राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले सीजेपी विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं. कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए समूचे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. मुख्य प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए दिल्ली पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के 23 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है. सड़कों पर कड़ी बैरिकेडिंग और सघन जांच अभियानों के कारण सामान्य आवागमन और सड़क यातायात पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है. इसी स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शहर के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों ने परिसर में कक्षाएं न लगाने का फैसला लिया है.
स्कूलों का फैसला: ऑफलाइन कक्षाएं, खेल अभ्यास और बैठकें स्थगित
सड़क मार्गों पर संभावित भारी जाम, सुरक्षा प्रतिबंधों और अभिभावकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए राजधानी के कई प्रमुख विद्यालयों ने अपनी नियमित गतिविधियों में अहम फेरबदल किए हैं. विद्यार्थियों को असुविधा से बचाने के लिए ऑफलाइन कक्षाओं की जगह घर से ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा निर्धारित बैठकों और पाठ्येतर गतिविधियों को भी टाल दिया गया है.
- सरदार पटेल विद्यालय: विद्यालय प्रबंधन के निर्देशों के अनुसार 10 अक्टूबर को कक्षा 6 से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराई जाएगी. इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध स्टे-बैक सुविधा को बंद रखा गया है और प्रस्तावित एक्टिविटी वीक के उद्घाटन समारोह को भी आगामी सूचना तक स्थगित कर दिया गया है.
- रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल: विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था और रास्तों पर आवाजाही में पेश आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए स्कूल ने अपनी पैरेंट-टीचर मीटिंग के समय में बदलाव किया है. प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने के बाद बैठक की नई तारीख साझा की जाएगी.
- भारतीय विद्या भवन का मेहता विद्यालय: जंतर-मंतर के निकट स्थिति होने के कारण संस्थान ने शनिवार को आयोजित होने वाली स्पोर्ट्स डे की प्रैक्टिस को रद्द कर दिया है. इसके अतिरिक्त कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए रखी गई अतिरिक्त कक्षाओं को भी फिलहाल निरस्त कर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पितृ विसर्जन का अवकाश
एक तरफ जहां दिल्ली में सुरक्षा कारणों से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, वहीं पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में धार्मिक पर्व के उपलक्ष्य में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. राज्य के प्रयागराज, हमीरपुर और हाथरस जिलों में सर्वपितृ अमावस्या यानी पितृ विसर्जन के अवसर पर विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है.
मेट्रो नेटवर्क और लंबी दूरी की रेल सेवाओं पर प्रतिबंध
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क पर 56 स्टेशनों को अस्थायी तौर पर बंद रखने का निर्णय हुआ है, जबकि संवेदनशील हिस्सों में 50 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार पूरी तरह बंद रखे गए हैं या वहां यात्रियों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया है. रेल नेटवर्क पर भी इसका सीधा असर पड़ा है, जहां दिल्ली आने और जाने वाली कई प्रमुख तथा प्रीमियम रेलगाड़ियों को रद्द किया गया है. विशेष रूप से कानपुर, बिहार, जयपुर और इटारसी की दिशा से राजधानी की ओर आने वाली प्रीमियम ट्रेनों का संचालन निरस्त रहा है. प्रशासन ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने गंतव्य के लिए रवाना होने से पहले रास्तों और सार्वजनिक परिवहन की वास्तविक स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें.





















