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असम में 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण और वार्षिक सुरक्षा प्रमाण पत्र अनिवार्य हुआशिक्षा
19 अग॰ 2026, 1:59 pm (1 घंटे पहले)· 3

असम में 50 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण और वार्षिक सुरक्षा प्रमाण पत्र अनिवार्य हुआ

असम कैबिनेट ने 50 या उससे अधिक छात्रों वाले निजी कोचिंग संस्थानों के लिए वार्षिक पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है, जिसके तहत बुनियादी सुरक्षा मानकों के साथ योग्य काउंसलर की नियुक्ति भी जरूरी होगी।

असम में संचालित होने वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों को अब एक नए और सख्त नियामक ढांचे के तहत काम करना होगा। राज्य में अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य कैबिनेट ने असम प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स (कंट्रोल एंड स्टूडेंट मेंटल हेल्थ सेफगार्ड) रूल्स 2026 को अपनी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, यह नया कानून उन सभी निजी कोचिंग केंद्रों पर लागू होगा जिनमें 50 या उससे अधिक विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, और ऐसे सभी संस्थानों के लिए औपचारिक पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

जिला आयुक्त की देखरेख में होगी पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया

इस नई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की जिम्मेदारी संबंधित जिले के जिला आयुक्त को सौंपी गई है। नए नियमों के अंतर्गत केवल एक बार पंजीकरण कराना काफी नहीं होगा, बल्कि पंजीकृत कोचिंग संस्थानों को प्रत्येक वर्ष अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना पड़ेगा। इस वार्षिक नवीनीकरण प्रक्रिया के हिस्से के रूप में संस्थान संचालकों को अपने परिसर से संबंधित बुनियादी ढांचा सुरक्षा प्रमाण पत्र जमा करने होंगे ताकि इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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नेशनल बिल्डिंग कोड के मानक और काउंसलर की अनिवार्य नियुक्ति

शैक्षणिक परिसरों में छात्रों की शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए नियमों में नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के तहत तय किए गए सुरक्षा मानकों को पूरा करना आवश्यक किया गया है। इसके अलावा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रासंगिक नियमों का अनुपालन भी अनिवार्य होगा। इमारतों की सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों के मानसिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक कोचिंग संस्थान के लिए यह साबित करना अनिवार्य होगा कि उन्होंने छात्रों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी चिंताओं के समाधान के लिए एक योग्य काउंसलर की सेवाएं ली हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य निजी कोचिंग क्षेत्र में समान व्यवस्था लागू करना और विद्यार्थियों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।

सवाल-जवाब

असम में किन कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है?
असम में 50 या उससे अधिक छात्रों वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
कोचिंग संस्थानों की पंजीकरण प्रक्रिया की निगरानी कौन करेगा?
संबंधित जिले के जिला आयुक्त द्वारा कोचिंग संस्थानों की पंजीकरण प्रक्रिया की देखरेख की जाएगी।
क्या कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण हमेशा के लिए मान्य रहेगा?
नहीं, पंजीकृत कोचिंग संस्थानों को हर साल अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना होगा और सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए नए नियमों में क्या प्रावधान है?
संस्थानों को यह साबित करना होगा कि उन्होंने छात्रों की मनोवैज्ञानिक चिंताओं को दूर करने के लिए योग्य काउंसलर की सेवाएं ली हैं।
किन सुरक्षा और शैक्षणिक मानकों का पालन करना अनिवार्य है?
संस्थानों को नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC), AICTE और UGC के निर्धारित सुरक्षा और अवसंरचनात्मक मानकों का अनुपालन करना होगा।
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