राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) होने वाला है और इससे पहले शहर को चमकाने की कवायद पूरे जोरों पर है। दुनियाभर से आने वाले राष्ट्राध्यक्षों और मेहमानों की मेजबानी के मद्देनजर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद यानी एनडीएमसी ने अपने पूरे इलाके में एक खास सफाई मुहिम छेड़ दी है। अब तक जो सफाई सिर्फ दिन में होती थी, वह अब रातभर भी चलेगी, ताकि सुबह होते ही दिल्ली की सड़कों और बाजारों की तस्वीर एकदम चमकदार दिखे।
रातभर चलेगा सफाई अभियान
एनडीएमसी ने 4 सितंबर से यह विशेष सफाई व्यवस्था लागू कर दी है। रात की शिफ्ट में करीब 300 सफाईकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है, जो प्रमुख सड़कों और इलाकों में झाड़ू-पोंछा से लेकर कचरा हटाने तक का काम संभालेंगे। इनके साथ 10 मैकेनिकल रोड स्वीपर भी रातभर मुख्य सड़कों पर उतारे गए हैं। मकसद साफ है, सड़क की सफाई और कचरा उठाने का ज्यादातर काम रात में ही निपटा लिया जाए, ताकि सुबह दफ्तर और बाजार खुलने से पहले हर जगह साफ-सुथरी नजर आए।
सुबह जेट क्लीनिंग, बाजारों में तीन बार सफाई
एनडीएमसी की योजना केवल झाड़ू लगाने तक सीमित नहीं है। रात की टीम पहले जगह-जगह जमा और बिखरा कचरा हटाएगी और कूड़ेदानों तथा ट्रॉलियों को खाली करेगी। इसके बाद तड़के सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जेट क्लीनिंग की जाएगी, यानी पानी की तेज धार से सतह को धोकर चमकाया जाएगा। मुख्य बाजारों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, अब यहां दिन में तीन बार, सुबह, शाम और रात, सफाई होगी। साथ ही प्रमुख सड़कों और अहम रास्तों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि कहीं भी गंदगी जमा न हो।
सड़कों पर उतरेंगी 36 आधुनिक मशीनें
सफाई अभियान को रफ्तार देने के लिए एनडीएमसी ने मशीनों की तादाद भी बढ़ा दी है। रात में तैनात 10 मैकेनिकल रोड स्वीपर के अलावा दिन के समय कचरा जमा करने के लिए 15 गॉबलर मशीनें लगाई जा रही हैं। इसके अलावा सड़कों, फुटपाथों, बाजारों और दूसरे सार्वजनिक स्थानों की गहराई से सफाई यानी डीप क्लीनिंग के लिए 11 प्रेशर-जेटिंग मशीनें भी मैदान में उतारी गई हैं। इस तरह कुल मिलाकर 36 मशीनें दिल्ली को चमकाने के काम में जुटी नजर आएंगी।
बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर खास ध्यान
बाजारों, पैदल रास्तों और ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों में एनडीएमसी ने अतिरिक्त मैनुअल सफाईकर्मी भी लगाए हैं। घरों और दुकानों से कचरा उठाने की रफ्तार भी बढ़ा दी गई है, ताकि सार्वजनिक जगहों पर कचरा जमा होने की नौबत ही न आए। कचरा ढोने वाली ट्रॉली सेवाएं अब तीन शिफ्टों में चलेंगी, इनमें शाम की शिफ्ट में करीब 120 कर्मचारी तैनात रहेंगे, जबकि बाकी स्टाफ सुबह की शिफ्ट में सफाई और नई जरूरतों को पूरा करने में लगेगा।
सुपरवाइजरी टीमों को 24×7 अलर्ट रहने के निर्देश
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली के वीआईपी और प्रमुख इलाकों में सफाई व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए एनडीएमसी ने अपनी सुपरवाइजरी और फील्ड टीमों को 24 घंटे और सातों दिन अलर्ट मोड में रहने को कहा है। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों की छुट्टियां भी सीमित या रद्द की जा सकती हैं, ताकि सम्मेलन के दिनों में सफाई व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रह जाए।


















