उत्तर-पश्चिम दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में त्योहार के उल्लास के बीच एक खौफनाक वारदात सामने आई है। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाले जा रहे जुलूस के दौरान नौवीं कक्षा के एक छात्र पर कुछ लड़कों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में छात्र की जान चली गई, जबकि उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल व्याप्त हो गया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस बनी खूनी संघर्ष की वजह
शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि इस घातक हमले की जड़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर हुआ एक विवाद था। बताया जा रहा है कि एक पोस्ट पर किए गए कमेंट को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से तनातनी चल रही थी। यह रंजिश इतनी गहरी हो गई कि विसर्जन यात्रा के दौरान जब पीड़ित छात्र हमलावरों के सामने आया, तो उन्होंने अचानक उस पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर चार से पांच की संख्या में थे और उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के मकसद से चेहरे पर मास्क पहन रखे थे।
त्योहारी भीड़ का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम
यह घटना पीतमपुरा के एफपी ब्लॉक में उस वक्त घटी जब इलाके के लोग विसर्जन यात्रा में नाच-गा रहे थे। भीड़भाड़ और तेज आवाज के बीच आरोपियों ने छात्र को घेर लिया और संभलने का मौका दिए बिना उस पर तेजधार हथियारों से वार कर दिए। अचानक हुए इस खूनी हमले से जुलूस में भगदड़ मच गई। जब तक आसपास के लोग छात्र को बचाने के लिए आगे बढ़ते, हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। हमले में बीच-बचाव करने की कोशिश में दूसरा युवक भी बुरी तरह लहूलुहान हो गया।
पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से चार को पकड़ा
वारदात की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सुरक्षा कैमरों की फुटेज खंगाली और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले में चार नाबालिग लड़कों को हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि हमले की पूरी साजिश कैसे रची गई थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है ताकि किसी भी तरह का तनाव न भड़के।






















