कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की विशेष व्यवस्था के तहत अब पेंशनर्स को अपना वार्षिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए बैंक या दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम 1995 के दायरे में आने वाले सभी पात्र पेंशनर्स इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने घर बैठे ही जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार का सेवा शुल्क नहीं देना होगा। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च खुद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा उठाया जा रहा है।
समझौता और शुरुआत की तारीख
श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने इस डोरस्टेप सेवा को शुरू करने के लिए 3 नवंबर 2025 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। यह विशेष सुविधा 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गई थी, जिसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 9 जनवरी 2026 को इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़ा एक विस्तृत परिपत्र भी जारी कर दिया था।
घर पर कैसे मिलती है सेवा
इस योजना के तहत डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक सीधे पात्र पेंशनर्स के घर जाते हैं। वे आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट करते हैं। सेवा सफल होने और मानक प्रक्रिया के तहत स्वीकृत होने पर पेंशनर्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने की पूरी प्रक्रिया
घर बैठे इस सेवा का लाभ उठाने के लिए पेंशनर्स को तय किए गए चरणों का पालन करना होता है
- पहला चरण: पेंशनर्स 033-22029000 पर कॉल करके इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं और घर पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सेवा के लिए अनुरोध दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा वे अपने स्थानीय डाकिए या ग्रामीण डाक सेवक से भी संपर्क कर सकते हैं या सहायता के लिए नजदीकी डाकघर जा सकते हैं।
- दूसरा चरण: वेरिफिकेशन के लिए पेंशनर्स को अपना आधार विवरण और पेंशन पेमेंट ऑर्डर यानी PPO से जुड़ी जानकारी तैयार रखनी होगी। डाक विभाग का कर्मचारी संबंधित पेंशन विवरण की जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का समय आ गया है या नहीं।
- तीसरा चरण: डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक अधिकृत डोरस्टेप बैंकिंग डिवाइस का उपयोग करते हैं और आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करते हैं।
- चौथा चरण: सर्टिफिकेट जमा होने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और पेंशनभोगी के विवरण की जांच करता है। मानक संचालन प्रक्रिया में तय शर्तों को पूरा करने के बाद ही यह प्रमाण पत्र मुफ्त सेवा व्यवस्था के तहत सफल सबमिशन के रूप में मान्य होता है।
- पाँचवा चरण: प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाली रसीद या रेफरेंस डिटेल्स को पेंशनर्स को सुरक्षित रखना चाहिए ताकि यह पुष्टि हो सके कि उनका प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक जमा और स्वीकार हो गया है। केवल घर पर विजिट होना या प्रयास करना इस बात की गारंटी नहीं देता है कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट मंजूर हो चुका है।
जरूरी दस्तावेज और डिटेल्स
डोरस्टेप विजिट के दौरान डाकिया के आने से पहले पेंशनर्स को कुछ जरूरी दस्तावेज और जानकारियां अपने पास तैयार रखनी चाहिए। इसमें आधार नंबर और उससे जुड़ी ऑथेंटिकेशन डिटेल्स, पेंशन तथा पेंशन देने वाली एजेंसी का पूरा विवरण, और यदि लागू हो तो पेंशन या ऑथेंटिकेशन रिकॉर्ड से लिंक किया गया मोबाइल नंबर शामिल है।



















