एपल ने भारतीय बाजार में अपने लोकप्रिय छोटे डेस्कटॉप कंप्यूटर कंप्यूटर का नया वर्जन उतार दिया है। नया मैक मिनी अब दो अलग-अलग प्रोसेसर वेरिएंट्स में उपलब्ध कराया गया है, जिनमें से एक में नया M6 चिप और दूसरे में अधिक शक्तिशाली M5 Pro चिप दी गई है। कंपनी ने इस बार अपने इस छोटे साइज वाले कंप्यूटर सिस्टम में ऑन-डिवाइस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग की रफ्तार बढ़ाने और मॉडर्न कनेक्टिविटी नेटवर्क देने पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। यह नया मैक मिनी अपने कॉम्पैक्ट साइज को बरकरार रखते हुए उन प्रोफेशनल्स और क्रिएटर्स के लिए तैयार किया गया है जिन्हें एक छोटे से बॉक्स में भारी भरकम काम निपटाने की ताकत चाहिए होती है।
कीमतें, एजुकेशनल डिस्काउंट और सेल की तारीखें
भारत में एपल के नए मैक मिनी की शुरुआती कीमत M6 चिप वाले मॉडल के लिए Rs 39,990 रखी गई है। वहीं, जो यूजर्स भारी ग्राफिक्स और भारी डेटा वर्कलोड के लिए ज्यादा पावरफुल मशीन चाहते हैं, उनके लिए M5 Pro चिप वाले वेरिएंट की शुरुआती कीमत Rs 2,09,900 तय की गई है। इसके अलावा एपल ने छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए विशेष एजुकेशनल डिस्काउंट की भी घोषणा की है। एजुकेशनल प्राइसिंग के तहत M6 मॉडल को Rs 35,490 की शुरुआती कीमत पर खरीदा जा सकता है, जबकि M5 Pro वेरिएंट एजुकेशनल ऑफर में Rs 1,97,900 की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध कराया गया है।
इस नए डेस्कटॉप सिस्टम के लिए प्री-ऑर्डर विंडो 25 अगस्त से आधिकारिक तौर पर खोल दी गई है। एपल के आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, यह नया मैक मिनी 22 सितंबर 2026 से ग्राहकों तक पहुंचना शुरू हो जाएगा और उसी दिन से यह एपल स्टोर्स और ऑथराइज्ड रिटेलर्स पर खरीदारी के लिए भी उपलब्ध हो जाएगा।
M6 चिप की ताकत और ऑन-डिवाइस AI फीचर्स
M6 प्रोसेसर वाला मैक मिनी उन यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो दफ्तरी कामकाज, कोडिंग, क्रिएटिव ऐप्स चलाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े टास्क निपटाने के लिए एक छोटा और पावरफुल कंप्यूटर चाहते हैं। कंपनी के अनुसार, नया M6 चिप पुराने M4 चिप वाले मैक मिनी की तुलना में 4 गुना तक तेज AI परफॉर्मेंस देने में सक्षम है। इसके अलावा, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग के मामले में भी नया M6 मॉडल पिछले जेनरेशन के मुकाबले 2 गुना तक ज्यादा रफ्तार प्रदान करता है।
हार्डवेयर स्पेसिफिकेशंस पर नजर डालें तो M6 मॉडल में 12-कोर CPU और 12-कोर GPU दिया गया है। कंपनी ने हर एक GPU कोर के अंदर न्यूरल एक्सीलरेटर जोड़े हैं, जबकि पूरे सिस्टम को प्रोसेस करने के लिए एक डुअल 16-कोर न्यूरल इंजन भी दिया गया है। इसके स्टैंडर्ड मॉडल में 16GB यूनिफाइड मेमोरी मिलती है, जिसे यूजर अपनी जरूरत के अनुसार 32GB तक कंफिगर करवा सकते हैं।
इस नए डेस्कटॉप की सबसे बड़ी खासियत इसका ऑन-डिवाइस AI सपोर्ट है। इसके जरिए यूजर कई प्रकार के AI मॉडल्स को किसी क्लाउड सर्विस पर निर्भर रहे बिना सीधे अपने कंप्यूटर पर ही लोकल लेवल पर चला सकते हैं। यह फीचर उन डेवलपर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और बिजनेस संस्थानों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है जो अपने गोपनीय डेटा को बाहरी सर्वर पर भेजे बिना अपने खुद के सिस्टम पर सुरक्षित रखकर काम करना पसंद करते हैं।
प्रोफेशनल यूजर्स के लिए शक्तिशाली M5 Pro मॉडल
ज्यादा जटिल और भारी काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए एपल ने M5 Pro वेरिएंट पेश किया है। इस हाई-एंड मॉडल को 18-कोर तक के CPU, 20-कोर तक के GPU और 64GB तक की यूनिफाइड मेमोरी के साथ तैयार किया जा सकता है। यह वेरिएंट विशेष रूप से उन प्रोफेशनल्स के लिए तैयार किया गया है जो रोजाना बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग करते हैं।
कंपनी का कहना है कि यह फ्लैगशिप मॉडल ऐप डेवलपमेंट, हाई-रेजोल्यूशन वीडियो प्रोडक्शन, 3D डिजाइनिंग और रेंडरिंग, जटिल साइंटिफिक सिम्युलेशन तथा गेम डेवलपमेंट जैसे भारी वर्कलोड को आसानी से संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 307GB/s तक की मेमोरी बैंडविड्थ मिलती है, जो भारी डेटासेट्स, विजुअल इफेक्ट्स और लोकल AI वर्कलोड को प्रोसेस करते समय बेहद तेज रिस्पॉन्स टाइम देती है।
Wi-Fi 7, थंडरबोल्ट 5 और क्लस्टरिंग कनेक्टिविटी
कनेक्टिविटी के मामले में भी दोनों मैक मिनी मॉडल्स में बड़े अपडेट किए गए हैं। M6 और M5 Pro दोनों ही वेरिएंट्स अब लेटेस्ट Wi-Fi 7, Bluetooth 6 और 2.5Gb ईथरनेट नेटवर्क को सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा जो यूजर्स नेटवर्क स्पीड में कोई समझौता नहीं चाहते, वे खरीदारी के वक्त 10Gb ईथरनेट का ऑप्शन भी चुन सकते हैं।
पोर्ट्स की बात करें तो M6 मैक मिनी में तीन थंडरबोल्ट 4 पोर्ट दिए गए हैं। दूसरी तरफ, M5 Pro मॉडल में ज्यादा डेटा ट्रांसफर स्पीड देने वाले तीन थंडरबोल्ट 5 पोर्ट शामिल किए गए हैं। थंडरबोल्ट 5 पोर्ट्स का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इनके जरिए कई मैक मिनी सिस्टम्स को आपस में जोड़कर एक क्लस्टर बनाया जा सकता है, जिससे बेहद बड़े और भारी AI मॉडल्स को स्थानीय स्तर पर आसानी से रन किया जा सके।



















