मयूर विहार से एम्स का सफर अब बिना रुकावट, राजधानी को मिला नया बारापूला एलिवेटेड कॉरिडोरकर्नाटक में रसोई गैस बॉटलिंग प्लांटों की जांच में बड़ा खुलासा, पच्चीस प्रतिशत सिलेंडरों में निर्धारित स्तर से कम मिली गैसदिल्ली मास्टर प्लान: राजधानी में जमीन खरीदने की सही रणनीति, एनसीआर से तुलना और इन कानूनी गलतियों से कैसे बचेंलाइव: एशियाई खेल 2026: पिछले दिन 8 पदक जीतने के बाद आज भारतीय दल के सामने व्यस्त कार्यक्रमवृश्चिक दैनिक राशिफल 29 सितंबर 2026: कार्यक्षेत्र में अनुशासन और वित्तीय संयम से मिलेगी सफलतासिंह राशिफल 29 सितंबर 2026: सोच में लचीलापन लाएगा मानसिक शांति, जल्दबाजी के फैसलों से बचेंआर्थिक राशिफल 29 सितंबर 2026: 12 राशियों के लिए धन, निवेश, संपत्ति और व्यापार का विस्तृत भविष्यफलदैनिक राशिफल 29 सितंबर 2026: जानिए मेष से मीन तक सभी राशियों का दिन कैसा रहेगातुला राशिफल 29 सितंबर 2026: बातचीत से सुलझेंगी रिश्तों की दूरियां और साझेदारी में मिलेगा लाभसड़क निर्माण में खामी दिखाने पर युवक को थप्पड़ मारने का मामला गरमाया, अरविंद केजरीवाल ने की प्रवेश वर्मा की गिरफ्तारी की मांग
मयूर विहार से एम्स का सफर अब बिना रुकावट, राजधानी को मिला नया बारापूला एलिवेटेड कॉरिडोरदिल्ली
29 सित॰ 2026, 8:33 am (16 मिनट पहले)· 0

मयूर विहार से एम्स का सफर अब बिना रुकावट, राजधानी को मिला नया बारापूला एलिवेटेड कॉरिडोर

दिल्ली में सराय काले खां से मयूर विहार के बीच बारापूला फेज 3 एलिवेटेड कॉरिडोर की शुरुआत हो गई है, जिससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच आवागमन काफी तेज हो जाएगा।

पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राजधानी के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में शुमार बारापूला एलिवेटेड कॉरिडोर के तीसरे चरण का उद्घाटन होने के साथ ही वर्षों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। इस नए मार्ग के शुरू होने से व्यस्त समय में चालीस मिनट में तय होने वाला सफर सिमटकर महज पंद्रह मिनट का रह जाएगा। पूरे रास्ते पर एक भी ट्रैफिक सिग्नल न होने की वजह से वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने किया नई परियोजनाओं का लोकार्पण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने मुकरबा चौक अंडरपास का भी औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा तथा मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ सहयोगी मौजूद रहे। इस दौरान शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कुल एक हजार नौ सौ इकतालीस करोड़ रुपये की चार प्रमुख विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई, जिसमें दो नए फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का शिलान्यास भी शामिल रहा।

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मयूर विहार से एम्स तक सिग्नल मुक्त कनेक्टिविटी

नवनिर्मित कॉरिडोर की मुख्य विशेषता यह है कि यह पूरी तरह सिग्नल फ्री है। चालक जब एक बार इस एलिवेटेड सड़क पर प्रवेश करेंगे, तो उन्हें बीच में किसी लाल बत्ती या चौराहे पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे मुख्य रूप से मेट्रो की ब्लू लाइन और येलो लाइन के रूटों पर आने-जाने वाले वाहन चालकों को सीधा लाभ पहुंचेगा। मयूर विहार से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स की ओर जाने वाले लोग भारी जाम से बचते हुए सीधे पंद्रह मिनट में अपनी दूरी पूरी कर सकेंगे।

कॉरिडोर का ढांचा और प्रमुख तकनीकी पहलू

यह परियोजना सराय काले खां से लेकर मयूर विहार फेज 1 तक तैयार की गई है। मुख्य एलिवेटेड हिस्से की लंबाई करीब साढ़े तीन किलोमीटर है, जबकि प्रवेश और निकास के लिए बनाए गए रैंप और लूप को जोड़ने पर इसकी कुल लंबाई करीब पांच किलोमीटर बैठती है। पहले से संचालित बारापूला कॉरिडोर के साथ जुड़ जाने के बाद इस पूरे मार्ग की कुल सिग्नल मुक्त दूरी करीब नौ किलोमीटर हो जाती है। यह संयोजन रिंग रोड और उससे सटे इलाकों के दबाव को काफी कम कर देगा।

लागत और निर्माण के दौरान आईं रुकावटें

इस पूरे फ्लाईओवर ढांचे को तैयार करने में लगभग एक हजार छह सौ पैंतीस करोड़ रुपये की लागत आई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव वर्ष 2015 में रखी गई थी और प्राथमिक लक्ष्य के अनुसार इसे वर्ष 2017 तक बनकर तैयार होना था। हालांकि विभिन्न प्रशासनिक और पर्यावरणीय बाधाओं की वजह से इसे पूरा होने में नौ से ग्यारह साल का लंबा वक्त लग गया। निर्माण कार्य के दौरान वन विभाग से मिलने वाली अनिवार्य अनुमतियों में अड़चनें आईं, मध्यस्थता से जुड़े कानूनी विवाद खड़े हुए और कोविड महामारी के चलते जमीनी काम कई महीनों तक पूरी तरह ठप रहा। अब तमाम अड़चनों को पार कर यह सड़क पूरी तरह वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी गई है।

सवाल-जवाब

बारापूला फेज 3 एलिवेटेड कॉरिडोर कहां से कहां तक बना है?
यह नया कॉरिडोर सराय काले खां से मयूर विहार फेज 1 तक बनाया गया है, जो पुराने बारापूला मार्ग से जुड़ता है।
इस नए मार्ग से मयूर विहार से एम्स जाने में कितना समय लगेगा?
इस सिग्नल फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए मयूर विहार से एम्स का सफर महज पंद्रह मिनट में पूरा हो जाएगा, जिसमें पहले चालीस मिनट लगते थे।
इस कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी है?
मुख्य एलिवेटेड हिस्सा करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा है, जबकि लूप और रैंप मिलाकर यह करीब पांच किलोमीटर का है। पूरे पुराने मार्ग को मिलाकर सिग्नल मुक्त दूरी करीब नौ किलोमीटर हो जाती है।
बारापूला फेज 3 परियोजना की कुल लागत कितनी आई है?
इस पूरे फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग एक हजार छह सौ पैंतीस करोड़ रुपये की लागत आई है।
इस एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किसने किया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस परियोजना का उद्घाटन किया, जहां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा भी उपस्थित थे।
यह परियोजना अपने तय समय 2017 से इतनी लेट क्यों हुई?
परियोजना में वन विभाग की मंजूरी में अड़चनें, कानूनी मध्यस्थता और कोविड महामारी के दौरान काम रुकने की वजह से नौ से ग्यारह साल की देरी हुई।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 मिनट पहले

दस साल लेट होना और फिर अचानक शुरू हो जाना दिल्ली के प्रोजेक्ट्स की पुरानी कहानी बन गया है। खैर, मयूर विहार से एम्स पंद्रह मिनट में होना सच में बहुत राहत की बात है, खासकर सुबह के वक्त।

Karan Malhotra@karan-malhotra·अभी

रोहन भाई, दस साल की देरी तो गलत है ही, पर क्या सच में पंद्रह मिनट में मयूर विहार से एम्स पहुंच पाएंगे? मुझे शक है।

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