पूर्वोत्तर के एक युवक के साथ सरेआम नस्लीय अभद्रता करने के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया है। त्रिपुरा के आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पीड़ित युवक को लेकर इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें आरोपी ने उसे चीन का राष्ट्रपति कहकर अपमानित किया था और सार्वजनिक रूप से परेशान किया था। इस घटना के तूल पकड़ने के बाद राजधानी दिल्ली से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। आखिरकार इस मामले में कानून का शिकंजा कस चुका है और पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
कॉल और सर्विलेंस से तलाश, रिश्तेदार के यहां से पकड़ाया
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी आमिर शौकीन लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से दूर भाग रहा था। दिन के समय उसकी टेक्निकल लोकेशन शाहदरा इलाके में ट्रेस की गई थी, जिसके आधार पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही। इसके बाद सदर बाजार थाने की पुलिस ने तकनीकी सर्विलेंस और खुफिया इनपुट का इस्तेमाल करते हुए जाल बिछाया। पुलिस ने आमिर शौकीन को करोलबाग क्षेत्र से दबोच लिया, जहां वह अपने एक रिश्तेदार के घर में छिपकर बैठा हुआ था और पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
इस पूरे प्रकरण को लेकर दिल्ली पुलिस के सदर बाजार थाने में आरोपी कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 192, 196, 352 और 353 के तहत मुकदमा कायम किया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आमिर शौकीन का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उस पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ पूर्व में IPC की धारा 323 के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, धारा 324 के तहत खतरनाक हथियारों से नुकसान पहुंचाने, धारा 504 के तहत शांति भंग करने के मकसद से अपमानित करने और धारा 506 के तहत आपराधिक धमकी देने के मुकदमे दर्ज हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री माणिक साहा की सख्त प्रतिक्रिया
इस नस्लीय दुर्व्यवहार की घटना पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने X पर पोस्ट किया था कि इस दुष्ट व्यक्ति को सजा मिलेगी। दूसरी ओर, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को सीधे निर्देश जारी किए थे कि वे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ मिलकर इस मामले में तत्काल और सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करवाएं।
राजनीतिक दलों के बीच छिड़ा आरोप-प्रत्यारोप का दौर
घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी तीखा विरोध देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि आरोपी आमिर शौकीन कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ कार्यकर्ता है। त्रिपुरा इकाई की तरफ से अपनी सोशल मीडिया पोस्ट की शुरुआत ही कांग्रेस पर निशाना साधते हुए की गई। पार्टी की तरफ से यह मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई कि इस प्रकार के नस्लीय हमले को अंजाम देने वाले अपराधियों को जल्द से जल्द और सबसे कठोर सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।



















