उत्तर पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में जाफराबाद मेन रोड पर स्थित एक खाने-पीने के प्रतिष्ठान में मंगलवार रात अचानक आग भड़कने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह दुर्घटना वेलकम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उधम फिश प्वाइंट नामक रेस्तरां में रात करीब 10:30 बजे पेश आई। रसोई घर में अचानक शुरू हुई चिंगारी ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में जहरीला धुआं भर गया। इमारत के भीतर सांस लेना दूभर होने के कारण पहली मंजिल पर मौजूद ग्राहकों में भगदड़ मच गई। जान बचाने की हड़बड़ाहट में लोग खिड़कियों की तरफ भागे और बच्चों समेत नीचे छलांग लगाने लगे। नीचे सड़क पर जमा स्थानीय लोगों ने भारी सूझबूझ दिखाते हुए कूदने वालों को सुरक्षित थाम लिया, जिससे एक बहुत बड़ा संकट टल गया।
रसोई के कचरे के डिब्बे से फैली लपटें
रेस्तरां संचालक अब्दुल अजीम के अनुसार, आग की शुरुआत रसोई घर में रखे एक साधारण कूड़ेदान से हुई थी। कचरे के डिब्बे में सुलगने वाली आग ने कुछ ही सेकंडों में पास रखी खाने के तेल की पेटियों को अपनी चपेट में ले लिया। तेल के संपर्क में आते ही लपटें बेहद तेजी से उठने लगीं। रेस्तरां के कर्मियों ने फुर्ती दिखाई और मौके पर मौजूद अग्निशामक सिलेंडर की सहायता से लपटों को तो शांत कर दिया, लेकिन आग बुझने तक इमारत की दोनों मंजिलों में घुटन भरा काला धुआं पूरी तरह भर चुका था। इसी धुएं के कारण अंदर मौजूद लोगों का दम घुटने लगा और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
पहली मंजिल पर मची भगदड़ और खिड़की से बचाव
हादसे के समय पूरे रेस्तरां के भीतर करीब 80 ग्राहक और स्टाफ मौजूद थे। ग्राउंड फ्लोर पर भोजन कर रहे लोग तो प्रवेश द्वार से तुरंत बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन पहली मंजिल पर बैठे 30 से 35 लोग धुएं के जाल में फंस गए। सीढ़ियों से उतरने का रास्ता धुएं से बंद होने के कारण लोग खिड़कियों की ओर लपके। सोशल मीडिया पर सामने आए दृश्यों में एक व्यक्ति खिड़की से दो छोटे बच्चों को नीचे गिराता नजर आया, जिन्हें सड़क पर मौजूद लोगों की भीड़ ने अपने हाथों में सुरक्षित झेल लिया। इसके बाद कुछ अन्य व्यस्कों ने भी नीचे छलांग लगाई, जबकि कई लोग बिजली के खंभे और बांस की सीढ़ी के सहारे धीरे-धीरे नीचे उतरे।
दमकल की गाड़ियां पहुंचीं और सभी सुरक्षित बचे
घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह दमकल गाड़ियां मौके की ओर रवाना कर दीं। पुलिस और अग्निशमन कर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय नागरिकों की त्वरित मदद से रेस्तरां खाली करा लिया गया था। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी भी ग्राहक अथवा कर्मचारी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और न ही कोई व्यक्ति आग की लपटों से झुलसा है। स्थानीय लोगों की तत्परता और एकता के चलते बिना किसी जनहानि के रेस्तरां में मौजूद सभी 80 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
























