दिल्ली के दो अलग-अलग इलाकों से रविवार को दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक तरफ मकान का छज्जा गिरने से पति-पत्नी की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ इमारत में लगी भयंकर आग के बीच सूझबूझ दिखाते हुए तीन लोगों ने खुद को सुरक्षित बचा लिया। पूर्वोत्तर दिल्ली के न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र में बने एक छोटे से मकान की छत अचानक ढहने से यह गंभीर हादसा हुआ। इस दुर्घटना में कमरे के भीतर मौजूद दंपती मलबे के नीचे दब गए, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, राजौरी गार्डन इलाके में एक चार मंजिला इमारत में लगी आग से बचने के लिए महिलाओं ने साड़ी का सहारा लेकर अपनी और बच्चे की जान बचाई।
न्यू उस्मानपुर में छत ढहने से दंपती की मौत
न्यू उस्मानपुर के जेपी नगर स्थित गनवारी एक्सटेंशन में हंसराज डेयरी के समीप बनी एक मंजिला इमारत में रविवार रात करीब 10 बजे हादसा हुआ। लगभग 120 वर्ग फुट के छोटे से इलाके में फैले इस किराए के मकान में 32 वर्षीय टिंकू और उनकी 30 वर्षीय पत्नी उर्मिला अपने परिवार के साथ रहते थे। टिंकू को आकाश नाम से भी जाना जाता था, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रहने वाले थे और दिल्ली में हलवाई का काम करके अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। रात के समय अचानक मकान की छत और छज्जे का स्लैब खिसककर भरभराकर नीचे गिर गया।
जब छत का स्लैब गिरा, तब दंपती कमरे के अंदर ही मौजूद थे और मलबे में बुरी तरह फंस गए। राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान घर में मौजूद बच्चा पूरी तरह सुरक्षित बच गया और उसे कोई चोट नहीं आई। आसपास के स्थानीय निवासियों ने हादसे की तेज आवाज सुनकर तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस तथा अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम, अग्निशमन कर्मी और बचाव दल मौके पर पहुंचे। संयुक्त बचाव अभियान चलाकर मलबे में दबे पति-पत्नी को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मकान बहुत बड़ा नहीं था और इसमें केवल एक ही मंजिल बनी हुई थी। अगर यह इमारत बहुमंजिला होती, तो नुकसान और अधिक बड़ा हो सकता था। वर्तमान में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि छत का स्लैब अचानक कैसे खिसका और इसके ढहने की असली वजह क्या थी। स्थानीय थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि निर्माण की स्थिति या किसी अन्य तकनीकी खराबी का पता लगाया जा सके।
राजौरी गार्डन की बहुमंजिला इमारत में लगी आग
रविवार को ही दिल्ली के पश्चिमी जिले में स्थित राजौरी गार्डन क्षेत्र से भी एक अन्य दुर्घटना की खबर सामने आई। हरि नगर थाना क्षेत्र में स्थित लगभग 300 वर्ग गज में बनी एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में शाम के समय अचानक आग लग गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा को शाम लगभग 4:10 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 5 गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाम करीब 4:40 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
साड़ी को रस्सी बनाकर दूसरी मंजिल से नीचे उतरे लोग
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग की शुरुआत इमारत के बेसमेंट में बने शाफ्ट से हुई थी, जहां काफी समय से भारी मात्रा में कूड़ा-करकट और कचरा जमा था। देखते ही देखते आग की लपटें और जहरीला धुआं पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल के कई हिस्सों तक फैल गया। इमारत में धुआं भरते ही अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही दूसरी मंजिल पर फंसे लोगों ने गजब की सूझबूझ दिखाई।
दूसरी मंजिल पर मौजूद 62 साल की एक महिला, 32 साल की महिला और एक 3 साल की छोटी बच्ची ने घबराने के बजाय साड़ी का इस्तेमाल रस्सी की तरह किया। साड़ी को सहारा बनाकर वे तीनों दूसरी मंजिल से सुरक्षित नीचे उतर आईं और अपनी जान बचा ली। इस हिम्मत और सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के झुलसने की खबर नहीं आई।


















