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गायों को बारिश में बीमार होने से बचाएगा यह घरेलू नुस्खा, रोज मिलेगा 6-7 किलो दूधDIY
7 जुल॰ 2026, 10:32 am (45 दिन पहले)· 2

गायों को बारिश में बीमार होने से बचाएगा यह घरेलू नुस्खा, रोज मिलेगा 6-7 किलो दूध

रांची के गाय पालक भानु प्रताप के मुताबिक सुबह चावल का माड़, बेसन और खली की सही डाइट देने से मानसून में गायें बीमार नहीं पड़तीं और रोजाना 6 से 7 किलो दूध देती रहती हैं।

बारिश का मौसम शुरू होते ही ज्यादातर पशुपालकों की एक जैसी शिकायत रहती है, गायों को बुखार आ जाता है, तबीयत बिगड़ जाती है और दूध की मात्रा भी अचानक घट जाती है। रांची में गाय पालने वाले भानु प्रताप का कहना है कि सही डाइट का ध्यान रखकर इस पूरी समस्या से आसानी से बचा जा सकता है। वे बताते हैं कि उनके यहां गायों को खासतौर पर बेसन और कई तरह की खली दी जाती है, और सुबह की पहली खुराक में चावल का माड़ दिया जाता है। इसी वजह से नस्ल के हिसाब से रोज अच्छी मात्रा में दूध निकलता है, जिसे वे बेचने का काम भी करते हैं।

भानु प्रताप के मुताबिक इस पूरी डाइट को दिन में तीन बार बांटा गया है, यानी सुबह, दोपहर और रात। तीनों समय कम से कम एक मुट्ठी बेसन देना जरूरी है, चाहे साथ में कोई भी खली इस्तेमाल हो रही हो।

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सुबह सबसे पहले माड़, फिर खली और बेसन का मेल

दिन की शुरुआत में गायों को एक बाल्टी चावल का माड़ पिलाया जाता है। भानु प्रताप बताते हैं कि माड़ में कई पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं, जो सीधे गायों को मिल जाते हैं। इसी वजह से उन्हें बुखार या किसी और तरह की बीमारी होने का खतरा काफी कम हो जाता है, और दूध की गुणवत्ता भी बनी रहती है। माड़ के बाद सरसों की खली में थोड़ा बेसन मिलाकर दिया जाता है। उनके यहां सुबह के वक्त सरसों की खली ही इस्तेमाल होती है, और साथ में सुधा दाना या सुदाना भी मिलाया जाता है। यह चीज बाजार में आसानी से मिल जाती है और काफी पौष्टिक मानी जाती है। भानु प्रताप के अनुसार सरसों की खली को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है, और उसमें एक मुट्ठी बेसन मिलाना डाइट का जरूरी हिस्सा है।

दोपहर में खेत का अवशेष, नीम की खली और पानी

दोपहर की खुराक थोड़ी अलग तरीके से तैयार की जाती है। भानु प्रताप के खेतों से जो भी बचा हुआ अवशेष निकलता है, उसे फिर से इस्तेमाल में लाया जाता है। इस अवशेष में एक मुट्ठी बेसन और नीम की खली मिलाई जाती है, और यह मिश्रण दोपहर के समय गायों को दिया जाता है। इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी भी दिया जाता है, ताकि गायों को गर्मी और उमस में डिहाइड्रेशन की दिक्कत न हो और पाचन भी ठीक बना रहे।

शाम को चराई, रात में दलिया वाली डाइट

शाम होते ही गायों को बाहर चरने के लिए खुला छोड़ दिया जाता है, ताकि उन्हें ताजी हरी घास मिल सके। यह हरी घास गायों की सेहत और दूध उत्पादन दोनों के लिए फायदेमंद मानी जाती है। इसके बाद रात में भी उन्हें दोबारा खाना दिया जाता है। भानु प्रताप सुझाव देते हैं कि पशुपालक अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार कोई भी खली चुन सकते हैं, बस उसके साथ एक मुट्ठी बेसन और दलिया मिलाना जरूरी है। यह दलिया खासतौर पर पशुओं के लिए ही बाजार में मिलता है। इन तीनों चीजों को आपस में मिलाकर रात की डाइट में देने की सलाह दी जाती है।

रोज 6 से 7 किलो दूध और फिक्स टाइम की अहमियत

भानु प्रताप का कहना है कि इस डाइट को लगातार अपनाने से गाय हर दिन 6 से 7 किलो दूध देना बंद नहीं करती, यानी दूध की मात्रा लगातार अच्छी बनी रहती है। इसके साथ वे एक और बेहद जरूरी बात पर जोर देते हैं, गायों के खाने का समय बिल्कुल फिक्स होना चाहिए। मतलब हर दिन एक ही तय समय पर उन्हें खाना मिल जाना चाहिए, इसमें ज्यादा फेरबदल नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक यह बात उतनी ही जरूरी है, जितनी सही डाइट का चुनाव। भानु प्रताप कहते हैं कि इन सभी बातों का ध्यान रखा जाए तो दुग्ध उत्पादन लगातार बढ़िया बना रहता है और पशु भी पूरी तरह स्वस्थ रहते हैं, खासतौर पर बारिश के मौसम में जब बीमारियों का खतरा वैसे ही सबसे ज्यादा रहता है।

सवाल-जवाब

मानसून में गायों को सबसे पहले सुबह क्या दिया जाता है?
सुबह सबसे पहले एक बाल्टी चावल का माड़ दिया जाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक पोषक तत्व होते हैं।
बेसन कितनी मात्रा में और कब देना चाहिए?
कम से कम एक मुट्ठी बेसन तीनों समय, यानी सुबह, दोपहर और रात दिया जाना चाहिए।
सुबह के वक्त कौन सी खली इस्तेमाल की जाती है?
सुबह सरसों की खली दी जाती है, जिसमें बेसन और सुधा दाना या सुदाना भी मिलाया जाता है।
दोपहर की डाइट में क्या शामिल होता है?
खेत का बचा हुआ अवशेष, एक मुट्ठी बेसन और नीम की खली मिलाकर दी जाती है, साथ में पर्याप्त पानी भी दिया जाता है।
शाम को गायों के साथ क्या किया जाता है?
शाम को उन्हें बाहर चरने के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि ताजी हरी घास मिल सके।
रात की डाइट में क्या मिलाया जाता है?
पसंद की कोई भी खली, एक मुट्ठी बेसन और पशुओं के लिए बाजार में मिलने वाला दलिया मिलाकर दिया जाता है।
इस डाइट से रोज कितना दूध मिलने का दावा किया गया है?
भानु प्रताप के मुताबिक इस डाइट से गाय रोज 6 से 7 किलो दूध देना बंद नहीं करती।
खाने के समय को लेकर क्या सलाह दी गई है?
हर दिन गायों को एक ही तय और फिक्स समय पर खाना मिलना चाहिए, इसे बहुत जरूरी बताया गया है।
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