राजस्थान के अलवर जिले के अंतर्गत आने वाले बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र के साड़ोली गांव में जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष देखने को मिला है। इस हिंसक झड़प के दौरान दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे चले, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमले की इस घटना में दोनों पक्षों के एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में दो महिलाओं की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें तुरंत अलवर के सामान्य चिकित्सालय में रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करते हुए नजर आ रहे हैं।
विवाद और घायलों की विस्तृत जानकारी
सामने आई जानकारी के अनुसार, साड़ोली गांव के रहने वाले रईस, आमीन, सरताज, हैदर, मुबीना और यूसुफ पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने गांव के ही मम्मल, नूरा, ईसरी और मुबीन तथा अन्य लोगों के साथ मारपीट की। हालांकि, इस संघर्ष में दोनों ही पक्षों के कई लोग चोटिल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल होने वालों में एक पक्ष की ओर से मुबीना और दूसरे पक्ष की ओर से बिस्सी शामिल हैं, जिनकी स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें अलवर अस्पताल भेजा गया। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से अपने-अपने अलग दावे पेश किए जा रहे हैं, जो पूरे मामले को और पेचीदा बना रहे हैं।
आपसी दावे और भूखंड को लेकर टकराव
घटना के पीछे के कारणों को लेकर दोनों पक्षों के वर्जन पूरी तरह से अलग हैं। एक पक्ष का स्पष्ट आरोप है कि उन्होंने प्लॉट के पैसे पूरे चुका दिए थे, इसके बावजूद दूसरा पक्ष जबरन उस जमीन पर कब्जा करने की फिराक में है। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष का यह कहना है कि इस पूरे विवाद की जड़ जमीन या प्लॉट नहीं है, बल्कि एक महिला के साथ की गई बदसलूकी का मामला है। दोनों पक्षों के इन अलग-अलग दावों के कारण पुलिस और ग्रामीणों के लिए भी असली वजह तक पहुँचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, और पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है।
इसी महीने सामने आई दूसरी बड़ी घटना
स्थानीय ग्रामीणों ने इस बात की पुष्टि की है कि साड़ोली गांव में प्लॉट पर कब्जे को लेकर इसी महीने के भीतर यह दूसरी बार ऐसी हिंसक झड़प हुई है। इस तरह लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। जैसे ही मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की तरफ से लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि केवल गहन जाँच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

















