बरसात के दिनों में वातावरण में नमी बढ़ते ही मकानों की बाहरी दीवारों, छतों और बालकनी के कोनों पर हरी या काली काई की परत जमने लगती है। इसके साथ ही कई बार ईंटों के जोड़ों या दरारों में पीपल, बरगद और अन्य किस्म के अवांछित पौधे भी अपनी जड़ें जमाने लगते हैं। यह काई केवल दिखने में ही भद्दी नहीं लगती, बल्कि इसके कारण आंगन या फर्श पर गंभीर फिसलन पैदा हो जाती है जिससे फिसलकर चोट लगने का जोखिम बना रहता है। दूसरी तरफ, दीवारों में उगने वाले पीपल अथवा बरगद के पौधे अपनी मजबूत जड़ों के फैलाव से समय के साथ संरचनात्मक दरारों को काफी चौड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा काई सतह पर लगातार नमी सोखे रखती है, जिससे मकान के भीतर सीलन की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। कुछ बेहद सरल और किफायती घरेलू उपायों को अपनाकर इस काई और अनचाही वनस्पतियों को पूरी तरह साफ किया जा सकता है।
छत और आंगन की जमी काई साफ करने का आसान तरीका
यदि घर के आंगन, खुले फर्श या छत की खुली सतह पर काई जम चुकी है, तो सबसे पहले किसी सूखी झाड़ू अथवा प्लास्टिक के ब्रश की मदद से हल्के हाथों से सतह को रगड़ें ताकि ऊपरी ढीली परत आसानी से हट जाए। इसके तुरंत बाद एक बाल्टी में गुनगुना या गर्म पानी लें और उसमें एक कप सिरका तथा दो बड़े चम्मच बेकिंग सोडा डालकर एक प्रभावी सफाई घोल तैयार कर लें। तैयार किए गए इस गर्म मिश्रण को काई से प्रभावित पूरी जगह पर अच्छी तरह उड़ेले और लगभग 5 से 10 मिनट के लिए वैसे ही छोड़ दें। तय समय पूरा होने पर किसी कड़े रेशों वाले मजबूत ब्रश से सतह को जोर से रगड़ें और अंत में साफ ताजे पानी से पूरे हिस्से को अच्छी तरह धोकर बहा दें।
खड़ी दीवारों और जिद्दी काई के लिए सिरका व नमक का प्रयोग
जब काई किसी ऊंची दीवार या छत की ऊपरी सतह पर जमी हो, जहां बाल्टी से पानी डालना संभव न हो, तो वहां स्प्रे बोतल का इस्तेमाल सबसे सुविधाजनक साबित होता है। इसके लिए एक स्प्रे बोतल में आधा हिस्सा पानी और आधा हिस्सा सफेद सिरका बराबर मात्रा में भर लें। इस तैयार लिक्विड को काई वाली दीवार पर अच्छी तरह स्प्रे करें और करीब आधे घंटे के लिए उस पर असर करने दें। निर्धारित समय के बाद ब्रश या सूखे कपड़े की मदद से दीवार को पोंछकर साफ कर लें। अतिरिक्त प्रभाव के लिए आप चाहें तो इस घोल में थोड़ी मात्रा में नींबू का रस भी मिला सकते हैं। यदि फर्श के कुछ हिस्सों पर काई अत्यधिक जिद्दी हो चुकी हो और सामान्य रगड़ाई से न निकल रही हो, तो उस पूरे हिस्से पर सीधे मोटा नमक छिड़क दें और उसके ऊपर खौलता हुआ गर्म पानी डाल दें। कुछ समय बीत जाने के बाद कड़े ब्रश से रगड़ें और पानी डालकर धो लें।
दीवार में गहराई तक जमी पीपल और बरगद की जड़ों का इलाज
अक्सर दीवारों के कोनों या दरारों में पीपल का पौधा उग आता है और उसकी जड़ें काफी गहराई तक धंस जाती हैं। ऐसी स्थिति में जबरन पौधे को खींचने के बजाय सबसे पहले उसे जड़ के बिल्कुल पास से धारदार औजार से काट लें। पौधा काटने के बाद उस जगह को साफ करें और वहां गाढ़ा नमक का घोल बनाकर डाल दें, क्योंकि नमक आसपास की नमी को पूरी तरह सोखकर कम करने में मदद करता है। ध्यान रहे कि दीवार की गहरी दरारों से जड़ों को निकालते वक्त अत्यधिक बल प्रयोग न करें, क्योंकि जोर लगाने से दीवार के प्लास्टर और ईंटों को नुकसान पहुंच सकता है।
सफेद सिरके से जड़ों को दोबारा पनपने से कैसे रोकें
रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला सफेद सिरका केवल भोजन का स्वाद बढ़ाने के काम नहीं आता, बल्कि यह दीवारों में उग आए पीपल जैसे सख्त पौधों को जड़ से खत्म करने में भी अत्यंत उपयोगी है। पीपल के पौधे को मुख्य तने के पास से काटने के बाद एक साधारण स्प्रे बोतल में बिना पानी मिलाए पूरी तरह शुद्ध सफेद सिरका भरें। अब इस बिना मिलावट वाले सिरके को पौधे की बची हुई जड़ों और दरारों के भीतर अच्छी तरह से स्प्रे करें। लगातार 2 से 3 दिनों तक नियमित रूप से इस प्रक्रिया को दोहराने से पौधे की अंदरूनी जड़ों को भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे उस पौधे के दोबारा उस जगह पर उगने अथवा पनपने की संभावना बेहद कम हो जाती है।



















