असम के होजाई जिले में बुधवार सुबह वन विभाग के कर्मचारियों की सजगता से एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ रहे जंगली हाथियों के एक झुंड को देखकर वन कर्मियों ने तुरंत आपातकालीन अलर्ट जारी किया। इसके बाद रेल संचालन तंत्र से संपर्क साधकर सामने से आ रही तेज रफ्तार डाउन राजधानी एक्सप्रेस को समय रहते रोक दिया गया, जिससे सभी हाथी सुरक्षित पटरियां पार कर गए।
त्वरित समन्वय से टली गंभीर दुर्घटना
यह घटना होजाई जिले के अंतर्गत नगांव साउथ डिविजन की लंका रेंज में हवाईपुर के पास की है। यहां पटरियों के किलोमीटर 167/8 के करीब वन विभाग के गश्ती दल ने हाथियों के झुंड को पटरियों की तरफ बढ़ते हुए देखा। उस समय उसी ट्रैक पर डाउन राजधानी एक्सप्रेस आ रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन कर्मियों ने बिना देरी किए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के लुमडिंग रेलवे कंट्रोल रूम से संपर्क किया। कंट्रोल रूम ने तुरंत ट्रेन के लोको-पायलट को संदेश भेजा, जिसके बाद ट्रेन को किलोमीटर 167/8 पर रोक दिया गया। हाथियों के पूरे झुंड के सुरक्षित निकल जाने के बाद ही ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया।
सुरक्षा गलियारों पर सरकार का जोर
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पटरियों के पास तैनात वन कर्मियों की सतर्कता की सराहना की। इस त्वरित कार्रवाई का जिक्र करते हुए सरमा ने X पर लिखा कि राज्य में विशालकाय जीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए सुरक्षा के गलियारे बनाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक से गुजरने वाले हाथी गलियारों में वन विभाग के कर्मचारी लगातार पहरा देते हैं ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
वन कर्मियों के प्रयास की सराहना
असम के वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने भी इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और मैदान में तैनात कर्मचारियों के काम की प्रशंसा की। बरुआ ने बताया कि हवाईपुर क्षेत्र में वन कर्मियों, लोको-पायलट और लुमडिंग कंट्रोल रूम के बीच सटीक तालमेल के कारण ही हाथियों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों के दैनिक प्रयास अक्सर लोगों की नजरों से दूर रहते हैं, लेकिन हाथियों द्वारा सुरक्षित रूप से पटरी पार करने की प्रत्येक घटना संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।




















