राजधानी दिल्ली के टिकरी कलां इलाके से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां एक सीएनजी फ्यूलिंग स्टेशन पर अचानक हुए भीषण विस्फोट में दो कर्मचारियों की जान चली गई। यह दुर्घटना उस वक्त घटी जब स्टेशन पर सामान्य दिनों की तरह वाहनों में गैस भरने का कार्य चल रहा था और एक ट्रक रिफ्यूलिंग के लिए आया हुआ था। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज से पूरा आसपास का क्षेत्र थर्रा उठा और स्थानीय निवासियों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल और दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे का शिकार हुए दो कर्मचारी और घायलों की स्थिति
इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले दोनों व्यक्ति इसी सीएनजी स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारी थे। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय मनीष और 32 वर्षीय सन्नी के रूप में की गई है। मनीष दिल्ली के बाबा हरिदास कॉलोनी का निवासी था, जबकि सन्नी निजामपुर इलाके का रहने वाला था। जब यह ब्लास्ट हुआ, उस समय दोनों कर्मचारी ट्रक के बेहद करीब खड़े होकर गैस भरने की प्रक्रिया को पूरा कर रहे थे। अचानक हुए इस शक्तिशाली धमाके के कारण दोनों को संभलने का जरा भी अवसर नहीं मिला और उन्होंने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया।
इस हादसे में स्टेशन पर मौजूद कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार घायलों में से एक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। घटना स्थल पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घायलों को तुरंत निकटतम चिकित्सा केंद्र पहुंचाया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
रिफ्यूलिंग के दौरान धमाका और टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती विवरण के अनुसार, स्टेशन पर रोजाना की तरह कामकाज सामान्य रूप से संचालित हो रहा था। इसी दौरान एक ट्रक गैस भरवाने के लिए वहां पहुंचा। जैसे ही कर्मचारी ने ट्रक में सीएनजी भरने की प्रक्रिया प्रारंभ की, वैसे ही वहां एक भयंकर विस्फोट हो गया। धमाके का दबाव इतना तीव्र था कि आसपास खड़े लोग इसकी चपेट में आ गए और वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिफ्यूलिंग के समय गैस का अत्यधिक प्रेशर होना या सिलेंडर और पाइपलाइन में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी आना इस दुर्घटना का संभावित कारण हो सकता है। इसके अलावा गैस रिसाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इस हादसे के बीच राहत की बात यह रही कि धमाके के बाद फ्यूलिंग स्टेशन पर आग नहीं फैली। यदि सीएनजी के रिसाव के साथ वहां आग लग जाती, तो यह दुर्घटना और भी अधिक भयानक रूप धारण कर सकती थी।
इमरजेंसी टीम की त्वरित कार्रवाई और जांच
दिल्ली फायर सर्विस को इस घटना की आधिकारिक सूचना दोपहर लगभग 3.37 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग का दस्ता कई गाड़ियों के साथ बिना किसी देरी के टिकरी कलां स्थित घटनास्थल पर पहुंच गया। इमरजेंसी रेस्क्यू टीम ने सबसे पहला कदम उठाते हुए घायल लोगों को त्वरित रूप से अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की। इसके साथ ही द्वितीयक खतरों को समाप्त करने के लिए पूरे सीएनजी स्टेशन की गैस सप्लाई को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद कर दिया गया।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। वर्तमान में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम घटना स्थल का गहन निरीक्षण कर रही है ताकि धमाके के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस हर संभावित पहलू, जिसमें तकनीकी विफलता और सुरक्षा लापरवाही शामिल हैं, से इस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।



















