राम मंदिर निर्माण के बाद भव्य रूप ले चुकी पावन नगरी अयोध्या में अब प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन अपने पिता और प्रख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में एक धर्मशाला बनवाने की तैयारी कर रहे हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रामनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और आम पर्यटकों को ठहरने का एक व्यवस्थित और सुलभ विकल्प उपलब्ध कराना है। धर्मशाला निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण के समक्ष मानचित्र स्वीकृति का औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर नियमानुसार कार्यवाही जारी है।
दशरथ पथ पर निजी कंपनी की परियोजना में ली गई जमीन
अमिताभ बच्चन ने पिछले दिनों अयोध्या में दशरथ पथ के निकट एक निजी रियल एस्टेट कंपनी के जरिए जमीन खरीदी थी। यह भूखंड दशरथ पथ के समीप विकसित हो रही एक प्रॉपर्टी कंपनी की परियोजना का हिस्सा है। इसी जमीन पर अब हरिवंश राय बच्चन के नाम पर धर्मशाला का ढांचा खड़ा किया जाएगा। राम मंदिर के लोकार्पण के बाद से अयोध्या आने वाले भक्तों की तादाद में भारी उछाल दर्ज किया गया है। ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों पर आवासीय और विश्राम स्थलों की भारी मांग देखी जा रही है, जिसे पूरा करने में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
20 से अधिक कमरों का होगा परिसर, आपत्ति प्रक्रिया शुरू
अयोध्या विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित धर्मशाला में 20 से अधिक कमरों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य धरातल पर शुरू करने से पहले विधिक प्रक्रियाओं के तहत मानचित्र की गहन जांच की जा रही है। विकास प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव पर जनसामान्य और संबंधित पक्षों से आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित करने के लिए इसे सार्वजनिक रूप से समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया है। नियत समय सीमा के भीतर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा, जिसके उपरांत प्राधिकरण सभी दस्तावेजों और प्रस्ताव के तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण करेगा। सभी मानक पूरे होने के बाद ही नक्शे को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना: श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने इस परियोजना के संबंध में स्पष्ट किया कि आज के समय में अयोध्या जिस भव्य स्वरूप में दुनिया के सामने दिख रही है, उसमें देश की प्रमुख हस्तियों का भी सक्रिय सहयोग शामिल रहा है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अमिताभ बच्चन की तरफ से धर्मशाला निर्माण का नक्शा स्वीकृति आवेदन दाखिल हुआ है। अनुराग जैन के अनुसार, 20 कमरों से बड़ी यह इमारत खासकर दूर-दराज के इलाकों से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बेहद मददगार होगी। वर्तमान में आपत्तियों के निस्तारण और परीक्षण की औपचारिक प्रक्रिया चल रही है, जिसके संपन्न होते ही निर्माण के लिए मानचित्र को आधिकारिक स्वीकृति दे दी जाएगी।

















