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एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने वाले कुमार सानू के संघर्ष की कहानी, जगजीत सिंह के घर में 12 कुत्तों से हुआ था सामनामनोरंजन
24 अक्तू॰ 2026, 12:05 am (6 दिन पहले)· 2

एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने वाले कुमार सानू के संघर्ष की कहानी, जगजीत सिंह के घर में 12 कुत्तों से हुआ था सामना

कुमार सानू ने अपने शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष किया और जगजीत सिंह से पहली मुलाकात के दौरान उनके घर पर 12 कुत्तों का सामना किया था। राहुल रॉय की फिल्म आशिकी ने उन्हें रातोंरात संगीत जगत का चमकता सितारा बना दिया।

नब्बे के दशक में अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाले कुमार सानू का शुरुआती सफर आसान नहीं रहा था। हिंदी सिनेमा के इस दिग्गज गायक के जीवन से जुड़े कई ऐसे अनसुने किस्से हैं जो उनके कड़े संघर्ष और संगीत के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं। एक समय ऐसा भी था जब वह कोलकाता के एक होटल में गाना गाकर अपनी आजीविका चलाते थे और मुंबई आने के लिए उन्होंने अपने भाई से पैसे उधार लिए थे। संगीत की दुनिया में उनकी यह यात्रा तमाम बाधाओं को पार करते हुए एक बड़ी सफलता की मिसाल बन गई।

संगीत से जुड़ा बचपन और कोलकाता के शुरुआती दिन

अक्टूबर 1957 की बीसवीं तारीख को जन्मे इस प्रसिद्ध कलाकार का वास्तविक नाम केदारनाथ भट्टाचार्य था। उनके पिता पशुपति नाथ भट्टाचार्य शिव भक्त थे, जिसके कारण उन्होंने अपने बेटे का यह नाम रखा था। कुमार सानू को बचपन से ही कला और संगीत के प्रति गहरा लगाव था। इसी शौक के चलते उन्होंने साल 1979 में मंच पर प्रस्तुतियां देना शुरू कर दिया था। उस वक्त वह कोलकाता में निवास करते थे और एक होटल में गायक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उस नौकरी से उन्हें हर महीने लगभग चार हजार रुपये की आमदनी होती थी, लेकिन उनके सपने इससे कहीं अधिक बड़े थे और वह हिंदी फिल्म उद्योग में अपनी किस्मत आजमाने की इच्छा रखते थे।

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मुंबई का सफर और जगजीत सिंह से अनोखी मुलाकात

मुंबई आने के लिए उन्होंने अपने बड़े भाई से ग्यारह सौ रुपये उधार लिए थे। मायानगरी में शुरुआती संघर्ष के दौरान उन्हें आराधना गेस्ट हाउस में काम मिल गया। संयोगवश उसी गेस्ट हाउस के स्टूडियो में जाने-माने गजल गायक जगजीत सिंह भी अपनी रचनाएं रिकॉर्ड कराने के लिए आते थे। एक दिन कुमार सानू स्टूडियो में किशोर कुमार के गीत गा रहे थे, तभी जगजीत सिंह ने उनकी आवाज सुनी और वह काफी प्रभावित हुए। उन्होंने युवा गायक से मिलने की इच्छा जताई जो उस दौर के संघर्षरत कलाकार के लिए एक बहुत बड़ा अवसर था।

घर में बारह कुत्ते और इंतजार का मजेदार वाकया

जब कुमार सानू जगजीत सिंह से मिलने उनके आवास पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर वह हैरान रह गए। उन्होंने दिग्गज गायक के चरण स्पर्श किए और मुलाकात के अगले दिन दोपहर बारह बजे उनके घर आने का निमंत्रण पाया। जब वह निश्चित समय पर वहां पहुंचे, तो उन्हें बैठक कक्ष में इंतजार करने को कहा गया। उस हॉल में लगभग बारह कुत्ते मौजूद थे। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह पूरी तरह शांत होकर बैठे रहे, लेकिन जब उन्होंने हारमोनियम की तरफ हाथ बढ़ाया तो सामने बैठे कुछ कुत्ते भौंकने लगे। उस स्थिति में उनके लिए अपनी जगह से हिलना भी मुश्किल हो गया था और उन्हें वैसे ही बैठकर इंतजार करना पड़ा।

संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी से मुलाकात के बाद उन्हें अपना नाम बदलने की सलाह मिली क्योंकि लोग उन्हें प्यार से सानू पुकारते थे। इसके बाद उन्होंने कुमार सानू के नाम से अपनी पहचान बनाई। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, नौशाद और आरडी बर्मन जैसे नामी संगीतकारों के साथ काम करने के बाद उनकी जिंदगी में वह ऐतिहासिक मोड़ आया जब साल 1990 में फिल्म आशिकी प्रदर्शित हुई। इस फिल्म के गीतों ने उन्हें रातोंरात बुलंदियों पर पहुंचा दिया और वह देश के सबसे चहेते गायकों में शामिल हो गए। उन्होंने लगातार पांच बार फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम किए और एक ही दिन में अट्ठाइस गाने रिकॉर्ड करके गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।

सवाल-जवाब

कुमार सानू का मूल नाम क्या था?
कुमार सानू का वास्तविक नाम केदारनाथ भट्टाचार्य था।
कुमार सानू ने मुंबई जाने के लिए कितने रुपये उधार लिए थे?
उन्होंने मुंबई पहुंचने के लिए अपने बड़े भाई से ग्यारह सौ रुपये उधार लिए थे।
कुमार सानू की किस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया?
साल 1990 में प्रदर्शित फिल्म आशिकी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था।
कुमार सानू ने एक दिन में कितने गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड बनाया था?
उन्होंने एक ही दिन में अट्ठाइस गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड बनाया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·5 दिन पहले

कुमार सानू की संघर्ष भरी कहानी पढ़कर सचमुच अच्छा लगा कि कैसे उन्होंने एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड बनाया। जगजीत सिंह के घर 12 कुत्तों वाला किस्सा भी बहुत दिलचस्प था। वैसे क्या सच में उन्होंने वो 28 गाने एक ही दिन में बिना किसी ब्रेक के गाए थे?

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·5 दिन पहले

कुमार सानू की आवाज का जादू ही कुछ और था। एक दिन में अट्ठाइस गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड आज के समय में सोचना भी नामुमकिन लगता है। जगजीत सिंह वाले कुत्तों के किस्से ने सच में हैरान कर दिया, संघर्ष के बिना मुकाम नहीं मिलता।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·5 दिन पहले

स्नेह जी, बिल्कुल सही कहा आपने! 28 गाने एक दिन में गाना किसी चमत्कार से कम नहीं है और वो कुत्तों वाला किस्सा वाकई मजेदार था।

Tanvi Desai@tanvi-desai·5 दिन पहले

एक दिन में अट्ठाइस गाने रिकॉर्ड करना थोड़ा अजीब लगता है, इतनी देर कोई कैसे गा सकता है।

Aisha Khan@aisha-khan·5 दिन पहले

तनवी जी, एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करना वाकई हैरान करने वाला है, लेकिन सानू साहब की आवाज़ का जादू ही कुछ ऐसा था।

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