नई दिल्ली में स्थित प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा और अहम बदलाव किया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मौजूदा कैंपस हालातों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से सभी कोर्सेस की ऑफलाइन कक्षाओं को आगामी आदेशों तक स्थगित करने का कठोर निर्णय लिया है। इस निर्देश के बाद अब विश्वविद्यालय के सभी विभागों, केंद्रों और संकायों में शैक्षणिक गतिविधियां केवल डिजिटल माध्यमों से ही संचालित की जाएंगी, ताकि छात्रों के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक कैलेंडर पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एमडी महताब आलम रिजवी ने एक आधिकारिक सर्कुलर जारी करते हुए इस बड़े प्रशासनिक फैसले पर मुहर लगाई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट शब्दों में यह कहा गया है कि उठाया गया यह कदम पूरी तरह से एहतियातन है, ताकि किसी भी अप्रिय परिस्थिति से बचा जा सके और छात्रों की संरक्षा से किसी भी स्तर पर कोई समझौता न हो। आदेश जारी होने के तुरंत बाद विश्वविद्यालय के सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्षों और शिक्षकों को आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश थमा दिए गए हैं।
जामिया प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा विश्वविद्यालय प्रबंधन की शीर्ष प्राथमिकता है। कैंपस के वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए यह जरूरी समझा गया कि ऑफलाइन कक्षाओं को कुछ समय के लिए रोक दिया जाए और उनकी जगह ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा जारी रखी जाए। इस वैकल्पिक व्यवस्था के लागू होने से विद्यार्थियों को अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए कक्षाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान भी नहीं होगा और उनका बहुमूल्य समय भी सुरक्षित रहेगा।
प्रशासनिक आदेश के अंतर्गत सभी विभागों के डीन, हेड्स, सेंटर्स के डायरेक्टर्स और शिक्षकों को यह हिदायत दी गई है कि वे बिना किसी विलंब के ऑनलाइन कक्षाओं के निर्धारित समय-सारणी के अनुसार शिक्षण कार्य शुरू करें। इसके साथ ही शिक्षकों से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों से ही आवश्यक अध्ययन सामग्री और पूर्ण शैक्षणिक सहायता प्रदान करें, ताकि किसी भी छात्र को विषय को समझने में कठिनाई का सामना न करना पड़े।
निर्बाध डिजिटल शिक्षण प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए जामिया के एफटीके-सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के कार्यकारी निदेशक को विशेष दायित्व सौंपा गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे इस महत्वपूर्ण सूचना को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर तुरंत अपलोड करें। इसके अलावा ऑनलाइन कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तकनीकी इंतजामों और सॉफ्टवेयर प्रणालियों को पूरी तरह दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है, ताकि कक्षाओं के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
विश्वविद्यालय के स्पष्ट निर्देश के अनुसार यह नई व्यवस्था 'अगले आदेश तक' यानी जब तक परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य और अनुकूल नहीं हो जातीं, तब तक सख्ती से लागू रहेगी। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े किसी भी प्रकार के नए निर्देश या अपडेट केवल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही साझा किए जाएंगे। विद्यार्थियों को सख्त सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करते हुए नियमित रूप से अपनी ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थित रहें।























