायी पहचान देने के लिए झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में एक ऐसा चौराहा गढ़ा गया है, जहां से गुजरने वाले लोग महज अपना रास्ता तय नहीं करते, बल्कि कुछ पल के लिए गीतों की दुनिया में डूब जाते हैं। यहां बजते मधुर गीत भागदौड़ भरी दिनचर्या से थका देने वाले राहगीरों को भीतर तक सुकून दे जाते हैं।

एक चौराहा, जो स्वर कोकिला के नाम

यह तोहफा शहरवासियों को मेदिनीनगर नगर निगम की ओर से मिला है। भारत रत्न और महान गायिका के सम्मान में इस चौक को नाम दिया गया है — "लता मंगेशकर चौक"। इसके ठीक बीचोबीच एक विशाल वीणा की प्रतिकृति खड़ी की गई है, जो संगीत और भारतीय सांस्कृतिक विरासत दोनों का प्रतीक है। निगम ने जान-बूझकर आसपास के इलाके को भी आकर्षक रूप दिया, ताकि यह जगह केवल वाहनों के गुजरने का बिंदु न रहकर शहर की सांस्कृतिक पहचान बन सके।

दीवारों पर सजी भारतीय कला

चौक और उससे जुड़े ग्रीन जोन में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को उकेरती कई कलाकृतियां लगाई गई हैं। दीवारों पर कथक नृत्य की अलग-अलग मुद्राओं को दर्शाती कलात्मक प्रतिकृतियां सजाई गई हैं, जो भारतीय शास्त्रीय कला की झलक पेश करती हैं। यही वजह है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति आधुनिकता के साथ-साथ अपनी परंपराओं से भी जुड़ाव महसूस करता है।

68 लाख की लागत, पूरे इलाके का कायाकल्प

इस पूरी परियोजना को आकार तत्कालीन नगर आयुक्त जावेद हुसैन के कार्यकाल में दिया गया और इस पर करीब 68 लाख रुपये खर्च हुए। यूनियन चर्च के सामने चर्च रोड से लेकर सद्दीक मंजिल चौक तक के हिस्से में पाथवे, फेबर ब्लॉक, आकर्षक लाइटिंग, हरियाली और पौधारोपण के जरिए पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया गया है। ग्रीन जोन को महिला कॉलेज, केजी स्कूल और गर्ल्स हॉस्टल तक फैलाया गया है। यहां लगाए गए आधुनिक स्पीकरों से दिनभर मीठे गीत बजते रहते हैं, जो माहौल में एक अलग ही रस घोल देते हैं।

लोगों की जुबानी, चौक की कहानी

स्थानीय निवासी मनोज कुमार घोष ने TrendKia को बताया कि शाम ढलते ही यहां का माहौल बेहद मनमोहक हो जाता है और लोग परिवार तथा दोस्तों के साथ वक्त बिताने पहुंचते हैं। शंभू कुमार का कहना है कि यह मेदिनीनगर का सबसे खास और शांत ठिकाना बन चुका है, जहां लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में बजते गीत मन को मानसिक शांति देते हैं। हालांकि स्थानीय लोग और राहगीर यहां शेड और पेयजल जैसी कुछ अतिरिक्त सुविधाओं की मांग भी कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी और बरसात के दिनों में उन्हें राहत आसानी से मिल सके। कुल मिलाकर, लता मंगेशकर चौक आज मेदिनीनगर में संगीत, संस्कृति और सुकून के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।

ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार