राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में डिलीवरी बॉय को निशाना बनाकर लूटपाट की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें पुलिस ने महज 15 घंटे के भीतर ही दो सगी बहनों को दबोच लिया है। आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से डिलीवरी एजेंट की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका और स्कूटी से टक्कर मारकर उसे सड़क पर गिरा दिया, जिसके बाद वे कीमती पार्सल लेकर फरार होने में कामयाब हो गईं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों युवतियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है।
मिर्ची पाउडर और स्कूटी से दिया वारदात को अंजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 25 सितंबर की शाम करीब 7:20 बजे रोहिणी के सेक्टर-5 स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई थी। जब पीड़ित डिलीवरी बॉय अपना काम निपटा रहा था, तभी वहां एक युवती ग्राहक का ढोंग रचकर उसके पास पहुंची। उसने डिलीवरी बैग से जबरन पार्सल निकालने की कोशिश की, जिसका विरोध करने पर उसने तुरंत डिलीवरी बॉय की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। इसी बीच, उसकी दूसरी बहन अपनी स्कूटी लेकर वहां आ धमकी और पीछे से जोरदार टक्कर मारकर डिलीवरी एजेंट को नीचे गिरा दिया। इस टक्कर की वजह से पीड़ित के पैर में गंभीर चोट भी लग गई, और दोनों बहनें बैग से कई पार्सल समेटकर मौके से रफूचक्कर हो गईं।
महज 15 घंटे में पुलिस के हत्थे चढ़ीं आरोपी बहनें
घटना की सूचना मिलते ही बुध विहार थाने की पुलिस ने फौरन एफआईआर दर्ज कर तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस टीमों ने तत्परता दिखाते हुए सिर्फ 15 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर लूटे गए तीन पार्सल, एक मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
आरोपियों की पृष्ठभूमि और पिछला रिकॉर्ड
गिरफ्तार की गई दोनों युवतियां सगी बहनें हैं और मूल रूप से करोल बाग की रहने वाली हैं। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि बड़ी बहन नैंसी सिंह की उम्र 26 साल है और उसने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया हुआ है, लेकिन फिलहाल उसके पास कोई रोजगार नहीं है। वहीं, छोटी बहन 20 साल की ग्रेसी सिंह ने 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ दी थी। पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच में जुटी हुई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की वारदातों में उनका कोई पुराना हाथ तो नहीं था।





















