नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित फिल्म 'हनुमान अंश' ने सिनेमाघरों में अपनी अप्रत्याशित सफलता से सबको हैरान कर दिया है। महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने टिकट खिड़की पर ऐसा तूफान खड़ा किया कि कुल कमाई करीब 280 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गई। बॉक्स ऑफिस पर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने से पहले फिल्म की पूरी टीम भारी असमंजस और डर के दौर से गुजरी थी। दरअसल इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के सामने एक बड़ी चुनौती तब खड़ी हुई, जब इसी विषय पर बनी एक अन्य फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह नाकाम रही थी।
पिछली बायोपिक की विफलता से पैदा हुआ था भारी संशय
'हनुमान अंश' के बड़े पर्दे पर आने से 69 दिन पहले नीम करौली बाबा के जीवन पर ही आधारित एक और बायोपिक 'श्री बाबा नीब करौरी महाराज' 29 मई को रिलीज की गई थी। वह फिल्म सिनेमाघरों में कब आई और कब उतर गई, इसका दर्शकों को भनक तक नहीं लगी। इस पूर्ववर्ती फिल्म की भयंकर असफलता ने 'हनुमान अंश' के निर्माताओं के मन में गहरी शंका भर दी थी। उन्हें यह अंदेशा सताने लगा था कि कहीं बाबा पर बनी उनकी फिल्म का हश्र भी वैसा ही न हो जाए। इसी घबराहट और अनिश्चितता के कारण टीम ने अपनी तय रिलीज योजना में बदलाव करने का कठोर फैसला लिया।
कैंची धाम स्थापना दिवस से टालनी पड़ी थी रिलीज तारीख
शुरुआती योजना के अनुसार, फिल्म को कैंची धाम के स्थापना दिवस 15 जून के पावन अवसर को ध्यान में रखकर 19 जून को सिनेमाघरों में उतारने की तैयारी थी। लेकिन 29 मई को दूसरी फिल्म के फ्लॉप होने के बाद निर्माताओं ने अपने कदम पीछे खींच लिए। रिलीज को पूरे 2 महीने आगे खिसका दिया गया। रिलीज टलने के बावजूद निर्माताओं और कलाकारों का अपनी श्रद्धा और कहानी पर भरोसा नहीं डिगा। आखिरकार यह फिल्म 7 अगस्त को दर्शकों के सामने पेश की गई, हालांकि शुरुआत बेहद कठिन परिस्थितियों में हुई थी।
शुरुआती तीन पर्दों से सोशल मीडिया पर फैली चर्चा की लहर
7 अगस्त को जब 'हनुमान अंश' रिलीज हुई, तब इसे शुरुआत में महज 3 थिएटर्स में ही स्क्रीन मिल सकी थी। इतने छोटे स्तर पर रिलीज होने के बाद भी धीरे-धीरे दर्शकों पर इसका गहरा असर दिखने लगा। जो भी दर्शक हॉल से बाहर निकलता, वह गहरी भक्ति भावना और संतुष्टि से सराबोर दिखाई देता था। दर्शकों की व्यक्तिगत सिफारिशों ने माहौल पूरी तरह बदल दिया। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर फिल्म के कई वीडियो क्लिप वायरल होने लगे। इस जबरदस्त चर्चा के दम पर दर्शकों की भीड़ सिनेमाघरों की ओर उमड़ पड़ी और स्क्रीन की संख्या के साथ कमाई के आंकड़े भी आसमान छूने लगे।
2 करोड़ के बजट से 280 करोड़ रुपये तक की लंबी छलांग
फिल्म निर्माण में विशाल चतुर्वेदी और अनुप्रिया नागर ने जो अटूट विश्वास बनाए रखा था, उसका प्रतिफल ऐतिहासिक साबित हुआ। किसी को भी यह गुंजाइश नहीं दिख रही थी कि 2 करोड़ रुपये की छोटी लागत से बनी यह फिल्म 200 करोड़ रुपये का मील का पत्थर पार कर लेगी। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने लगभग 280 करोड़ रुपये की हैरान कर देने वाली कमाई दर्ज करा ली है। अब यह जादुई आंकड़ा 280 करोड़ रुपये को पार करने से मात्र 20 लाख रुपये दूर रह गया है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा।
ऐन वक्त पर मुख्य अभिनेता की बीमारी और शोभिनव सत्या का चयन
फिल्म में नीम करौली बाबा का मुख्य किरदार शोभिनव सत्या ने निभाया है। इस अहम भूमिका के लिए उनका चयन भी बेहद नाटकीय घटनाक्रम के बीच हुआ था। शूटिंग शुरू होने से पहले इस किरदार के लिए किसी अन्य अभिनेता को चुना गया था। लेकिन ऐन वक्त पर उस मुख्य कलाकार की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सेट पर मौजूद सभी लोग इस अप्रत्याशित संकट से परेशान हो उठे और नौबत यहां तक आ गई कि शूटिंग रोकने का विचार होने लगा। उसी गंभीर घड़ी में निर्माताओं का ध्यान शोभिनव सत्या की ओर गया।
लंबा ऑडिशन और दबाव के बीच बनी इतिहास रचने वाली टीम
हालात भले ही नाजुक थे और काम रुकने की कगार पर था, लेकिन निर्माताओं ने किसी जल्दबाजी या दबाव में आकर शोभिनव को यह भूमिका नहीं सौंपी। शोभिनव का करीब 4 से 5 घंटे तक कड़ा और विस्तृत ऑडिशन लिया गया। इस लंबे परीक्षण के दौरान अभिनेता खुद भी दबाव और आत्म-संदेह के घेरे में आ गए थे। हालांकि मेकर्स ने उनका मनोबल गिरने नहीं दिया और उन पर पूरा भरोसा जताया। पूरी टीम के इसी तालमेल और समर्पण के बल पर 'हनुमान अंश' ने सिनेमा के इतिहास में एक अविश्वसनीय अध्याय जोड़ दिया है।

















