रांची की रहने वाली उषा बताती हैं कि ओल की सब्जी का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि इसके आगे मांसाहारी व्यंजन भी फीके पड़ सकते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहले ओल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटना जरूरी है। इसके बाद एक बर्तन में गर्म पानी लेकर उसमें नींबू का रस और नमक मिला लें और फिर ओल के टुकड़ों को उस पानी में अच्छी तरह उबाल लें। ऐसा करने से ओल खाने पर गले या जीभ में चुभता नहीं है और इसका स्वाद भी काफी बढ़ जाता है। इस महत्वपूर्ण चरण को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और हमेशा नींबू व नमक के पानी का ही उपयोग करें।
उबालने के बाद ओल के टुकड़ों को पानी से निकालकर कड़ाही में गर्म तेल में अच्छी तरह से तल लें। इन्हें तब तक तलना चाहिए जब तक कि इनका रंग सुनहरा भूरा यानी गोल्डन ब्राउन न हो जाए। अगर घर के छोटे बच्चे सीधे तौर पर ओल खाना पसंद नहीं करते हैं, तो आप उनके लिए इसमें थोड़े से आलू के टुकड़े भी साथ में तलकर मिला सकते हैं। इसके बाद सब्जी के लिए स्वादिष्ट मसाले की तैयारी करनी होती है, जो इसके स्वाद को और अधिक बढ़ा देता है।
मसाला तैयार करने के लिए प्याज, टमाटर, दालचीनी, तेजपत्ता, काली मिर्च, जीरा, हल्दी, धनिया पाउडर, मिर्च मसाला और इलायची जैसी सामग्रियों को इकट्ठा करना होता है। इन सभी मसालों को पीसकर एक बारीक पेस्ट बना लें और फिर उसे गर्म तेल में डालकर सुनहरा होने तक भून लें। मसाले को तब तक भूनना चाहिए जब तक वह किनारों से तेल न छोड़ने लगे और फिर इसमें पहले से फ्राई करके रखे गए ओल के टुकड़े मिला दें।
मसालों और ओल को आपस में मिलाने के बाद इसे बहुत ज्यादा देर तक पकाने या तलने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि मसाला पहले ही भुन चुका होता है और ओल भी पहले से तला हुआ होता है। ऐसे में दोनों चीजों को कड़ाही में दो-तीन बार अच्छी तरह चलाकर अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार थोड़ा सा पानी मिला देना चाहिए।
आप अपनी पसंद के मुताबिक जितनी ग्रेवी रखना चाहते हैं, उस हिसाब से पानी की मात्रा तय कर सकते हैं और फिर इसे लगभग 10 से 15 मिनट के लिए पकने दें। इतने समय में आपकी स्वादिष्ट सब्जी बनकर पूरी तरह तैयार हो जाती है, जिसके बाद ऊपर से कसूरी मेथी छिड़ककर इसे गरमा-गरम परोसा जा सकता है। इस तरीके से बनी सब्जी को खाने वाले अपनी उंगलियां चाटते रह जाएंगे।





















