दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) को औपचारिक पत्र भेजकर एक शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। शिकायत में दावा किया गया है कि प्लेटफॉर्म पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को निशाना बनाकर अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक कंटेंट फैलाया जा रहा है।
पुलिस ने एक्स से क्या-क्या मांगा
पत्र में पुलिस ने प्लेटफॉर्म से पांच अलग-अलग बातें करने को कहा है। सबसे पहले, जिस पोस्ट या वीडियो की शिकायत की गई है, उसे तुरंत हटाया जाए। दूसरा, वह कंटेंट पोस्ट करने वाले एक्स अकाउंट होल्डर की पूरी जानकारी दी जाए, जिसमें उसका पूरा नाम, पता, कॉन्टैक्ट डिटेल्स और ईमेल आईडी शामिल हो। इसके साथ ही अकाउंट के लॉगिन और लॉगआउट का पूरा रिकॉर्ड भी देना होगा, जिसमें समय और तारीख दोनों दर्ज हों। तीसरा, जांच में काम आ सकने वाली कोई भी अन्य जरूरी जानकारी भी साझा की जाए। चौथा, कथित पोस्ट या वीडियो से जुड़ा डेटा आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा जाए ताकि सबूत नष्ट न हों।
BSA की धारा 63(4) के तहत सर्टिफिकेट की मांग
पांचवीं और आखिरी मांग में पुलिस ने BSA यानी भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63(4) के तहत एक सर्टिफिकेट भी मांगा है। यह प्रावधान डिजिटल सबूतों को अदालत में मान्य बनाने के लिए जरूरी माना जाता है, यानी अगर मामला आगे कानूनी कार्रवाई तक पहुंचता है तो यह डेटा सबूत के तौर पर इस्तेमाल हो सकेगा।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मौका नहीं है जब सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ मानहानिकारक कंटेंट को लेकर सख्ती दिखाई गई हो। हाल के महीनों में एक अदालत ने आम आदमी पार्टी और सौरभ भारद्वाज को बांसुरी स्वराज के खिलाफ एक अपमानजनक वीडियो हटाने का सख्त निर्देश दिया था और कहा था कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर मानहानि की छूट नहीं दी जा सकती। इसी तरह एक अन्य मामले में भी अदालत ने साफ किया था कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं है।



















