शनि की सीधी चाल 11 दिसंबर 2026 से बदलेगी भाग्य की दिशा, वृषभ और मिथुन समेत 5 राशियों को मिलेगा बंपर लाभशास्त्रीपुरम के आंगन रेस्टोरेंट में स्पेशल हांडी पनीर का जलवा, 5 घंटे में तैयार ग्रेवी के मुरीद हुए चटकारेदार खाने के शौकीनशनि मंगल के विशेष केंद्र योग से बदलेगी 3 राशियों की चाल, दुर्घटना और तनाव से बचाव के जानें उपायसुप्रीम कोर्ट में केंद्र का स्पष्ट रुख, एससी और एसटी के लिए आय आधारित आरक्षण और क्रीमी लेयर खारिजश्रीगंगानगर के पदमपुर में झूला झूलने गई 8 साल की मासूम से दरिंदगी, BNS और POCSO में मामला दर्जस्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अनक्लेम्ड डिविडेंड वापस पाने की आसान प्रक्रिया जारी की, पहली तिमाही के नतीजों पर भी नज़रपंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा के बयान पर भारी हंगामा, आम आदमी पार्टी ने जताया कड़ा विरोधमाधुरी दीक्षित से शादी के प्रपोजल पर मशहूर गायक सुरेश वाडेकर ने तोड़ी थी चुप्पी, बताया क्या था उस चर्चित किस्से का सच'लॉक अप 2' की विजेता श्रेया कालरा का बड़ा फैसला, 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि से करेंगी बेसहारा महिलाओं की मददमूलांक 8 राशिफल 7 अगस्त 2026: धैर्य और सही सलाह से बनेंगे अटके काम
गमले में एलोवेरा उगाने के 5 आसान तरीके, गर्मियों में भी रहेगा हरा-भराDIY
23 जून 2026, 11:39 am (45 दिन पहले)· 5

गमले में एलोवेरा उगाने के 5 आसान तरीके, गर्मियों में भी रहेगा हरा-भरा

एलोवेरा को गमले में लगाना बेहद आसान है, बस सही गमला, मिट्टी का मिश्रण और पानी देने का तरीका पता होना चाहिए। इन 5 टिप्स को अपनाएं और आपका पौधा गर्मियों में भी तेजी से बढ़ेगा।

एलोवेरा का पौधा घर की खूबसूरती तो बढ़ाता ही है, साथ ही सेहत के लिहाज से भी इसे बेहद फायदेमंद माना जाता है। गर्मी के मौसम में इसे गमले में लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि तेज धूप में यह जल्दी सूख सकता है और इसे थोड़ी एक्सट्रा देखभाल की जरूरत पड़ती है। अच्छी बात यह है कि यह एक चमत्कारी पौधा है जिसे आम तौर पर बहुत कम देखभाल की जरूरत होती है। कुछ आसान बातें ध्यान में रखें और आपका एलोवेरा गर्मियों में भी तेजी से बढ़ता रहेगा।

सही गमले का चुनाव करें

एलोवेरा लगाने की शुरुआत सही गमले से होती है। मिट्टी या सीमेंट का गमला इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इनमें हवा का वेंटिलेशन बेहतर रहता है। गमले की गहराई कम से कम 8 से 10 इंच होनी चाहिए ताकि जड़ों को फैलने की पर्याप्त जगह मिले। सबसे अहम बात यह है कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होना चाहिए। बिना इस छेद के एक्स्ट्रा पानी जमा होता रहेगा और पौधे की जड़ें सड़ने लगेंगी।

ये भी पढ़ें

मिट्टी का सही मिश्रण तैयार करें

एलोवेरा एक सकुलेंट पौधा है, यानी इसकी पत्तियों में पहले से ही काफी पानी जमा रहता है। इसी वजह से इसे ऐसी मिट्टी चाहिए जो पानी को ज्यादा देर तक न रोके। इसके लिए सबसे बढ़िया मिश्रण है: 50% सामान्य मिट्टी, 30% बालू और 20% गोबर की खाद। यह मिश्रण अतिरिक्त पानी को जल्दी बाहर निकाल देता है, जिससे जड़ें सड़ती नहीं और पौधे की ग्रोथ भी तेज होती है।

पौधा लगाने का सही तरीका

चाहे नर्सरी से लाया हुआ छोटा पौधा हो या किसी पुराने एलोवेरा से निकला हुआ पप, दोनों को लगाने का तरीका एक जैसा है। सबसे पहले गमले के ड्रेनेज छेद पर एक छोटा दीया या कंकड़ रख दें ताकि मिट्टी छेद को बंद न कर दे। फिर तैयार मिट्टी के मिश्रण से गमले को आधे तक भरें। पौधे को गमले के बीच में सीधा रखें और चारों तरफ से धीरे-धीरे मिट्टी डालते हुए हल्के हाथों से दबाएं। इस बात का ध्यान रखें कि पौधे का निचला हिस्सा मिट्टी में बहुत ज्यादा गहरा न दब जाए।

पानी देने की सही आदत

एलोवेरा के साथ सबसे बड़ी गलती होती है जरूरत से ज्यादा पानी देना। यही इसके सूखने की असली वजह है। पौधा लगाने के बाद पहली बार थोड़ा ही पानी दें। इसके बाद जब भी पानी देना हो, पहले गमले की ऊपरी मिट्टी को देखें। अगर वह पूरी तरह सूखी हुई दिखे तभी पानी दें। कम पानी में भी एलोवेरा आसानी से जीवित रहता है।

धूप और सही जगह का चुनाव

एलोवेरा को अच्छी तरह बढ़ने के लिए रोजाना 3 से 4 घंटे की तेज रोशनी की जरूरत होती है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां हर दिन पर्याप्त धूप मिले। सही रोशनी मिलने पर पत्तियां मोटी और स्वस्थ रहती हैं और पौधा भी जल्दी बढ़ता है।

सवाल-जवाब

एलोवेरा के लिए कौन सा गमला सबसे अच्छा होता है?
मिट्टी या सीमेंट का गमला सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इनमें हवा का वेंटिलेशन बेहतर होता है। गमला कम से कम 8 से 10 इंच गहरा होना चाहिए और उसके नीचे ड्रेनेज छेद जरूरी है।
एलोवेरा के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें?
50% सामान्य मिट्टी, 30% बालू और 20% गोबर की खाद मिलाएं। यह मिश्रण पानी को जल्दी बाहर निकाल देता है और जड़ों को सड़ने से बचाता है।
गर्मियों में एलोवेरा को कितना पानी देना चाहिए?
जरूरत से ज्यादा पानी ही एलोवेरा के सूखने की मुख्य वजह होती है। गमले की ऊपरी मिट्टी पूरी तरह सूखने के बाद ही पानी दें।
एलोवेरा को रोजाना कितनी धूप चाहिए?
एलोवेरा को अच्छी ग्रोथ के लिए रोजाना 3 से 4 घंटे की तेज धूप की जरूरत होती है।
पुराने एलोवेरा से निकला पप कैसे लगाएं?
ड्रेनेज छेद पर कंकड़ रखें, गमले को आधा मिट्टी से भरें, पप को बीच में सीधा रखकर चारों तरफ मिट्टी भरें और हल्के हाथों से दबाएं। पौधे का निचला हिस्सा मिट्टी में बहुत गहरा न दबाएं।
क्या एलोवेरा गर्मी के मौसम में लगाया जा सकता है?
हां, लेकिन गर्मियों में इसे एक्स्ट्रा देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि यह जल्दी सूख सकता है। सही गमला, मिट्टी और पानी देने का तरीका अपनाकर इसे गर्मी में भी उगाया जा सकता है।
एलोवेरा की पत्तियां पीली क्यों पड़ जाती हैं?
ज्यादातर मामलों में पत्तियों का पीला पड़ना अधिक पानी देने की वजह से होता है। गमले की ऊपरी मिट्टी सूखने के बाद ही पानी दें और ड्रेनेज की जांच करें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR