सिनेमाघरों में हर फिल्म की तकदीर केवल बड़े सितारों, भारी-भरकम बजट और ताबड़तोड़ ओपनिंग पर ही निर्भर नहीं करती है। कई बार कोई फिल्म बिना किसी शोर-शराबे के पर्दे पर उतरती है और शुरुआती दिनों में बेहद सामान्य प्रदर्शन करती है। लेकिन जैसे-जैसे दर्शकों की जुबान पर उसका नाम चढ़ता है, उसकी कमाई की रफ्तार आसमान छूने लगती है। 'हनुमान अंश' इन दिनों इसी वजह से चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म ने शुरुआती दौर के सुस्त प्रदर्शन के बाद जिस तरह दर्शकों का अटूट साथ हासिल किया, उसने बॉक्स ऑफिस का पूरा गणित ही बदल दिया। हालांकि हिंदी सिनेमा के इतिहास में यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी फिल्म ने ऐसा कारनामा किया हो। इंडस्ट्री में पहले भी कई ऐसी बेमिसाल फिल्में आई हैं जिन्होंने बिना किसी बड़े स्टारडम और भारी प्रमोशन के धीरे-धीरे अपनी जगह बनाई और बाद में जबरदस्त कमाई के नए रिकॉर्ड कायम किए। इनमें से कुछ फिल्मों की सफलता इतनी हैरान करने वाली रही कि बॉक्स ऑफिस के ट्रेड पंडित भी उनके आंकड़े देखकर चौंक गए थे। आज हम आपको उन सात फिल्मों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं जो बॉक्स ऑफिस पर असली स्लीपर हिट साबित हुईं।
मुंज्या और हॉरर-कॉमेडी का जादू
साल 2024 की हॉरर-कॉमेडी 'मुंज्या' इस फॉर्मूले का एक बेहद दिलचस्प और कामयाब उदाहरण बनकर उभरी। शरवरी वाघ, अभय वर्मा और मोना सिंह जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म के साथ शुरुआत में कोई बहुत बड़ा सुपरस्टार जुड़ा हुआ नहीं था। मराठी लोककथा पर आधारित इसकी अनूठी कहानी ने पहले तो केवल एक सीमित स्तर पर ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। लेकिन जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर इसका बज बढ़ना शुरू हुआ और सिनेमाघरों से दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आने लगी, फिल्म की कमाई की रफ्तार लगातार तेज होती चली गई। निर्देशक आदित्य सरपोतदार ने भी एक साक्षात्कार में इसकी इस शानदार सफलता में वर्ड ऑफ माउथ की बड़ी भूमिका का विशेष रूप से जिक्र किया था, जिसने फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस का घोड़ा बना दिया था।
तुम्बाड का अनोखा और दमदार सफर
सोहम शाह की बहुचर्चित फिल्म 'तुम्बाड' जब साल 2018 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तब वह उस समय उतनी चर्चा में नहीं थी जितनी आज के दौर में है। राही अनिल बर्वे के कुशल निर्देशन में तैयार की गई इस डरावनी और रहस्यमयी हॉरर फिल्म को समीक्षकों से तो अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसे अपनी ऑडियंस तैयार करने में थोड़ा वक्त लगा। इसका असली और ऐतिहासिक कमाल तो इसके साल 2024 के री-रिलीज के दौरान देखने को मिला। फिल्म ने अपनी पहली रिलीज के कुल जीवनकाल की कमाई को महज सात दिनों के भीतर ही पीछे छोड़ दिया। साल 2024 में जब यह दोबारा पर्दे पर आई, तो इसके री-रिलीज कलेक्शन ने करीब 32 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया, जो अपने आप में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ।
12वीं फेल की प्रेरणादायक कहानी
विक्रांत मैसी और मेधा शंकर की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ’12वीं फेल’ साल 2023 में बिना किसी बड़े स्टारडम और भारी-भरकम प्रचार के सिनेमाघरों में पहुंची थी। यह फिल्म आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा की प्रेरणादायक वास्तविक जिंदगी के संघर्षों से गहराई से जुड़ी हुई थी। इसकी शुरुआत भले ही किसी बड़ी मसाला फिल्म जैसी भव्य नहीं रही थी, लेकिन दर्शकों की बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ ने इसे लगातार सिनेमाघरों में मजबूती से बनाए रखा। धीरे-धीरे इस फिल्म की चर्चा हर तरफ फैल गई और यह देखते ही देखते साल की सबसे चर्चित हिंदी फिल्मों की सूची में शामिल हो गई। इसका यह प्रेरणादायक सफर साबित करता है कि यदि कंटेंट में दम हो तो एक छोटी शुरुआत भी एक लंबे और सफल थिएट्रिकल रन में बदल सकती है।
अंधाधुन का घरेलू और वैश्विक धमाल
आयुष्मान खुराना, तब्बू और राधिका आप्टे जैसे मंजे हुए कलाकारों से सजी 'अंधाधुन' भी शुरुआत में सिनेमाघरों में कोई बहुत बड़ी मसाला ब्लॉकबस्टर फिल्म जैसी नजर नहीं आ रही थी। श्रीराम राघवन के बेहतरीन निर्देशन में बनी इस मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्म ने अपने रिलीज के पहले दिन भारत में महज 2.70 करोड़ रुपये के आसपास ही कमाई की थी। हालांकि इसके बाद इस थ्रिलर के कलेक्शन में लगातार उछाल आता चला गया। भारत के भीतर इस फिल्म का कुल नेट कलेक्शन करीब 74.59 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा। केवल देश में ही नहीं, बल्कि चीन के अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी इस फिल्म ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया और वहां लगभग 47.11 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया, जिसने सबको हैरान कर दिया।
कांतारा ने तोड़ी भाषा की तमाम सीमाएं
ऋषभ शेट्टी के निर्देशन और अभिनय से सजी कन्नड़ फिल्म 'कांतारा' ने पूरी दुनिया को यह दिखा दिया कि क्षेत्रीय सिनेमा की दमदार कहानी किसी भी भाषा की सीमा में बंधकर नहीं रह सकती। इस फिल्म ने स्थानीय लोककथाओं, ग्रामीण जीवन के संघर्षों, आध्यात्मिकता और शानदार एक्शन को एक साथ खूबसूरती से पिरोया था। शुरुआत में इसे मुख्य रूप से कर्नाटक के स्थानीय कन्नड़ दर्शकों के बीच ही रिलीज किया गया था, लेकिन जैसे-जैसे देश भर से पॉजिटिव रिव्यूज आने लगे, इसका दायरा तेजी से फैलता चला गया। फिल्म ने अपनी रिलीज के महज 53 दिनों के भीतर ही 400 करोड़ रुपये के विशालकाय वर्ल्डवाइड ग्रॉस का जादुई आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया था।
हनु-मैन और पौराणिक सुपरहीरो का सफर
तेजा सज्जा की मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'हनु-मैन' ने साल 2024 में मकर संक्रांति के पर्व के दौरान बॉक्स ऑफिस पर बड़े और कड़े मुकाबले के बीच अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई। इस फिल्म में एक आधुनिक सुपरहीरो की कहानी को समृद्ध भारतीय पौराणिक संदर्भों के साथ बहुत ही रोचक तरीके से जोड़ा गया था। रिलीज के शुरुआती दौर में इसके सामने बॉक्स ऑफिस पर पहले से स्थापित बड़े सितारों की फिल्मों की बहुत बड़ी चुनौती खड़ी थी, लेकिन दर्शकों से मिले जबरदस्त समर्थन ने इसे बॉक्स ऑफिस की लंबी रेस में सबसे आगे पहुंचा दिया। फरवरी 2024 तक आते-आते इस फिल्म ने अपनी रिलीज के महज 25 दिनों के भीतर ही 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम वर्ल्डवाइड कलेक्शन हासिल कर लिया था।
भेजा फ्राई का कम बजट और बड़ा कमाल
साल 2007 में आई कॉमेडी फिल्म 'भेजा फ्राई' इस खास स्लीपर हिट ट्रेंड का एक पुराना और बेहद शानदार उदाहरण मानी जाती है। विनय पाठक, रजत कपूर और रणवीर शौरी जैसे बेहतरीन हास्य कलाकारों से सजी यह फिल्म एक अत्यंत सीमित और छोटे बजट में तैयार की गई थी। रिलीज होने से पहले इसका कोई बहुत बड़ा स्टारडम या कोई भारी-भरकम प्रमोशनल कैंपेन नहीं चलाया गया था। इसके बावजूद दर्शकों ने इसकी अनूठी कॉमेडी और बेहतरीन अभिनय को दिल से पसंद किया और फिल्म सिनेमाघरों में लगातार टिकी रही। इस फिल्म का कुल बजट महज 1.5 करोड़ रुपये के आसपास था, जबकि इसने अकेले भारत के भीतर लगभग 8.98 करोड़ रुपये का शानदार नेट कलेक्शन अपने नाम किया था।



















