बाल वाटिकाओं में पढ़ाई का स्तर बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में समय-समय पर नई कोशिशें होती रहती हैं और अब अमेठी जिले ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिले की बाल वाटिकाओं में जल्द ही 130 ईसीसी स्पेशल एजुकेटर की तैनाती होने जा रही है, जिससे बाल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
130 खाली पदों के लिए जुटे हजारों उम्मीदवार
जिले में स्पेशल एजुकेटर के 130 पद खाली पड़े हैं और इन्हें भरने के लिए बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने फॉर्म भरकर पंजीकरण कराया है। पंजीकरण के बाद अब इन उम्मीदवारों की काउंसलिंग की प्रक्रिया चल रही है। तैनाती के बाद ये स्पेशल एजुकेटर बाल वाटिकाओं में बच्चों को पढ़ाएंगे और उन्हें प्राथमिक शिक्षा से लेकर आगे की पढ़ाई तक ठोस आधार देने का काम करेंगे।
सेवायोजन पोर्टल से करना होगा आवेदन
जो उम्मीदवार स्पेशल एजुकेटर ईसीसी बनना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले सेवायोजन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण पूरा होते ही उम्मीदवारों को हर जिले में खाली पड़े पदों की जानकारी समय-समय पर मिलती रहती है। इसके आधार पर वे अपनी शैक्षिक योग्यता के मुताबिक प्रदेश के किसी भी जिले में स्पेशल एजुकेटर का फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
उम्र 18 से 38 साल, ग्रेजुएशन जरूरी, सैलरी 14000 रुपये से ज्यादा
स्पेशल एजुकेटर बनने के लिए उम्मीदवार की उम्र 18 वर्ष से 38 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही पंजीकरण के समय कम से कम स्नातक यानी ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। चयनित होने वाले स्पेशल एजुकेटर को 14000 रुपये से अधिक की सैलरी हर महीने दी जाएगी।
मेरिट के आधार पर होगा चयन, अधिकारी ने कही यह बात
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी के मुताबिक, जिले में खाली पदों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। स्पेशल एजुकेटर अपनी काउंसलिंग पूरी कर रहे हैं और उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेरिट के आधार पर ही स्पेशल एजुकेटर की तैनाती बाल वाटिकाओं में की जाएगी, ताकि शिक्षा का स्तर बेहतर से बेहतर किया जा सके। संजय कुमार तिवारी ने यह भी कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ केवल योग्य उम्मीदवारों को ही स्पेशल एजुकेटर के तौर पर बाल वाटिकाओं में तैनात किया जाएगा।



















