एयर इंडिया की फुकेत से नई दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में सामने आए घटनाक्रम के बाद कैप्टन सुदीप वशिष्ठ चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। लगभग नौ से दस साल के एविएशन करियर में ट्रेनी पायलट से लेकर एयरबस A320 की कमान संभालने वाले सुदीप वशिष्ठ पर थाइलैंड के फुकेत में लगे गंभीर आरोपों ने भारतीय विमानन क्षेत्र में हलचल मचा दी है। इस पूरे मामले में अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की जांच जारी है, जिससे उनके अब तक के फ्लाइंग करियर और पेशेवर रिकॉर्ड्स पर कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया से फर्स्ट ऑफिसर बनने तक की शुरुआत
सार्वजनिक डोमेन में मौजूद आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, सुदीप वशिष्ठ का जन्म 19 फरवरी 1992 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 2016-17 के दौरान आयोजित एयर इंडिया सीनियर ट्रेनी पायलट भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। इस चयन प्रक्रिया के सरकारी रिकॉर्ड्स में उनका रोल नंबर STPDG-98 दर्ज है। इस भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्होंने साल 2017 में एयर इंडिया के साथ बतौर फर्स्ट ऑफिसर अपने पेशेवर फ्लाइंग करियर की औपचारिक शुरुआत की थी। करियर की शुरुआत से ही वे नियमित फ्लाइंग रोस्टर का हिस्सा बन गए थे।
एयरबस A320 की कमान और एक दशक का अनुभव
फर्स्ट ऑफिसर के पद पर तैनाती के बाद सुदीप वशिष्ठ ने एयरबस A320 फैमिली के वाणिज्यिक विमानों को उड़ाने का व्यापक अनुभव प्राप्त किया। लगातार फ्लाइंग आवर्स पूरे करने और अपने प्रदर्शन के आधार पर उन्हें आगे पदोन्नति दी गई। इसके बाद वे एयर इंडिया में एयरबस A320 एयरक्राफ्ट के मुख्य कैप्टन के रूप में पदोन्नत हुए। अपने लगभग 9 से 10 साल लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कमान संभाली और विमानन उद्योग में एक अनुभवी पायलट के रूप में अपनी जगह बनाई।
फुकेत उड़ान का घटनाक्रम और कैनबिस से जुड़े आरोप
हालिया विवाद की शुरुआत फुकेत से नई दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 के संचालन के दौरान हुई। विभिन्न रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, थाइलैंड के फुकेत प्रवास के दौरान कैप्टन सुदीप वशिष्ठ पर कैनबिस यानी गांजा या भांग के सेवन से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन दावों और आरोपों की अभी तक किसी भी अथॉरिटी द्वारा आधिकारिक या कानूनी रूप से पुष्टि नहीं की गई है। इस घटनाक्रम ने एविएशन सेक्टर में सुरक्षा मानकों और क्रू अनुशासन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
डीजीसीए और एएआईबी की ओर से जारी जांच
इस ताजा विवाद के साथ ही कुछ सूत्रों का दावा है कि कैप्टन सुदीप वशिष्ठ अतीत में भी किसी विमान हादसे या उड़ान से जुड़ी घटना से संबंधित रहे हैं। बहरहाल, इस पुराने दावे की भी अब तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है। वर्तमान समय में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इस पूरे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियां फ्लाइट रिकॉर्ड्स और फुकेत में हुए घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। इस विस्तृत जांच के पूरा होने के बाद ही मामले के असली तथ्य सामने आ सकेंगे।



















