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असम के होजाई में पटरियों पर आया हाथियों का झुंड, वन कर्मियों ने राजधानी एक्सप्रेस को रुकवाकर टाला बड़ा हादसाअसम
19 अग॰ 2026, 2:46 pm (1 घंटे पहले)· 3

असम के होजाई में पटरियों पर आया हाथियों का झुंड, वन कर्मियों ने राजधानी एक्सप्रेस को रुकवाकर टाला बड़ा हादसा

असम के होजाई जिले में पटरियों को पार कर रहे जंगली हाथियों के झुंड को देखकर वन विभाग ने लुमडिंग रेलवे कंट्रोल रूम को सतर्क किया, जिससे समय रहते डाउन राजधानी एक्सप्रेस को रोक दिया गया।

असम के होजाई जिले में बुधवार सुबह वन विभाग के कर्मचारियों की सजगता से एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ रहे जंगली हाथियों के एक झुंड को देखकर वन कर्मियों ने तुरंत आपातकालीन अलर्ट जारी किया। इसके बाद रेल संचालन तंत्र से संपर्क साधकर सामने से आ रही तेज रफ्तार डाउन राजधानी एक्सप्रेस को समय रहते रोक दिया गया, जिससे सभी हाथी सुरक्षित पटरियां पार कर गए।

त्वरित समन्वय से टली गंभीर दुर्घटना

यह घटना होजाई जिले के अंतर्गत नगांव साउथ डिविजन की लंका रेंज में हवाईपुर के पास की है। यहां पटरियों के किलोमीटर 167/8 के करीब वन विभाग के गश्ती दल ने हाथियों के झुंड को पटरियों की तरफ बढ़ते हुए देखा। उस समय उसी ट्रैक पर डाउन राजधानी एक्सप्रेस आ रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन कर्मियों ने बिना देरी किए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के लुमडिंग रेलवे कंट्रोल रूम से संपर्क किया। कंट्रोल रूम ने तुरंत ट्रेन के लोको-पायलट को संदेश भेजा, जिसके बाद ट्रेन को किलोमीटर 167/8 पर रोक दिया गया। हाथियों के पूरे झुंड के सुरक्षित निकल जाने के बाद ही ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया।

सुरक्षा गलियारों पर सरकार का जोर

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पटरियों के पास तैनात वन कर्मियों की सतर्कता की सराहना की। इस त्वरित कार्रवाई का जिक्र करते हुए सरमा ने X पर लिखा कि राज्य में विशालकाय जीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए सुरक्षा के गलियारे बनाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक से गुजरने वाले हाथी गलियारों में वन विभाग के कर्मचारी लगातार पहरा देते हैं ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

वन कर्मियों के प्रयास की सराहना

असम के वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने भी इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और मैदान में तैनात कर्मचारियों के काम की प्रशंसा की। बरुआ ने बताया कि हवाईपुर क्षेत्र में वन कर्मियों, लोको-पायलट और लुमडिंग कंट्रोल रूम के बीच सटीक तालमेल के कारण ही हाथियों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों के दैनिक प्रयास अक्सर लोगों की नजरों से दूर रहते हैं, लेकिन हाथियों द्वारा सुरक्षित रूप से पटरी पार करने की प्रत्येक घटना संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

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सवाल-जवाब

यह घटना असम के किस क्षेत्र में हुई?
यह घटना असम के होजाई जिले में नगांव साउथ डिविजन के तहत लंका रेंज के हवाईपुर क्षेत्र में किलोमीटर 167/8 के पास हुई।
हाथियों के झुंड के कारण किस ट्रेन को रोका गया था?
वन विभाग की सूचना पर डाउन राजधानी एक्सप्रेस को पटरियों पर रोक दिया गया था।
ट्रेन को समय पर कैसे रोका जा सका?
वन कर्मियों ने पटरियों की ओर बढ़ते हाथियों को देखकर लुमडिंग रेलवे कंट्रोल रूम से संपर्क किया, जिसने तुरंत लोको-पायलट को अलर्ट भेजकर ट्रेन रुकवाई।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वन कर्मियों की सतर्कता की सराहना की और कहा कि पटरियों के पास सुरक्षा गलियारे बनाए जा रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 मिनट पहले

यह घटना असम में मानव-वन्यजीव संघर्ष और रेलवे संपत्तियों के बीच संवेदनशील संतुलन को रेखांकित करती है। वन विभाग और रेलवे कंट्रोल रूम के बीच हुआ यह तात्कालिक समन्वय प्रशासनिक और जमीनी स्तर पर एक बेहतरीन उदाहरण है। हालांकि, इस तरह के संकट से स्थायी रूप से निपटने के लिए संवेदनशील पटरियों के आसपास तकनीकी निगरानी और स्वचालित चेतावनी प्रणालियों को और अधिक मजबूत करना होगा, ताकि हाथियों के गलियारों में भविष्य में ऐसी आकस्मिक आपदाओं को टाला जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।

Arjun Mehta@arjun-mehta·17 मिनट पहले

यह घटना दिखाती है कि जमीनी तालमेल से अनहोनी टल सकती है, लेकिन नीतिगत स्तर पर हमें केवल मानवीय सतर्कता पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। रेलवे पटरियों पर हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में सेंसर-आधारित अलार्म और एआई तकनीक को प्राथमिकता देना अब शासन की अनिवार्यता बन गया है। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ वन्यजीव गलियारों को सुरक्षित बनाना लोक नीति की प्राथमिकता होना चाहिए ताकि पर्यावरण संतुलन और परिवहन सुरक्षा दोनों बनी रहें।

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