दिल्ली यूनिवर्सिटी के परिसरों में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर पहुंच चुकी है। देश के इस सबसे बड़े छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया आज आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। सुबह के वक्त ठंडी हवाओं के बीच कॉलेजों के बाहर छात्रों की लंबी कतारें इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि यूनिवर्सिटी की राजनीति को लेकर युवाओं के बीच कितना भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में क्लासरूम में उपस्थिति की फिक्र करने वाले ये विद्यार्थी आज इस बात को लेकर ज्यादा उत्सुक हैं कि कॉलेज की कैंटीन से लेकर यूनिवर्सिटी के उच्च प्रशासन तक उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाने का काम कौन सा उम्मीदवार करेगा।
कैंपस में गरमाई राजनीति और चुनाव प्रचार
सुबह की चाय की चुस्कियों के साथ शुरू होने वाली चर्चाएं अब सीधे वोटिंग मशीनों तक पहुंच चुकी हैं। परिसरों में चारों तरफ पर्चे बांटते हुए समर्थक और जीत के बड़े-बड़े दावे करते हुए प्रत्याशी साफ नजर आ रहे हैं। पूरा विश्वविद्यालय परिसर इस समय पूरी तरह से चुनावी रंगों में रंग चुका है और हर कोई बस यही जानने के लिए बेताब है कि इस बार चुनाव में जीत का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा। छात्र अपने पसंदीदा चेहरों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं और माहौल पूरी तरह से गर्माया हुआ है।
प्रशासन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से पूरी सख्ती से निपटने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही अपनी कमर कस ली है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी की अनुशासन समिति के अधिकारी भी चप्पे-चप्पे पर पूरी तरह मुस्तैद रहकर नजर रख रहे हैं। बीते वर्षों के दौरान हुए हंगामों और परिसरों की दीवारों पर गंदे पोस्टर्स चिपकाने की पुरानी संस्कृति से कड़ा सबक लेते हुए इस बार डीयू प्रशासन ने वीसी प्रो. योगेश सिंह के नेतृत्व में बेहद सख्त निर्देश और हिदायतें जारी की हैं, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।



















