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धर्मशाला चौक की भोला जी चाय दुकान का सफर तीन पीढ़ियों तक चला, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां चाय पी चुके हैंकल्चर
3 जुल॰ 2026, 6:29 am (118 दिन पहले)· 4

धर्मशाला चौक की भोला जी चाय दुकान का सफर तीन पीढ़ियों तक चला, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां चाय पी चुके हैं

मुजफ्फरपुर के धर्मशाला चौक पर मौजूद भोला जी चाय दुकान तीन पीढ़ियों से चल रही है और आपातकाल के दौर से लेकर आज तक शहर की राजनीतिक चर्चाओं का अड्डा बनी हुई है। यहां बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी चाय पी चुके हैं।

बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में चाय की दुकानों की भरमार है, लेकिन धर्मशाला चौक पर मौजूद भोला जी चाय दुकान अपनी अलग पहचान रखती है। यहां की शोहरत सिर्फ चाय की चुस्की तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दुकान का जुड़ाव शहर के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास से भी गहरा रहा है। यही वजह है कि आज भी यहां नेता, छात्र, वकील, व्यापारी और आम लोग रोजाना जुटते हैं।

तीन पीढ़ियों से चल रही दुकान

दुकान चलाने वाले संतोष कुमार के मुताबिक इसकी शुरुआत उनके दादाजी ने धर्मशाला चौक पर की थी। दादाजी के बाद यह जिम्मेदारी उनके पिता ने संभाली और अब बरसों से यह दुकान संतोष खुद चला रहे हैं। इस तरह भोला जी चाय दुकान बिना रुके तीन पीढ़ियों से लोगों को चाय पिला रही है।

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सुबह से रात तक जमती है महफिल

संतोष बताते हैं कि सुबह से देर शाम तक हर वर्ग के लोग यहां चाय पीने पहुंचते हैं। शाम ढलते ही दुकान पर राजनीतिक बहस का माहौल बन जाता है। शहर के कई राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र नेता यहीं बैठकर देश दुनिया के मुद्दों पर चर्चा करते नजर आते हैं।

आपातकाल के दिनों की यादें आज भी ताजा

इस दुकान का इतिहास बेहद दिलचस्प है। संतोष के अनुसार देश में जब आपातकाल यानी इमरजेंसी लगी थी, तब यह दुकान मुजफ्फरपुर में आंदोलन से जुड़े लोगों का सबसे भरोसेमंद अड्डा बन गई थी। उस दौर की कई अहम बैठकें और आंदोलन की रणनीतियां यहीं तय होती थीं। आज भी हालात कुछ वैसे ही हैं, छात्रसंघ चुनाव हो या किसी छात्र आंदोलन की तैयारी, अलग अलग छात्र संगठनों के कार्यकर्ता यहां पहुंचकर आपस में मंत्रणा करते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हो चुके हैं मेहमान

भोला जी चाय दुकान की चर्चा सिर्फ धर्मशाला चौक के आसपास तक सीमित नहीं रही। संतोष बताते हैं कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यहां आकर चाय की चुस्की ले चुके हैं। इसी वजह से यह दुकान शहर की राजनीतिक संस्कृति का एक अहम हिस्सा मानी जाती है।

झोपड़ीनुमा दुकान, लेकिन पहचान बड़ी

देखने में यह दुकान एक मामूली और पुरानी झोपड़ीनुमा चाय दुकान जैसी लगती है, लेकिन इसकी विरासत और लोकप्रियता इसे बाकी दुकानों से अलग बनाती है। एक तरफ शहर में आधुनिक कैफे और कॉफी हाउस तेजी से खुल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भोला जी चाय दुकान आज भी अपनी सादगी, स्वाद और ऐतिहासिक पहचान के दम पर लोगों को खींच रही है।

सवाल-जवाब

भोला जी चाय दुकान कहां स्थित है?
यह दुकान मुजफ्फरपुर शहर के धर्मशाला चौक पर स्थित है।
इस दुकान की शुरुआत किसने की थी?
संतोष कुमार के दादाजी ने इस दुकान की शुरुआत धर्मशाला चौक पर की थी, बाद में उनके पिता और अब खुद संतोष इसे चला रहे हैं।
आपातकाल के दौरान इस दुकान की क्या भूमिका थी?
आपातकाल के दौरान यह दुकान मुजफ्फरपुर में आंदोलन से जुड़े लोगों की बैठकों और रणनीतियों का प्रमुख ठिकाना हुआ करती थी।
क्या नीतीश कुमार भी यहां चाय पी चुके हैं?
हां, संतोष कुमार के मुताबिक बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस दुकान पर आकर चाय की चुस्की ले चुके हैं।
आज भी इस दुकान पर किस तरह के लोग आते हैं?
यहां रोजाना नेता, छात्र, वकील, व्यापारी और आम लोग चाय पीने के साथ राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करने पहुंचते हैं।
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