नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ा एक्शन लेते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में विस्तृत चार्जशीट पेश कर दी है, जिससे परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वालों पर कानूनी शिकंजा और कस गया है।
चार्जशीट में किन धाराओं का जिक्र
जांच एजेंसी ने सभी 13 आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के साथ-साथ बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। ये सभी आरोपी अभी जेल में बंद हैं और कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट से उनके खिलाफ मुकदमे की कानूनी नींव तैयार हो गई है। सीबीआई की यह कार्रवाई उन लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, जिन्होंने पेपर लीक के चलते नीट परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे।
पीएम मोदी की फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग अब हकीकत बनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराए जाने की बात कही थी। खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने रात करीब 11:52 बजे इस मुद्दे पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा था कि पेपर लीक से जुड़े मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाएंगे और दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी। सीबीआई की चार्जशीट को उसी ऐलान पर अमल के तौर पर देखा जा रहा है।
विपक्ष अब भी सवाल उठाने से नहीं थमा
पीएम मोदी के ऐलान के बावजूद विपक्ष का हमला थमा नहीं है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी नीयत ठीक नहीं है। वहीं राहुल गांधी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर गुस्से में दिखे और उन्होंने प्रधानमंत्री से माफी मांगने समेत तीन बड़ी मांगें रखीं। विपक्ष का यह भी कहना रहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा।
अब आगे क्या
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के अगले चरण में पहुंचेगा। जांच एजेंसी की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि नीट पेपर लीक मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अब तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी।



















