भारत की मेजबानी में राजधानी नई दिल्ली का भारत मंडपम 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का केंद्र बनने जा रहा है। इस उच्च स्तरीय बैठक के लिए विदेश मंत्रालय ने दो दिनों तक चलने वाले सभी कार्यक्रमों और सम्मेलनों का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' विषय पर केंद्रित इस सम्मेलन में ब्रिक्स के स्थायी सदस्यों के अलावा साझेदार और आमंत्रित देशों के शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे। भारत की अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से अधिक प्रमुख शहरों में 350 से ज्यादा बहुस्तरीय बैठकों का आयोजन किया जा चुका है, जिसके बाद अब मुख्य सम्मेलन का आयोजन हो रहा है।
12 सितंबर का पूरा शेड्यूल: बंद सत्र से लेकर गाला डिनर तक
सम्मेलन के पहले दिन यानी 12 सितंबर, शनिवार को सदस्य देशों के प्रतिनिधि और शीर्ष नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे। इसके पश्चात दोपहर 2:35 बजे सम्मेलन के पहले महत्वपूर्ण सत्र की शुरुआत होगी। यह एक बंद सत्र होगा, जिसका मुख्य विषय 'समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना' रखा गया है। इस दौरान वैश्विक व्यवस्था में सुधारों पर गंभीर विमर्श होगा।
इसके बाद शाम 4:25 बजे सभी नेता देश की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति को दर्शाने वाली 'भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन' की प्रदर्शनी देखने जाएंगे। शाम 5:05 बजे एक साथ नेताओं की पहली ऑफिशियल फैमिली फोटो होगी। इसके तुरंत बाद शाम 5:10 बजे एक संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पहले दिन का समापन भारत मंडपम के लेवल-3 में आयोजित विशेष डिनर के साथ होगा। प्रधानमंत्री की ओर से आयोजित यह गाला डिनर शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जिसमें सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे।
13 सितंबर का कार्यक्रम: आउटरीच देशों के साथ ओपन सेशन
दूसरे दिन यानी 13 सितंबर, रविवार की सुबह 9:55 बजे भारत मंडपम में आउटरीच प्रोग्राम के अंतर्गत आमंत्रित देशों और साझेदार राष्ट्रों के प्रमुखों का आगमन होगा। इसके बाद सुबह 10:35 बजे सभी वैश्विक नेताओं की संयुक्त फैमिली फोटो खींची जाएगी। सुबह 10:50 बजे सम्मेलन का मुख्य ओपन सेशन प्रारंभ होगा।
यह खुला सत्र 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ' विषय पर आधारित होगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स देशों के साथ-साथ अन्य आमंत्रित राष्ट्रों के प्रतिनिधि वैश्विक अर्थव्यवस्था, सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी आदान-प्रदान और आर्थिक चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।
ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ और भारत की चौथी अध्यक्षता
वर्ष 2026 का यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए बेहद खास माना जा रहा है। इस वर्ष यह अंतरराष्ट्रीय समूह अपनी स्थापना के सफल 20 वर्ष पूरे कर रहा है। इसी ऐतिहासिक मौके पर भारत चौथी बार इस समूह की अध्यक्षता संभाल रहा है। इस सम्मेलन के जरिए भारत बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों में सुधार, डिजिटल क्रांति, ऊर्जा सुरक्षा और समावेशी आर्थिक विकास जैसे प्राथमिक मुद्दों पर वैश्विक सहमति बनाने का प्रयास करेगा।




















