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जहानाबाद की सरकारी नर्सरी में महज 15 दिनों में तैयार हो रहे सब्जियों के पौधे, जानिए मिट्टी और खाद का सही अनुपातDIY
2 जुल॰ 2026, 10:21 am (27 दिन पहले)· 2

जहानाबाद की सरकारी नर्सरी में महज 15 दिनों में तैयार हो रहे सब्जियों के पौधे, जानिए मिट्टी और खाद का सही अनुपात

जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड स्थित सरकारी नर्सरी में किसान सुरेंद्र शर्मा सब्जियों के पौधे तैयार कर रहे हैं, जो सिर्फ 8 दिन में अंकुरित होकर 15 दिन में पूरी तरह तैयार हो जाते हैं. उन्होंने मिट्टी तैयार करने से लेकर खाद के सही अनुपात और धूप से बचाव तक की पूरी प्रक्रिया साझा की.

बिहार के जहानाबाद जिले में एक सरकारी नर्सरी इन दिनों चर्चा में है, जहां किसानों को बेहद कम समय में सब्जियों के मजबूत पौधे मिल रहे हैं. यहां काम करने वाले किसान सुरेंद्र शर्मा बताते हैं कि सही तरीके से बेड तैयार किया जाए तो सब्जी का पौधा महज 8 दिन में अंकुरित हो जाता है और 15 दिन के भीतर पूरी तरह बुआई लायक बन जाता है. सुरेंद्र शर्मा पिछले एक साल से घोसी प्रखंड की इस नर्सरी में अलग-अलग तरह के पौधे तैयार करने का काम कर रहे हैं, और उन्होंने नर्सरी बेड बनाने की पूरी प्रक्रिया कदम दर कदम समझाई.

सुरेंद्र शर्मा के मुताबिक सब्जियों की नर्सरी तैयार करने से पहले सबसे जरूरी काम सीजन को समझना है. हर सीजन में अलग-अलग तरह की सब्जी की फसल उगती है, इसलिए मौसम के हिसाब से ही बीज चुनना चाहिए. अगर किसान सीजन के अनुसार सब्जियां तैयार करते हैं तो उन्हें बाजार में मांग भी आसानी से मिल जाती है और उपज बेचने में दिक्कत नहीं होती.

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बेड बनाने से पहले मिट्टी की तैयारी

नर्सरी का बेड तैयार करने के लिए सबसे पहले जिस जगह बीज बोए जाने हैं, वहां की मिट्टी की कोड़ाई या गोड़ाई की जाती है. इसके बाद उस मिट्टी को वहां से हटाकर किसी अलग जगह पर रख दिया जाता है. ऐसा करने से जिस जगह से मिट्टी हटाई गई है, वहां सूरज की रोशनी बराबर पहुंचती है. साथ ही कुछ दिन तक धूप में रहने से मिट्टी में मौजूद हानिकारक कीड़े भी खत्म हो जाते हैं, जिससे पौधों को शुरुआत में ही सुरक्षा मिल जाती है.

खाद का सही अनुपात कितना जरूरी

जो मिट्टी अलग रखी गई थी, उसे अब खाद मिलाकर तैयार किया जाता है. सुरेंद्र शर्मा के अनुसार इसके लिए डीएपी (DAP) और पोटास खाद का इस्तेमाल किया जाता है. एक कट्ठा जमीन के लिए करीब 2 से ढाई किलो तक इस मिश्रण की जरूरत पड़ती है. मिट्टी और खाद का यह मिश्रण जब पूरी तरह तैयार हो जाता है, तभी उसमें बीज डालने का काम शुरू किया जाता है.

बीज बोने से लेकर सिंचाई तक की प्रक्रिया

मिट्टी तैयार होने के बाद उसमें बीज डाला जाता है और फिर उसे ट्यूब में भरकर लगाया जाता है. जब तक पौधा अंकुरित नहीं हो जाता, तब तक स्प्रिंकलर के जरिए ही पानी दिया जाता है, ताकि नाजुक बीज को नुकसान न पहुंचे. एक बार पौधा जमीन से बाहर आ जाए, उसके बाद सामान्य तरीके से पानी का पटवन किया जा सकता है.

धूप से बचाव क्यों है जरूरी

सुरेंद्र शर्मा एक और अहम बात पर जोर देते हैं. उनका कहना है कि तैयार हो रहे पौधों पर सूरज की सीधी किरणें नहीं पड़नी चाहिए, क्योंकि इससे कोमल पौधों को नुकसान पहुंच सकता है. इससे बचाव के लिए हरे रंग के नेट का इस्तेमाल किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया को अगर सही तरीके से अपनाया जाए, तो पौधा सिर्फ 8 दिन में अंकुरित हो जाता है और महज 15 दिन में पूरी तरह तैयार होकर खेत में लगाने या बेचने लायक बन जाता है.

सवाल-जवाब

सब्जियों की नर्सरी तैयार करने से पहले सबसे जरूरी काम क्या है?
सबसे पहले सीजन समझना जरूरी है, क्योंकि हर मौसम में अलग-अलग सब्जी की फसल उगती है और सीजन के हिसाब से बुआई करने पर बाजार भी आसानी से मिलता है.
नर्सरी बेड बनाने के लिए मिट्टी कैसे तैयार की जाती है?
बीज बोने वाली जगह की मिट्टी की कोड़ाई कर उसे हटाकर अलग रख दिया जाता है, जिससे उस जगह पर धूप बराबर पड़ती है और कीड़े नष्ट हो जाते हैं.
इसमें कौन सी खाद इस्तेमाल होती है और कितनी मात्रा में?
मिट्टी में डीएपी (DAP) और पोटास खाद मिलाई जाती है, जिसकी मात्रा एक कट्ठा जमीन के लिए करीब 2 से ढाई किलो तक होती है.
पौधा अंकुरित होने में कितना समय लगता है?
सही तरीके से बेड तैयार करने पर पौधा सिर्फ 8 दिन में अंकुरित हो जाता है.
पौधा पूरी तरह तैयार होने में कुल कितना समय लगता है?
बीज बोने के बाद पौधा पूरी तरह तैयार होकर बुआई लायक बनने में 15 दिन का समय लगता है.
पौधों को धूप से बचाने के लिए क्या तरीका बताया गया है?
तैयार हो रहे पौधों पर सूरज की सीधी किरणें न पड़ें, इसके लिए हरे रंग के नेट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.
यह जानकारी किसने और कहां से दी?
यह जानकारी जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड स्थित सरकारी नर्सरी में काम करने वाले किसान सुरेंद्र शर्मा ने दी, जो पिछले एक साल से यहां पौधे तैयार कर रहे हैं.
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