सिनेमाघरों में हाल ही में रिलीज हुई फिल्म हनुमान अंश ने अपनी अप्रत्याशित कमाई से हर किसी को चौंका दिया है। महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 410 करोड़ रुपये बटोर लिए हैं। साल 2026 की सबसे अधिक मुनाफा दर्ज करने वाली इस प्रस्तुति के बाद अब ओटीटी और टेलीविजन जगत ने भी इसी विषय की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में नीम करोली बाबा के जीवन और चमत्कारों पर आधारित एक नए शो का ऐलान किया गया है, जिसका शुरुआती प्रोमो सामने आते ही दर्शकों के बीच तेज बहस छिड़ गई है।
सोनी लिव का नया टीजर और एआई प्रोमो
ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव और टेलीविजन चैनल सोनी टीवी पर इस नए प्रोजेक्ट को प्रसारित करने की योजना बनाई गई है। बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक टीजर वीडियो में नीम करोली बाबा के स्वरूप में एक कलाकार को नदी के किनारे हाथ जोड़े खड़ा दिखाया गया है। हालांकि, निर्माताओं ने इस शो से जुड़ी अधिकांश अहम जानकारियों को अभी गोपनीय रखा है।
सामने आया प्रोमो वीडियो मुख्य रूप से एआई तकनीक की मदद से तैयार किया गया प्रतीत होता है। इसमें न तो मुख्य कलाकारों के नामों का खुलासा किया गया है और न ही निर्माण से जुड़ी टीम की कोई जानकारी साझा की गई है। अभी केवल इतना स्पष्ट किया गया है कि इस धारावाहिक में बाबा के आध्यात्मिक सफर, उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों और उनसे जुड़े चमत्कारों को विस्तार से पर्दे पर उतारा जाएगा।
दर्शकों की तीखी प्रतिक्रिया और व्यावसायिक लाभ के आरोप
जैसे ही इस शो की पहली झलक डिजिटल माध्यमों पर साझा की गई, वैसे ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहाँ कुछ लोग बाबा के जीवन को धारावाहिक के रूप में देखने के लिए उत्सुक दिखे, वहीं बड़ी संख्या में दर्शकों ने इस समय पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स का मानना है कि मनोरंजन जगत किसी एक विषय की सफलता देखकर तुरंत उसके पीछे भागने लगता है।
कमेंट सेक्शन में कई दर्शकों ने सीधे तौर पर नाराजगी जाहिर की। एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की कि इसकी अभी बिल्कुल जरूरत नहीं थी, क्योंकि दर्शकों ने पहले ही सिनेमाघरों में इस विषय को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ देखा है। एक अन्य टिप्पणी में कहा गया कि अब एक प्रोजेक्ट के सफल होते ही पूरा देश इसी विषय पर फिल्में और शो बनाने की कतार में लग जाएगा।
सच्चाई और आस्था के प्रस्तुतिकरण पर सवाल
नाराज दर्शकों का एक बड़ा तबका इस बात को लेकर भी आशंकित है कि व्यावसायिक लाभ कमाने के चक्कर में ऐतिहासिक और आध्यात्मिक तथ्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है। एक यूजर ने कड़े शब्दों में लिखा कि एक फिल्म के सफल होते ही नया कारोबार शुरू कर दिया गया है, जहाँ आधी सच्ची और आधी मनगढ़ंत कहानियों के जरिए दर्शकों को भ्रमित करने की कोशिश होगी।
कुछ अन्य लोगों ने भी निर्माताओं पर आस्था को भुनाने की चालाकी करने का आरोप लगाते हुए इस तरह की परियोजनाओं पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि, कुछ संतुलित राय रखने वाले दर्शकों ने यह उम्मीद भी जताई कि अगर शो बन ही रहा है, तो मेकर्स को बाबा के जीवन के हर पहलू को पूरी संवेदनशीलता और प्रामाणिकता के साथ पेश करना चाहिए।


















