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कनाडा से मिली सुपारी के बाद दिल्ली में हत्या की फिराक में आए 2 शार्प शूटर गिरफ्तार, हथियार बरामददिल्ली
19 अग॰ 2026, 10:54 pm (2 घंटे पहले)· 2

कनाडा से मिली सुपारी के बाद दिल्ली में हत्या की फिराक में आए 2 शार्प शूटर गिरफ्तार, हथियार बरामद

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बवाना-कंझावला रोड से बंबीहा और नंदू गैंग के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है, जो कनाडा में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर दिल्ली में मर्डर करने आए थे।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात कपिल सांगवान उर्फ नंदू और बंबीहा गैंग से जुड़े दो खतरनाक शार्प शूटरों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी 23 वर्षीय हरमनजीत सिंह और लुधियाना निवासी 22 वर्षीय हर्षदीप सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। यह दोनों आरोपी दिल्ली के छावला क्षेत्र में एक मकान पर गोलीबारी करने और पंजाब के लुधियाना में एक रेस्टोरेंट के बाहर दहशत फैलाने के मामलों में वांछित थे। पुलिस के अनुसार दोनों शूटर कनाडा में बैठकर आपराधिक गतिविधियां चला रहे गैंगस्टर देवेंद्र सिंह उर्फ गोपी लाहोरिया के सीधे संपर्क में थे और उसी के इशारे पर राजधानी में एक बड़ी हत्या की वारदात को अंजाम देने आए थे। गिरफ्तारी के समय क्राइम ब्रांच ने उनके कब्जे से दो अवैध पिस्तौल और 7 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

खुफिया इनपुट पर बवाना-कंझावला रोड पर बिछाया गया जाल

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर मान सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम को इन शूटरों की आवाजाही के संबंध में एक गुप्त इनपुट प्राप्त हुआ था। इस इनपुट में बताया गया था कि दोनों शूटर किसी व्यक्ति की हत्या करने के उद्देश्य से फिर से दिल्ली में प्रवेश करने वाले हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी संजीव यादव के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत रणनीति तैयार की। पुलिस टीम ने बवाना-कंझावला रोड पर स्थित बजीतपुर क्रॉसिंग बस स्टॉप के आसपास कड़ी घेराबंदी कर दी। जैसे ही दोनों आरोपी तय समय पर वारदात को अंजाम देने की नीयत से वहां पहुंचे, सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए।

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कनाडा से मिली हत्या की सुपारी और 30 हजार रुपये की पेशगी

क्राइम ब्रांच द्वारा की गई सघन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपियों ने स्वीकार किया कि कनाडा में मौजूद गैंगस्टर देवेंद्र सिंह उर्फ गोपी लाहोरिया ने उन्हें दिल्ली में एक विशिष्ट व्यक्ति की हत्या करने का ठेका दिया था। टारगेट की पहचान सुनिश्चित करने के लिए गोपी लाहोरिया ने मोबाइल फोन पर उसकी तस्वीर भेजी थी और काम पूरा होने पर भारी रकम देने का वादा किया था। योजना की शुरुआत में ही शूटरों को 30 हजार रुपये की अग्रिम राशि यानी पेशगी के तौर पर उपलब्ध कराई गई थी। रकम मिलने के बाद दोनों शूटर साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए दिल्ली पहुंचे और द्वारका मोड़ इलाके के एक होटल में ठहरे थे।

छावला में फायरिंग से लेकर लुधियाना तक का घटनाक्रम

पूछताछ में वारदात के पूरे घटनाक्रम की कड़ी सामने आई। 15 अगस्त को दोनों शूटरों ने पूर्वी दिल्ली के एक इलाके से दो हथियार और कारतूस प्राप्त किए थे। इसके बाद 16 अगस्त को वे छावला इलाके में अपने टारगेट का पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंचे। हालांकि, उस समय घर के अंदर कई लोगों की मौजूदगी होने के कारण वे हत्या की मुख्य वारदात को अंजाम नहीं दे सके। पकड़े जाने के डर से और दहशत कायम करने के उद्देश्य से आरोपियों ने घर पर अंधाधुंध फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। इसके अगले दिन यानी 17 अगस्त को दोनों पंजाब के लुधियाना पहुंचे, जहां उन्होंने एक रेस्टोरेंट के बाहर हवाई फायरिंग करके इलाके में दहशत फैला दी।

अधूरा काम पूरा करने लौटे थे दिल्ली, पुलिस ने फेरा पानी

लुधियाना में फायरिंग करने के बाद 18 और 19 अगस्त को गोपी लाहोरिया के निर्देश पर दोनों शूटर फिर से दिल्ली लौटे। उनका मकसद छावला वाले टारगेट का अधूरा काम पूरा करना यानी उसकी हत्या करना था। लेकिन इससे पहले कि वे अपनी खूनी योजना में कामयाब हो पाते, क्राइम ब्रांच ने समय रहते उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि हर्षदीप सिंह उर्फ बिल्ला पर पहले से ही हत्या, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं और वह इसी साल जून के महीने में जेल से बाहर आया था। वहीं हरमनजीत सिंह पर चोरी और डकैती के मुकदमे दर्ज हैं और वह जुलाई में ही रिहा हुआ था। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट के अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।

सवाल-जवाब

दिल्ली पुलिस ने किन दो शूटरों को गिरफ्तार किया है?
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पंजाब निवासी 23 वर्षीय हरमनजीत सिंह और 22 वर्षीय हर्षदीप सिंह उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया है।
ये शूटर किस गैंगस्टर के इशारे पर काम कर रहे थे?
ये दोनों शूटर कनाडा में बैठे गैंगस्टर देवेंद्र सिंह उर्फ गोपी लाहोरिया और कपिल सांगवान उर्फ नंदू व बंबीहा गैंग के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया है?
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों के कब्जे से 2 अवैध पिस्तौल और 7 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
आरोपियों को कहां से और कैसे दबोचा गया?
क्राइम ब्रांच ने खुफिया इनपुट के आधार पर बवाना-कंझावला रोड के पास स्थित बजीतपुर क्रॉसिंग बस स्टॉप पर घेराबंदी करके दोनों को दबोचा।
आरोपियों का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड क्या है?
हर्षदीप सिंह पर हत्या, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं और वह जून में जेल से छूटा था, जबकि हरमनजीत सिंह पर चोरी व डकैती के केस हैं और वह जुलाई में रिहा हुआ था।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·59 मिनट पहले

यह घटना स्पष्ट करती है कि कैसे विदेशी जमीन पर बैठे अपराधी भारतीय महानगरों में स्थानीय युवाओं को पैसों का लालच देकर अपराध का नेटवर्क फैला रहे हैं। दिल्ली और पंजाब पुलिस के बीच समन्वय और खुफिया तंत्र की यह सक्रियता एक बड़ी साजिश को टालने में सफल रही, लेकिन सीमा पार से संचालित होने वाले ऐसे सिंडिकेट्स पर नकेल कसने के लिए कूटनीतिक और तकनीकी स्तर पर और अधिक कठोर कदम उठाने की आवश्यकता होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·58 मिनट पहले

यह मामला इस बात का प्रमाण है कि विदेशी धरती से ऑपरेट हो रहे गैंगस्टर भारतीय युवाओं को आसानी से पैसों का लालच देकर अपना मोहरा बना रहे हैं। बवाना-कंझावला रोड पर हुई यह गिरफ्तारी भले ही एक टार्गेटेड किलिंग को रोकने में कामयाब रही हो, लेकिन यह ट्रेंड राष्ट्रीय राजधानी की सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। जांच एजेंसियों को अब इन स्लीपर सेल्स और डिजिटल मनी ट्रेल को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को और अधिक मजबूत करना होगा।

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