राजस्थान के झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर स्थित नेतराम गर्ल्स कॉलेज में प्रशासनिक रवैये को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज के प्राचार्य पर एक छात्रा के साथ मारपीट करने, बाल खींचने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद गुस्साई छात्राओं ने कॉलेज परिसर के भीतर जमा होकर जोरदार हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि अनुशासन के नाम पर किसी भी विद्यार्थी के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कक्षा में हुई घटना और प्राचार्य पर आरोप
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी एसएफआई की जिला सचिव और छात्रा प्रतिनिधि प्रिया मिठारवाल ने बताया कि घटना के समय कुछ छात्राएं अपनी कक्षा में शांतिपूर्वक बैठी हुई थीं। इसी दौरान कॉलेज के प्राचार्य अचानक क्लासरूम में दाखिल हुए। उन्होंने वहां एक छात्रा को टेबल पर बैठे हुए देखा, जिससे वे अचानक आपा खो बैठे और अत्यधिक क्रोधित हो गए। आरोप है कि प्राचार्य ने छात्रा के बालों का जूड़ा पकड़कर पीछे की तरफ खींचा और उसके साथ सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस अचानक हुए दुर्व्यवहार से छात्रा मानसिक रूप से काफी सहम गई।
सुरक्षित वातावरण और निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के विरोध में उतरीं छात्राओं का नेतृत्व कर रही प्रिया मिठारवाल ने कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन बनाए रखना प्रबंधन का अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में किसी छात्रा से मारपीट या मानसिक दुर्व्यवहार करना पूरी तरह गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण है। छात्राओं ने जोर देकर कहा कि लड़कियों के कॉलेज में भयमुक्त, सुरक्षित और गरिमापूर्ण माहौल देना प्रशासन का पहला कर्तव्य है। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी प्राचार्य पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो ताकि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बहाल हो सके।
मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
छात्राओं के इस प्रदर्शन के कारण कॉलेज परिसर में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। एसएफआई नेता प्रिया मिठारवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक कॉलेज प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले पर त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका धरना प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर प्रशासनिक स्तर पर मामले को दबाने या आरोपी को बचाने का प्रयास किया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।



















