टोंक जिले के निवाई क्षेत्र से बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां प्रसिद्ध देवनारायण लक्खी मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो गया। जोधपुरिया में चल रहे इस बड़े आयोजन के दौरान मंदिर परिसर के भीतर लगाई गई स्टील की रेलिंग में अचानक जोरदार विद्युत करंट उतर आया। इस अप्रत्याशित घटना के समय परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान जैसे ही कुछ लोग उस रेलिंग के संपर्क में आए, वे तुरंत उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से प्रभावित हो गए। इस दर्दनाक हादसे में एक 25 वर्षीय अज्ञात युवक की मौके पर ही जान चली गई, जिसकी शिनाख्त के प्रयास अभी तक जारी हैं।
मच गई अफरा-तफरी और जुटाई गई मदद
इस अचानक हुए हादसे के बाद मेले परिसर में कुछ पलों के लिए भारी अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़े और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। लोगों ने मिलकर करंट की चपेट में आए सभी पीड़ितों को संभाला और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजने के लिए वाहन की व्यवस्था शुरू की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल भी तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
रेलिंग में करंट आने के कारणों पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस पूरी दुर्घटना के बाद सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मंदिर परिसर के अंदर लगाई गई स्टील की रेलिंग में बिजली का करंट कैसे पहुंचा। इस मेले में हर साल की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थल पर करंट का इस तरह फैलना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। पुलिस और संबंधित महकमे इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि आखिर किस तकनीकी चूक या लापरवाही के कारण रेलिंग में करंट आया। हादसे की असली वजह और बिजली के संपर्क में रेलिंग के आने का रहस्य जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से सामने आ सकेगा।
चपेट में आईं दो महिलाएं और एक गंभीर बालिका
इस दुर्घटना में केवल वह युवक ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। करंट की चपेट में आने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें हादसे के तुरंत बाद प्राथमिक उपचार के लिए निवाई के अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा इस हादसे में एक 17 वर्षीय बालिका भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी स्थिति को बेहद नाजुक बताया जा रहा है। बालिका की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जयपुर रेफर कर दिया, जहां उसका विशेष इलाज चल रहा है। इस प्रकार इस दुर्घटना में कुल चार लोगों के करंट की चपेट में आने की आधिकारिक जानकारी सामने आई है।
भीड़भाड़ के कारण एंबुलेंस को निकालने में आई भारी परेशानी
देवनारायण लक्खी मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण पूरे परिसर और आसपास के रास्तों पर भारी भीड़ जमा थी। हादसे के बाद जब घायलों को त्वरित रूप से अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया, तो उसे भारी भीड़ के कारण निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेले में उमड़े जनसैलाब के कारण रास्तों पर लोगों का तांता लगा हुआ था, जिससे चिकित्सा वाहन को आगे बढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इस विलंब से घायलों को समय पर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया में रुकावट आई, जिससे वहां मौजूद लोगों में प्रशासन की व्यवस्था को लेकर भी चिंता दिखाई दी।
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले द्वारा पूरे घटनाक्रम की गहनता से जानकारी जुटाई जा रही है। मेले में इस तरह करंट फैलने की घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस स्थल पर देश और क्षेत्र भर से हजारों की तादाद में श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं, वहां इस प्रकार की बुनियादी सुरक्षा चूक होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ जहां इस हादसे ने एक युवा की जान ले ली, वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल पुलिस और तकनीकी टीमें इस दुर्घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


















