पेट्रोल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और प्रदूषण को लेकर बढ़ती जागरूकता के चलते इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री हर महीने नई ऊंचाई छू रही है। लोग अब पेट्रोल के झंझट से बचने के लिए बड़ी संख्या में ई-वाहन खरीद रहे हैं, लेकिन जैसे ही बात इन्हें घर पर चार्ज करने की आती है, ज्यादातर ग्राहकों के मन में उलझन और डर दोनों पैदा हो जाते हैं। दरअसल, चार्जिंग के दौरान अचानक आग लग जाने की घटनाएं इस डर की सबसे बड़ी वजह हैं। हाल ही में नोएडा में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां चार्जिंग पर लगे इलेक्ट्रिक वाहन में आग भड़क उठी। इस तरह की घटनाओं ने अपार्टमेंट और सोसाइटी परिसरों में रहने वाले लोगों के बीच ईवी चार्जिंग को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। अगर आप भी अपना ई-स्कूटर घर पर, पार्किंग में या सोसाइटी के कॉम्प्लेक्स में चार्ज करते हैं, तो यह जान लेना जरूरी है कि सुरक्षित चार्जिंग के लिए क्या करना चाहिए और किन गलतियों से पूरी तरह बचना चाहिए।
चार्जिंग के दौरान आग लगने की असली वजह
ईवी इंडस्ट्री और चार्जिंग सिस्टम से जुड़े जानकारों का कहना है कि सुरक्षित चार्जिंग की तैयारी गाड़ी खरीदने से पहले ही शुरू हो जानी चाहिए। ऐसे हादसों को रोकने के लिए ग्राहकों को चाहिए कि वे गाड़ी बुक कराते समय ही डीलर से यह पूरी जानकारी ले लें कि घर पर उसे चार्ज करने के लिए किन उपकरणों और सेटअप की जरूरत पड़ेगी। इसमें सबसे अहम सवाल यह है कि घर में मौजूद बिजली का कनेक्शन ई-वाहन चार्ज करने जितना लोड झेल सकता है या नहीं। अगर घर का कनेक्शन कम लोड क्षमता वाला है और उसी पर ईवी चार्जिंग की जाती है, तो अचानक लोड बढ़ने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
घर पर चार्जिंग करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि घर पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने के लिए चार्जर को हमेशा प्रशिक्षित और अनुभवी टेक्नीशियन से ही इंस्टॉल कराया जाना चाहिए। इस चार्जर को घर की आम वायरिंग से जोड़ने के बजाय एक अलग, डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक सर्किट से जोड़ा जाना चाहिए। ई-वाहन चार्ज करने के लिए एक्सटेंशन बोर्ड या अतिरिक्त तारों को जोड़कर जुगाड़ से कनेक्शन देना बेहद खतरनाक माना जाता है। इसी तरह चार्जर के साथ किसी बाहरी एडॉप्टर के इस्तेमाल से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे बिजली के प्रवाह में गड़बड़ी हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि देश में सिर्फ 55 फीसदी ईवी मालिकों के पास ही अपने वाहन के लिए सही और प्रॉपर चार्जर व्यवस्था मौजूद है। बाकी लोग किसी न किसी तरह के जुगाड़ या गलत तरीके से चार्जिंग करते हैं, और यही वजह है कि चार्जिंग के दौरान आग लगने की घटनाएं बार-बार सामने आती रहती हैं।
ईवी चार्जिंग के लिए कौन-कौन से उपकरण जरूरी
जानकारों के मुताबिक ईवी चार्जिंग पॉइंट लगाते समय मिनिएचर सर्किट ब्रेकर यानी MCB और रेसिडुअल करेंट सर्किट ब्रेकर यानी RCCB जरूर इंस्टॉल कराना चाहिए। ये दोनों डिवाइस बिजली के अचानक बढ़ने या करेंट लीकेज होने पर तुरंत सप्लाई काट देते हैं, जिससे बड़ा हादसा टल जाता है। इसके अलावा इस पूरे कनेक्शन की सही तरीके से अर्थिंग होनी चाहिए। चार्जिंग पॉइंट को हमेशा ऐसी जगह लगाया जाना चाहिए जहां नमी न हो और पानी भरने की भी कोई आशंका न हो, क्योंकि नमी वाली जगह पर बिजली का शॉर्ट सर्किट होने का खतरा कहीं ज्यादा रहता है। सबसे जरूरी सलाह यही है कि वाहन मालिक हमेशा वही चार्जर इस्तेमाल करें जो उन्हें गाड़ी बनाने वाली कंपनी की तरफ से दिया गया है, किसी लोकल या सस्ते चार्जर के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
ये संकेत दिखते ही हो जाएं सतर्क
अगर चार्जिंग के दौरान कभी जलने जैसी बदबू महसूस हो, केबल कहीं से डैमेज नजर आए या वायरिंग में किसी तरह की गड़बड़ी दिखे, तो ऐसी स्थिति में तुरंत चार्जिंग बंद कर देनी चाहिए और बिना देर किए टेक्नीशियन या संबंधित कंपनी से संपर्क करना चाहिए। इन छोटी-छोटी सावधानियों को नजरअंदाज करना ही ज्यादातर मामलों में बड़े हादसे की वजह बनता है।





















