गांव-देहात में चरी, बरसीन और धान की पराली को पशुओं के लिए काटने-कतरने के काम आने वाली चारा मशीन इन दिनों बरसात के मौसम में एक अलग ही परेशानी खड़ी कर रही है। चरी की बुवाई का सीजन अभी पूरे जोर पर है और किसान पशुओं के लिए चारा तैयार करने में जुटे हैं, ऐसे में मशीन का बार-बार जाम हो जाना उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है।
बारिश में क्यों अटकने लगती है मशीन
बरसात के दिनों में चारा मशीन की बैरिंग में पानी घुस जाता है या बैरिंग अपनी जगह से खिसक जाती है, और यही दोनों गड़बड़ियां मशीन को पूरी तरह जाम कर देती हैं। एक बार मशीन अटकने लगे तो उसे चलाने में दोगुनी ताकत लगानी पड़ती है और चारा काटने की रफ्तार भी काफी धीमी पड़ जाती है। जिन किसानों की मशीन जाम हो रही है और उसे घुमाने में जोर लगाना पड़ रहा है, उनके लिए राहत की बात यह है कि कुछ आसान तरीके अपनाकर मशीन को दोबारा आराम से चलाया जा सकता है।
नमी से बैरिंग में लग जाती है जंग
एक्सपर्ट राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा के मुताबिक, बारिश के मौसम में चारा मशीन को खुले आसमान के नीचे रखने और हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से उसकी बैरिंग में जंग लग जाती है। जंग लगते ही मशीन आसानी से नहीं घूमती और उसे चलाने के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है, जिससे चलाने वाला जल्दी थक जाता है।
तेज रफ्तार से चलाने पर बिगड़ जाता है बैरिंग का संतुलन
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार लोग चारा मशीन को जरूरत से ज्यादा तेज चला देते हैं, जिससे बैरिंग का पूरा सिस्टम गड़बड़ा जाता है और बैरिंग अपनी सही जगह से खिसक जाती है। इसके बाद मशीन ठीक ढंग से काम करना बंद कर देती है और उसे हर बार चलाने में अतिरिक्त मेहनत व ताकत लगानी पड़ती है।
मशीन चलाने से पहले बैरिंग में डालें मोबिल ऑयल
राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बैरिंग में जंग लगने की दिक्कत तो पूरे साल रहती है, लेकिन बारिश के मौसम में नमी ज्यादा होने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे जंग लगी बैरिंग मशीन का ठीक से साथ नहीं दे पाती। इसलिए हर दिन काम शुरू करने से पहले बैरिंग में मोबिल ऑयल जरूर डालना चाहिए। साथ ही ब्लेड की धार बनाए रखने के लिए उसे रेती से रगड़ते रहना चाहिए, क्योंकि कुंद ब्लेड मशीन पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
गीला चारा भी बढ़ाता है मशीन पर दबाव
बारिश के मौसम में काटा गया चारा वैसे भी काफी गीला होता है, और ज्यादा गीला चारा मशीन के ब्लेड और पाइप में चिपकने लगता है। इससे मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसके बीच में ही जाम होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कटे हुए चारे को कुछ देर छांव में रखकर उसका फालतू पानी निकल जाने दें और उसके बाद ही इसे धीरे-धीरे मशीन में डालें, ताकि कटाई बिना किसी रुकावट के आसानी से चलती रहे।
रोज ब्लेड साफ करना क्यों जरूरी
बारिश के मौसम में चारे के छोटे टुकड़े और मिट्टी मशीन के ब्लेड पर जमा होती रहती है, जिससे ब्लेड की धार कमजोर पड़ जाती है और मशीन के जाम होने की आशंका और बढ़ जाती है। इसीलिए हर दिन काम खत्म होने के बाद ब्लेड को अच्छी तरह साफ करें और जरूरत पड़ने पर उसकी धार भी तेज कराएं। साफ और तेज ब्लेड ही मशीन को बिना रुके सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है।
जंग लगी मशीन से हादसे का भी खतरा
चारा मशीन में जंग लगने पर उसकी गड़ारी, बैरिंग और ब्लेड के बीच का संतुलन बिगड़ने का पूरा खतरा रहता है। ऐसी हालत में मशीन चलते-चलते अचानक झटका मार सकती है या बीच में ही रुक सकती है, जिससे चोट लगने या हादसा होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए चारा मशीन को हमेशा सावधानी से चलाएं और इस्तेमाल से पहले उसके हर पुर्जे की जांच जरूर कर लें।




















